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होटल टेंडर घोटाला : लालू के बाद अब तेजस्वी यादव से सीबीआई दफ्तर में पूछताछ

लालू ने कहा, सीबीआई अधिकारी सौहार्द्रपूर्ण थे लेकिन वे क्या कर सकते हैं? वे भारत सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं जो कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही है.

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होटल टेंडर घोटाला : लालू के बाद अब तेजस्वी यादव से सीबीआई दफ्तर में पूछताछ

सीबीआई कर रही है तेजस्वी यादव से पूछताछ

खास बातें

  1. होटल टेंडर के बदले जमीन लेने का आरोप
  2. गुरुवार को लालू यादव से हुई थी पूछताछ
  3. लालू बोले- आरोप राजनीति से प्रेरित
नई दिल्ली: होटल टेंडर घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए तेजस्वी यादव सीबीआई हेडक्वार्टर पहुंचे. इससे पूर्व गुरुवार को सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव से 7 घंटे तक पूछताछ की थी. सीबीआई सूत्रों के बताया कि लालू 11 बजे पहुंचे और उन्हें सीधे जांच दल के पास ले जाया गया. उन्होंने बताया कि लालू के साथ उनकी बेटी मीसा भी थीं जिन्हें एजेंसी मुख्यालय की लॉबी में इंतजार करने को कहा गया. सात घंटे की पूछताछ में लालू से अनुबंध, कंपनी के जमीन समझौते, प्रेम चंद गुप्ता से संबंध, लाभार्थी कंपनी के मालिकों से संबंध के बारे में प्रश्न पूछे गए. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई पूछताछ सौहार्द्रपूर्ण थी.

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पूछताछ के बाद बाहर निकलने पर लालू ने कहा, ‘‘सीबीआई अधिकारी सौहार्द्रपूर्ण थे लेकिन वे क्या कर सकते हैं? वे भारत सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं जो कि मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई कर रही है. मुझे सीबीआई से कोई शिकायत नहीं है लेकिन केन्द्र सरकार मुझे और मेरे परिवार को निशाना बना रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने रेलवे में छिटपुट चोरियां रोकीं, उसे सस्ता बनाया, राजस्व में बढ़ोतरी कराई और मुझ पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं. यह कुछ नहीं बस मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाया जा रहा है.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सीबीआई से कहा कि मैं सहयोग करूंगा. मैंने वक्त नहीं मांगा वरना मुझ पर भागने का आरोप लगने लगता.’’ आरोप है कि लालू ने 2006 में रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों- बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी की देखरेख का जिम्मा एक निजी फर्म सुजाता होटल को सौंपा और बदले में एक बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ की महंगी जमीन के रूप में रिश्वत ली. सुजाता होटल का स्वामित्व विनय और विजय कोचर के पास है.
 


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