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अब सुशील मोदी ने अयोध्या मुद्दे पर दिया बयान, 'मुस्लिमों को मस्जिद कहीं और बनाने की दी सलाह...'

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द अयोध्या मामले पर पर सुनवाई कर फैसला दे.

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अब सुशील मोदी ने अयोध्या मुद्दे पर दिया बयान, 'मुस्लिमों को मस्जिद कहीं और बनाने की दी सलाह...'

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी.

खास बातें

  1. अयोध्या मुद्दे में कूदे बिहार के उपमुख्यमंत्री
  2. सुशील मोदी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी बोला हमला
  3. 'मस्जिद कहीं भी बनाया जा सकता है'
पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द अयोध्या मामले पर पर सुनवाई कर फैसला दे. सुशील मोदी ने पटना में सरदार पटेल जयंती और कृषक सम्मान समारोह में सुप्रीम कोर्ट पर यह कहते हुए हमला बोला कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करोड़ों हिन्दुओं की अभिलाषा है. उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट आधी रात में कर्नाटक सरकार से जुड़े फैसले कर सकती है, समलैंगिकों पर फैसला कर सकती है तो फिर राम मंदिर का मामला वर्षों से अदालत में क्यों लटका है.

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सुशील मोदी ने बार-बार अपने भाषण में कहा कि इस देश की जनता जानना चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद उसे टाल क्यों दिया? सुशील मोदी ने अपने भाषण में न केवल सर्वोच्च न्यायालय को करोड़ों हिंदुओं की जन भावना के अनुरूप फ़ैसला देने का सुझाव दिया, बल्कि मुस्लिम समाज के लोगों को भी ये सलाह दी कि उस जगह पर मस्जिद बनाने की ज़िद छोड़ दीजिए, क्योंकि मस्जिद कहीं भी बन सकता है, लेकिन राम मंदिर कहीं और नहीं बन सकता. क्योंकि राम का जन्मस्थान वहीं है.

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जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का रुख इस मुद्दे को नहीं छेड़ने का है. जेडीयू इस मुद्दे का समाधान कोर्ट के फैसले या सर्वसम्मति से चाहती है. हालांकि सुशील मोदी अपने सहयोगी पार्टी के इस रुख के बावजूद इस मामले में बयान देकर कूद गए. हालांकि सुशील मोदी ने अपने पार्टी के अन्य नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तरह कोई भरकाऊ बात नहीं की. लेकिन बिहार के नेताओं के अयोध्या मुद्दे पर सक्रिय आक्रामक रुख से साफ़ है कि उन्हें लगता है कि इस मुद्दे के आड़ में वह कई कारणों से नाराज़ चल रहे अगड़ी जातियों के ग़ुस्से को शांत कर सकते हैं. 


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