तीन तलाक मुद्दे पर सरकार के साथ नहीं JDU, BJP ने बिना नाम लिए नीतीश कुमार से की यह 'अपील'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर जेडीयू (JDU) प्रमुख नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से अपने स्टैंड पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.

तीन तलाक मुद्दे पर सरकार के साथ नहीं JDU, BJP ने बिना नाम लिए नीतीश कुमार से की यह 'अपील'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जेडीयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)

पटना:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी दल जेडीयू (JDU) तीन तलाक बिल (Triple Talaq Bill) का लगातार विरोध करती रही है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) का तर्क है कि बिना व्यापक परामर्श के मुसलमानों पर कोई भी विचार नहीं थोपा जाना चाहिए. अब बीजेपी ने एक बार फिर जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से अपने स्टैंड पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है. भाजपा के नेता पिछले कई दिनों से बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार से इस मुद्दे पर अपना स्टैंड बदलने का निजी आग्रह कर रहे थे, लेकिन अब बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने नीतीश कुमार या उनकी पार्टी का नाम लिए बिना इस मुद्दे को धार्मिक या राजनीतिक नजरिए से ना देखते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए अपना स्टैंड बदलने का आग्रह किया है.

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सुशील मोदी ने ये भी नसीहत दी है कि कांग्रेस पार्टी की तरह इस मुद्दे पर गलती ना करें. निश्चित रूप से हर मुद्दे पर बिहार सरकार या नीतीश कुमार का बचाव करने वाले सुशील मोदी ने इस तरह से ट्वीट पार्टी आलाकमान के इशारे पर किया है. हालांकि जनता दल यूनाइटेड के नेताओं का कहना है कि फ़िलहाल इस मुद्दे पर पुनर्विचार क्यों करे. जहां तक महिला सशक्तिकरण का सवाल है उसपर नीतीश कुमार को ना कोई सलाह और ना उदाहरण चाहिए, क्योंकि महिलाओं के लिए शासन में उनके द्वारा पंचायत से सरकारी नौकरी में आरक्षण के फैसले को कई राज्यों ने अनुसरण किया है.

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हाल ही में जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा था, ‘पार्टी समान नागरिक संहिता पर अपने पहले के रुख को दोहराता है. हमारा देश विभिन्न धर्मों के समूहों के लिए कानून और शासन के सिद्धांतों के संदर्भ में एक बहुत ही नाजुक संतुलन पर आधारित है.' हालांकि, बयान में तीन तलाक विधेयक का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन जेडीयू सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक समान नागरिक संहिता पर उनके रूख के केंद्र में है क्योंकि भाजपा ने मुसलमानों की तीन तलाक की प्रथा को अपराध की श्रेणी में डालने पर अक्सर जोर दिया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत जेडीयू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान इस विधेयक का विरोध किया था. पार्टी ने अपना रुख दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि जेडीयू अपने रुख पर दृढ़ता से कायम है. 

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