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पटना में कांग्रेस की रैली का क्या मायने हैं...

इस रैली की ख़ास बात यह रहेगी कि इसमें बिहार में महागठबंधन के सभी सहयोगियों को आमंत्रित किया गया है.

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पटना में कांग्रेस की रैली का क्या मायने हैं...

राहुल गांधी के साथ तेजस्‍वी यादव (फाइल फोटो)

पटना:

कांग्रेस पार्टी ने क़रीब 28 वर्षों के बाद रविवार को पटना के गांधी मैदान में एक रैली का आयोजन किया ह. इस रैली में जहां कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी उपस्थित रहेंगे वहीं उम्मीद की जा रही है कि वो अपने संबोधन में शुक्रवार को पारित अंतिम अंतरिम बजट का भी जवाब देंगे. इस रैली की ख़ास बात यह रहेगी कि इसमें बिहार में महागठबंधन के सभी सहयोगियों को आमंत्रित किया गया है. वो चाहे राजद के तेजस्वी यादव हों, रलोसपा के उपेन्द्र कुशवाहा या पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी. साथ ही वीआईपी पार्टी के मुकेश निषाद, वामपंथी दलों के स्थानीय नेता, बिहार कांग्रेस ने सबको आमंत्रित किया है. तेजस्वी यादव इन दिनों दिल्ली में हैं वो रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही संभवत: आएंगे.

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यह पहली बार है कि कांग्रेस की रैली में उनके सहयोगी दलों के नेता मुख्य वक्ता के रूप में भाषण देंगे. हालांकि इस बात पर संदेह है कि पटना के गांधी मैदान में होने वाली बड़ी रैलियों के मुक़ाबले कांग्रेस पार्टी भीड़ जुटा पाएगी, लेकिन आयोजकों का दावा है कि उनका लक्ष्य है कि कम से कम डेढ़ दो, लाख लोगों को गांधी मैदान में लाया जाए. यही कारण है कि पार्टी ने निर्दलीय विधायक अनंत सिंह से सहायता लेने में कोई परहेज़ नहीं किया है.


शनिवार को राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश सिंह ने माना कि जहां अनंत सिंह इस रैली को सफल बनाने में सक्रिय हैं वहीं चूंकी वो अभी पार्टी के औपचारिक रूप से सदस्य नहीं बने हैं इसलिए वह मंच पर मौजूद नहीं रहेंगे. इस रैली के लिए बिहार कांग्रेस ने हाल ही में जीते अपने तीनों राज्‍यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया है.



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