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तेजस्वी ने नीतीश कुमार से फिर इस्तीफा मांगा

महागठबंधन की बैठक में बात उठी थी कि राजद नेताओं और विधायकों द्वारा लगातार हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ़ से एक भ्रम की स्थिति बनी है

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तेजस्वी ने नीतीश कुमार से फिर इस्तीफा मांगा

तेजस्वी यादव ने बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाना बनाया.

पटना:

अपने सहयोगी ख़ासकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आक्रामक रुख अपनाने की मांग पर राजद नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को राज्य की विधि व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफ़ा मांगा.

दरअसल कुशवाहा ने मंगलवार को तेजस्वी यादव के घर पर आयोजित महागठबंधन के बैठक में ये बात उठाई थी कि राजद नेताओं और विधायकों द्वारा लगातार हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ़ से एक भ्रम की स्थिति बनी हैं. और उन्होंने तेजस्वी यादव से अपने नेताओं पर लगाम लगाते हुए उनसे और आक्रामक और तीखे बयानों की मांग रखी थी. बुधवार को उपेन्द्र कुशवाहा की भावना के अनुरूप तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि  'बिहार में सरकार और पुलिस ने कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से अपना इकबाल गंवा दिया है. बिहार में औसतन 50 हत्याएं हो रही हैं. पुलिस का एक मात्र कार्य सत्तारूढ़ दलों की घृणित राजनीति के प्यादे के रूप में अपनी उपयोगिता सिद्ध करना रह गया है. सुशासन का प्रशासन सत्ता के हनक और सनक के सामने अपनी कर्तव्यनिष्ठा को सरेंडर कर चुका है. अफसर सत्तारूढ़ नेताओं की गाड़ियों में घूम रहे हैं और अपराधी सरकारी गाड़ियों में.'

तेजस्वी ने सवाल किया है कि 'मुख्यमंत्री पुलिस कर्मियों के हत्यारों को, बलात्कारियों को और शराब माफिया को अपने घर के अंदर तक का एंट्री पास देते हैं. ऐसे में पुलिस बल का क्या मनोबल रह जाएगा?'


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आरजेडी नेता ने कहा है कि 'बिहार वासियों का हर दिन अपराध और अपराधियों के बीच सहमते गुजर रहा है. सत्तारूढ़ दल के नेता-कार्यकर्ता पुलिस का स्टीकर चिपकाकर पार्टी का झंडा लगाकर शराब की तस्करी कर रहे हैं. सत्तारूढ़ दल के मंत्री मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड में लिप्त हैं. सत्तारूढ़ दल के नेता 30 बच्चों को अपनी कार से कुचल देता है. लूटपाट और छेड़छाड़ का विरोध करने पर व्यापारियों और महिलाओं को गोलियों से छलनी किया जा रहा है.'

उन्होंने कहा है कि 'ब्यूरो चीफ नीतीश कुमार अपनी मीडिया की एडिटिंग के भरोसे बेफिक्र हैं कि जनता को सच्चाई का पता नहीं चलेगा. अगर मुख्यमंत्री से अपराध काबू नहीं हो पा रहा और कुछ नैतिकता बची है तो तुरंत अपने पद से इस्तीफा देकर सूबे की जनता को अपनी सिद्धांतविहीन राजनीति और सत्ता संरक्षण में पनपते अपराध से निजात दिलाएं.'



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