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बिहार पुलिस ने मांगी तौसीफ खान की रिमांड, कभी आतंकी यासीन भटकल से पूछताछ से किया था इनकार

अहमदाबाद पुलिस 2008 के सीरियल ब्लास्ट में फरार चल रहे तौसीफ को रिमांड पर लेकर जाएगी.

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बिहार पुलिस ने मांगी तौसीफ खान की रिमांड, कभी आतंकी यासीन भटकल से पूछताछ से किया था इनकार

तौसीफ की गिरफ़्तारी एक साइबर कैफ़े मालिक की निशानदेही पर बुधवार को गया से हुई थी...

पटना: बिहार में आज से कुछ वर्ष पूर्व आतंकी यासीन भटकल को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ से इनकार करने वाली बिहार पुलिस ने शुक्रवार को तौसीफ खान से पूछताछ के लिए कोर्ट में आवेदन दिया. कोर्ट ने उसकी चार दिनों की रिमांड दी है. अहमदाबाद पुलिस 2008 के सीरियल ब्लास्ट में फरार चल रहे तौसीफ को रिमांड पर लेकर जाएगी.

तौसीफ खान पर अहमदाबाद और सूरत में करीब 35 आंतकी घटनाओं और गतिविधि से लिप्त होने का आरोप है और अधिकांश मामलो में वो फरार चल रहा था. बिहार पुलिस पर सबकी निगाहें लगी थीं कि आखिर वो तौसीफ के साथ पूछताछ करेगी या नहीं. 2013 में जब इंडियन मुजाहद्दीन के यासीन भटकल को नेपाल से केंद्रीय एजेंसी और बिहार पुलिस के एक विशेष टीम गिरफ्तार किया था, उस समय नीतीश सरकार ने ये कहकर पल्ला झाड़ा था कि चूंकि उसके खिलाफ कोई मामला यहां कोई मामला नहीं है, इसलिए पूछताछ की जरुरत नहीं हैं.

हालांकि भटकल ने स्वीकार किया था की बिहार के दरभंगा में उसने एक नया मॉडल तैयार किया था. विपक्षी बीजेपी ने तब आरोप लगाया था कि मुस्लिम वोटो के चक्कर में नीतीश सरकार ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी राजेश चंद्रा को वापस बुला लिया था जो पूछताछ के लिए जा रहे थे.   

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हालांकि गया पुलिस कहना है कि तौसीफ पूछताछ में सवालों का सीधा जवाब देने की जगह टालमटोल कर रहा है. खासकर वह कहां रहता था? इसके बारे में भी कोई सही जवाब नहीं दे रहा. बिहार पुलिस का सारा ध्यान इस बात पर है कि आखिर इतने वर्षों तक उसने गया में रहकर कौन सा मॉडल तैयार किया और उनके निशाने पर कौन-कौन सी जगह और लोग थे.  तौसीफ अहमदाबाद ब्लास्ट के बाद से फरार चल रहा था. अहमदाबाद ब्लास्ट की जांच में और अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद उनसे पूछताछ में तौसीफ की भूमिका बम प्लांट करने वाले और पूरी साजिश के मास्टरमाइंड के रूप में की गई थी.   

तौसीफ की गिरफ़्तारी एक साइबर कैफ़े मालिक की निशानदेही पर गया से बुधवार को गई थी. शुरू में तौसीफ अपने आप को स्थानीय नागरिक बता रहा था और जिस व्यक्ति के साथ वो रहता था, उस व्यक्ति का भी पृस्ठभूमि में प्रतिबंधित संगठन सिमी से संपर्क की बात सामने आई.

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तौसीफ की गिरफ़्तारी के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि क्या वो उन्हें उन फरार 15 आरोपियों के बारे में बताता है जो किसी न किसी आंतकी घटना में जुड़े रहे हैं और अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.  


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