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मिट्टी घोटाला : चीफ सेक्रेटरी ने जांच करने के लिए कहा, किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई

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मिट्टी घोटाला : चीफ सेक्रेटरी ने जांच करने के लिए कहा, किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई

मिट्टी घोटाले में चीफ सेक्रेटरी ने लालू यादव के परिवार को क्लीन चिट नहीं दी है.

खास बातें

  1. राजद और बीजेपी के बीच मिट्टी प्रकरण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी
  2. मॉल की भूमिगत पार्किंग से निकली मिट्टी संजय गांधी जैविक उद्यान को बेची
  3. सुशील मोदी ने केंद्रीय ज़ू अथॉरिटी से एक जांच दल भेजने का आग्रह किया
पटना:

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी में मिट्टी प्रकरण पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है. जहां एक और राष्ट्रीय जनता दल के नेता दावा कर रहे हैं कि इस मुद्दे पर मुख्य सचिव ने वन विभाग की रिपोर्ट से संतुष्ट होकर क्लीन चिट दे दी है वहीं राज्य के वन विभाग के अधिकारी कुछ और ही कह रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि क्लीन चिट तो दूर राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने विभाग को इस बात की जांच कराने के लिए कहा है कि पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में जो नौ लाख की मिट्टी आई उसका स्रोत क्या है? साथ ही उद्यान में मिट्टी की इतनी ऊंची सड़क का औचित्य क्या है?

हालांकि अभी तक राष्ट्रीय जनता दल का दवा था कि जैविक उद्यान में सारे काम मुख्य सचिव ने एक जांच के बाद सही पाए हैं. लेकिन इस मामले में राज्य के वन विभाग का कहना है कि न तो अभी तक कोई जांच का आदेश हुआ है और न  ही  किसी को बेदाग माना गया है.

इस बीच राष्ट्रीय जनता दल ने सोमवार को अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह से एक संवाददाता सम्मेलन करवाया. इसमें सिंह, जो राज्य के पूर्व वन मंत्री रह चुके हैं, ने सुशील मोदी पर हमला बोला. जगदानंद सिंह ने कागजात देते हुए दावा किया कि राज्य के वन विभाग में टेंडर के आधार पर कार्य नहीं होता है. सिंह ने यहां तक कहा कि जब मोदी नीतीश सरकार में मंत्री थे तब 628 का काम हुआ लेकिन उसके लिए कभी टेंडर नहीं निकाले गए. जगदानंद ने नीतीश कुमार को भी इस प्रकरण में घसीटते हुए कहा कि अगर बिना टेंडर के 90 लाख के कार्य को अवैध मान लिया जाए तो फिर राजग के दूसरे कार्यकाल में बिना टेंडर के 631 करोड़ के खर्चे पर भी प्रश्न खड़ा हो जाएगा.  


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हालांकि सोमवार की शाम जगदानंद के संवाददाता सम्मलेन के बारे में पूछे जाने पर बीजेपी नेता सुशील मोदी का कहना था कि वे अब मिट्टी प्रकरण को बहुत ज्यादा महत्व नहीं देना चाहते क्योंकि अब यह पूरा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि पिछले कुछ वर्षों में लालू यादव ने अपनी बेनामी सम्पत्ति कैसे अपने परिवार के लोगों के नाम की. और जहां तक क्लीन चिट देने का प्रश्न है, वह वन विभाग के अधिकारियों ने लालू यादव को बचाने के लिए उनके मुताबिक तैयार किया. हालांकि मोदी ने केंद्रीय ज़ू अथॉरिटी को एक पत्र लिखकर पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में एक जांच दल भेजने का आग्रह किया है.   

दरअसल इस पूरे विवाद की जड़ में है पटना के बेली रोड पर लालू यादव के परिवार के लोगों के स्वामित्व वाली जमीन पर एक माल का निर्माण. मोदी ने आरोप लगाया था कि इस मॉल की अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए जो मिट्टी निकली गई वह पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में बेची गई और इसके लिए रात में नियमों का उल्लंघन कर काम किया जाता था. बाद में वन विभाग ने सफाई दी कि यह काम 90 लाख का नहीं बल्कि मात्र 40 लाख का था. लालू यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव फिलहाल राज्य के वन मंत्री हैं और इस पूरे विवाद पर अभी तक उन्होंने कुछ भी नहीं कहा है.



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