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तेजस्वी यादव का आरोप, नीतीश कुमार सरकार ने नियोजित शिक्षकों का केस जानबूझकर ढंग से नहीं लड़ा

तेजस्वी ने ट्वीट किया, 'नीतीश कुमार ने बिहार के नियोजित शिक्षकों का सर्वोच्च न्यायालय में केस जानबूझकर ठीक से नहीं लड़ा.

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तेजस्वी यादव का आरोप, नीतीश कुमार सरकार ने नियोजित शिक्षकों का केस जानबूझकर ढंग से नहीं लड़ा

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधा.

खास बातें

  1. तेजस्वी यादव का नीतीश कुमार पर हमला
  2. कहा- नियोजित शिक्षकों का केस जानबूझकर ढंग से नहीं लड़ा
  3. आज ही नियोजित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट में लगा था झटका
नई दिल्ली :

बिहार के नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन देने के आदेश से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद आरजेडी नेता और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर नियोजित शिक्षकों का केस ढंग से न लड़ने का आरोप लगाया. तेजस्वी ने ट्वीट किया, 'नीतीश कुमार ने बिहार के नियोजित शिक्षकों का सर्वोच्च न्यायालय में केस जानबूझकर ठीक से नहीं लड़ा. नीतीश-मोदी की निरंकुशता और मिलीभगत से आज बिहार के 3.5 लाख शिक्षकों के बीच समान काम के लिए समान वेतन नहीं मिलने से शोक का लहर है'. तेजस्वी ने आगे लिखा, ''नीतीश कुमार ने शिक्षकों को भी ठग लिया. शर्मनाक''.  

तेजस्वी यादव ने कहा कि, नीतीश-मोदी के पास अपने प्रिय पूंजीपतियों पर लुटाने और भगाने के लिए खरबों करोड़ हैं, लेकिन बिहार के भविष्य को पढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने वाले शिक्षकों के लिए धन नहीं है. आपको बता दें कि  सुप्रीम कोर्ट ने आज नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के समान वेतन देने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने बिहार सरकार की याचिका मंजूर करते हुए पटना हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया. दरअसल, 31 अक्टूबर 2017 को पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए नियोजित शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिया था और कहा था कि नियोजित शिक्षकों को भी नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जाए. राज्य सरकार की ओर से इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई थी. बिहार सरकार की दलील थी कि इस आदेश से उस पर करीब 9500 करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ पड़ेगा. 


बिहार के नियोजित शिक्षकों को झटका, SC का नियमित शिक्षकों के समान वेतन देने के आदेश से इनकार

बिहार सरकार का कहना था कि राज्य में लगभग चार लाख नियोजित शिक्षक हैं. ऐसे में अगर फैसला शिक्षकों के पक्ष में आता है तो उनका वेतन करीब 35 से 40 हजार हो जाएगा. सरकार के हलफनामे में कहा गया कि नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता है. कोर्ट में पूर्व में सौंपी गई रिपोर्ट में सरकार ने यह कहा है कि वह प्रदेश के नियोजित शिक्षकों को महज 20 फीसद की वेतन वृद्धि दे सकती है. बिहार सरकार की दलील को केंद्र सरकार ने सही ठहराया है और कहा है कि अगर शिक्षकों की बात मानी गई तो और राज्यों में भी ये मांग उठेगी. गौरतलब है कि नियोजित शिक्षकों के वेतन का 70 फीसद राशि केंद्र सरकार को ही देना है. 

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