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सुशील मोदी ने लालू यादव पर लगाए ताजा आरोप, किया एक और 'विवादित' संपत्ति का खुलासा

सुशील मोदी द्वारा जारी कागजात के अनुसार शमीम और उनकी पत्नी ने इसी जमीन के प्लॉट को 2005 में राबड़ी देवी के नाम पावर ऑफ़ अटॉर्नी से हस्तांतरित कर दिया.

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सुशील मोदी ने लालू यादव पर लगाए ताजा आरोप, किया एक और 'विवादित' संपत्ति का खुलासा

बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. आरोपों पर लालू ने कहा, 'सुशील मोदी ने नया क्या कहा है'
  2. 'रामाश्रय यादव को बीपीएससी का अध्‍यक्ष बनाने के बदले ये जमीन ली गयी'
  3. सुशील मोदी ने कहा, 'लालू यादव के अन्य घोटालों के कागजात जारी करूंगा'
पटना: राष्ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष लालू यादव की सम्पति की एक और कहानी का खुलासा हुआ है. इस बार बिहार के उप मुख्यमंत्री और वरिष्‍ठ बीजेपी नेता सुशील मोदी ने लालू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 90 के दशक में रामाश्रय यादव नमक व्‍यक्ति को बिहार लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने के बदले में उनसे भी जमीन ली. लेकिन मोदी ने रविवार को एक संवादाता सम्मलेन कर इस जमीन के पूरे खेल का जो खुलासा किया वो थोड़ा चौंकाने वाला था. मोदी ने बताया कि सबसे पहले रामाश्रय यादव ने बेटे संजय यादव और बेटी सीमा यादव के नाम से जो जमीन विजय बिहार को-ऑपरेटिव सोसाइटी-सगुणा मोड़ के पास है, वो जमीन मो. शमीम और उनकी पत्नी सोफ़िया तबुसुम के नाम से लिखी. ये जमीन रजिस्ट्रेशन का काम जून 1994 में हुआ. मो. शमीम राजद के नेता भी थे और उन्हें राज्यपाल द्वारा 1998 में विधान परिषद में मनोनीत भी किया गया.

लेकिन मोदी द्वारा जारी कागजात के अनुसार शमीम और उनकी पत्नी ने इसी जमीन के प्लॉट को 2005 में राबड़ी देवी के नाम पावर ऑफ़ अटॉर्नी से हस्तांतरित कर दिया. लेकिन राबड़ी देवी द्वारा अपनी संपत्ति के ब्योरे में इस जमीन के टुकड़े का उल्लेख है. पावर ऑफ़ अटॉर्नी के दस्तावेज में इस बात का उल्लेख है कि राबड़ी देवी देखभाल करने के अलावा जमीन को किराये पर देकर किराया वसूल कर सकती हैं और साथ में शमीम के बदले कोर्ट में मुकदमा लड़ने का भी काम करेंगी. मोदी का आरोप है कि रामाश्रय यादव को बिहार लोक सेवा आयोग का अध्‍यक्ष बनाने के बदले ये जमीन ली गयी और शमीम केवल बीच का मोहरा है. इसके अलावा मोदी ने इस बात पर आपत्ति जाहिर की कि अमूमन ये देखा गया है कि की मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री की संपत्ति की देखभाल दूसरे लोग करते हैं और यहां खुद राबड़ी देवी के ऊपर ये जिम्मा दिया गया है.

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रामाश्रय यादव लालू यादव के 1990 में मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बनाये गए थे. उनके बारे में चर्चा थी कि वो सऊदी अरब में किसी विश्‍वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर थे. लेकिन भ्रष्‍टाचार के आरोप में उनके कार्यकाल के अंतिम दिन राष्ट्रपति ने उन्हें बर्खास्त किया था. बाद में राबड़ी देवी के शासनकाल में उन्हें भागलपुर विश्‍वविद्यालय का कुलपति बनाया गया.

हालाकि लालू यादव ने रविवार को संवादाता सम्मलेन में मोदी के आरोपों पर इतना कहा कि मोदी ने नया क्या कहा है और उनके पास कागज हैं और वो आने वाले दिनों में जवाब देंगे. लेकिन तेजस्वी यादव ने कहा कि जब हम लोग सृजन घोटाले के बारे में मोदी से पूछते हैं तब वो कहते हैं कि जांच चल रही है इसलिए अभी वो प्रतिक्रिया नहीं देंगे. लेकिन सुशील मोदी ने कहा कि 27 अगस्त की रैली के पहले वो लालू यादव के अन्य घोटालों के कागजात जारी करेंगे.

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