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नीतीश कुमार अपने खिलाफ लगे आरोपों पर सफाई क्यों नहीं दे रहे : तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पटना में एक संवाददाता सम्मलेन में कहा की नीतीश कुमार ने ये कह  कर लोकतंत्र और जनता दोनों का अपमान किया है.

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नीतीश कुमार अपने खिलाफ लगे आरोपों पर सफाई क्यों नहीं दे रहे : तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ( फाइल फोटो )

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को भागलपुर में आयोजित आरजेडी की रैली को नुक्कड़ नाटक क्या कह डाला उनके पूर्व उप मुख्यमंत्री और अब विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को इस पर मिर्ची लग गई. तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पटना में एक संवाददाता सम्मलेन में कहा की नीतीश कुमार ने ये कह  कर लोकतंत्र और जनता दोनों का अपमान किया है. नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मेरे खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था तब नीतीश जी मुझे सार्वजनिक रूप से सफाई देने की सलाह देते थे लेकिन जब उनके खिलाफ आरोप लग रहे हैं तब वो इस घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं पर क्यों  सार्वजनिक रूप से सफाई नहीं देते. तेजस्वी यादव ने बीजेपी से भी पूछा कि अगर इस मामले में आरजेडी के नेता होते तो अब तक उनके खिलाफ एफआईआर से लेकर समन जारी हो जाता. लेकिन अब तक सुशील मोदी की चचेरी बहन रेखा मोदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना तो दूर अभी तक पूछताछ या गिरफ़्तारी  भी नहीं हुई. तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके ऊपर आरोप लगाने पर हम लोग हमेशा जवाब देते हैं लेकिन जनता दल यूनाइटेड और नीतीश कुमार मौन हो जाते हैं.    

पढ़ें : तेजस्वी यादव बोले- 'नीतीश कुमार और सुशील मोदी दुर्जन हैं, उनका विसर्जन करना है'

गौरतलब है कि रविवार की सभा में तेजस्वी ने भागलपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई सवाल पूछे थे. जिसमें संजीत कुमार द्वारा 2013 में सृजन घोटाले पर  शिकायत करने पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. इस मामले के मुख्य अभियुक्त क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया. हालांकि नीतीश कुमार ने इस पर कहा था कि जांच हमने सीबीआई को दे दिया  और अगर किसी को सीबीआई पर भरोसा नहीं हैं तो पटना हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जा सकता है.

वहीं राजद के लोग भी मानते हैं कि अभी तक पार्टी को इस मुद्दे पर जितना आक्रामक होना चाहिए था वो नहीं दिखाई दिया है. केवल नीतीश और सुशील मोदी की आलोचना कर खानापूर्ति की गई है. पार्टी द्वारा अभी तक एक भी वैसा दस्तावेज नहीं जारी हुआ जिससे आरोपों की साबित हो. उसका एक बड़ा कारण ये रहा जब ये घोटाला उजागर हुआ तो पार्टी के नेताओं का ध्यान पटना के गांधी मैदान की रैली पर केंद्रित था. रैली ख़त्म होने के बाद बाढ़ से प्रभावित लोगों की सुध लेने की औपचारिकता पूरी की गई. लेकिन इस बीच में नीतीश कुमार ने सीबीआई को जांच भी दे दी और जांच एजेंसी ने काम करना भी शुरू कर दिया.
  
 


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