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बिहार : 12वीं कक्षा में फेल छात्रों ने शुरू की हड़ताल, रोके गए बस और ट्रेन मार्ग

बिहार राज्य की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 12 में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल होने के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने गुरुवार को राज्य में ट्रेन और सड़क सेवाओं को निशाना बनाया.

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बिहार : 12वीं कक्षा में फेल छात्रों ने शुरू की हड़ताल, रोके गए बस और ट्रेन मार्ग

खराब परीक्षा परिणाम को लेकर बिहार में छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. विज्ञान, कला और वाणिज्य के सफल विद्यार्थियों का औसत 35.24 था
  2. परीक्षा में बैठे 12,40,168 छात्रों में से 4,47,115 विद्यार्थी सफल हुए थे
  3. कम रिजल्ट को लेकर बिहार के विभिन्न छात्र संगठन आंदोलन पर हैं
पटना: बिहार राज्य की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 12 में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल होने के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने गुरुवार को राज्य में ट्रेन और सड़क सेवाओं को निशाना बनाया. हाथों में झंडों और बैनरों को लिए सैकड़ों विद्यार्थियों ने आरा, पटना, वैशाली, बेगुसराय, जहानाबाद और गया जिलों में बलपूर्वक ट्रेनों को रोकने की कोशिश की. आंदोलन कर रहे छात्रों ने राष्ट्रीय और राज्य के राजमार्गों को अवरुद्ध करने के अलावा कई स्थानों पर सड़क यातायात को भी बाधित किया. 

यह हड़ताल बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) द्वारा कराई गई परीक्षा में कक्षा 12 में आठ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के फेल होने के खिलाफ शुरू की गई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि असफल विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन या सत्यापन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके परिणाम एक महीने के अंदर आएंगे. उन्होंने यह भी वादा किया कि बीएसईबी जल्द ही कंपार्टमेंटल परीक्षा का आयोजन करेगा.

पुलिस ने कहा कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को आठवें दिन जारी रहा. कक्षा 12 में असफल होने वाले हजारों विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और उच्च अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाई करने की लगातार मांग कर रहे हैं.

2017 में हुई परीक्षाओं के परिणाम में विज्ञान, कला और वाणिज्य विषय के विद्यार्थियों के सफल होने का औसत 35.24 था. परीक्षा में बैठने वाले 12,40,168 में से मात्र 4,47,115 विद्यार्थी सफल हुए थे. सरकार का कहना है कि अधिकारियों द्वारा नकल पर लगाम लगाने के सख्त तरीके अपनाने के बाद यह परिणाम आया है.

बीएसईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में फेल होना परीक्षाओं को धोखाधड़ी से मुक्त बनाने के लिए उठाए गए कठोर प्रयासों को बताता है. परीक्षा स्थलों के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे और परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी कराई गई थी.

(इनपुट आईएएनएस से)


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