NDTV Khabar

उपेंद्र कुशवाहा के सहयोगी ने कहा- बिहार में एनडीए के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार हमें मंजूर नहीं

बैठक से उनके दूर रहने से अगले साल लोकसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर भाजपा नीत गठबंधन के भीतर का असंतोष सामने आ गया है. 

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
उपेंद्र कुशवाहा के सहयोगी ने कहा- बिहार में एनडीए के चेहरे के रूप में नीतीश कुमार हमें मंजूर नहीं

एनडीए के रात्री भोज में शामिल सुशील मोदी, नीतीश कुमार और पासवान

खास बातें

  1. एनडीए की बैठक में नहीं शामिल हुए उपेंद्र कुशवाहा.
  2. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने नीतीश को चेहरा मानने से इनकार कर दिया.
  3. साथ ही उपेंद्र कुशवाहा को विधानसभा चुनाव में सीएम कैंडिडेट की बात की.
पटना:

बिहार में सियासत की तस्वीर अभी भी उलझी नजर आ रही है. एनडीए में अभी सब कुछ सही नहीं चल रहा है. भले ही गुरुवार को एनडीए के घटक दलों के नेता बीजेपी की ओर से आयोजित भोज में पटना में दिखे हों, मगर उपेंद्र कुशवाहा के भोज में शामिल न होने के न सिर्फ कायास लगाए जा रहे हैं, बल्कि उनके सहयोगी ने जो बयान दिया है, उससे स्पष्ट है कि बिहार में नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा मानने पर अभी भी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को आपत्ति है. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को बिहार में राजग के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में हिस्सा नहीं लिया. बैठक से उनके दूर रहने से अगले साल लोकसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर भाजपा नीत गठबंधन के भीतर का असंतोष सामने आ गया है. 

पटना में एनडीए की बैठक में केवल भोजन, कोई भाषण नहीं


दिल्ली में अपनी व्यस्तता का हवाला देकर कुशवाहा बैठक से दूर रहे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और राधा मोहन सिंह, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव तथा लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने बैठक में हिस्सा लिया. कुशवाहा ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय को टेलीफोन पर बताया कि वह बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इसके ठीक बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि ने कहा, ‘अगर कुशवाहा को गठबंधन के नेता के तौर पर पेश कर चुनाव लड़ा जाए तो राजग को बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जबरदस्त सफलता मिलेगी.’    

नागमणि ने कहा, ‘भाजपा के बाद बिहार में राजग के घटक दलों में रालोसपा का समर्थन का आधार सबसे बड़ा है. राष्ट्रीय स्तर पर हमारी पार्टी जद (यू) से बड़ी है और 2014 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा के समर्थन से राजग को लाभ हुआ था. तब जद (यू) अकेले चुनाव लड़ी थी.’उन्होंने यह भी कहा कि उपेंद्र कुशवाहा को बिहार में अगले विधानसभा चुनाव 2020 के लिए एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट किया जाना चाहिए.

नीतीश का मोल अब नहीं रहा, बीजेपी उन्हें नहीं झेल पाएगी : शिवानंद तिवारी

टिप्पणियां

नागमणि ने कहा, ‘जदयू के कुछ नेता और भाजपा में भी नीतीश कुमार को बिहार में राजग का नेता माना गया है. इसे पूरे गठबंधन का दृष्टिकोण नहीं समझा जा सकता. बिहार के नेता का फैसला राजग के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा होगा ना कि राज्य स्तर पर.’    हालांकि, टकराव टालने के प्रयास के तहत नागमणि बाद में ज्ञान भवन परिसर में राजग की बैठक में आए. बिहार में राजग के घटकों के बीच असंतोष उभरा है. उसके सामने सीटों के बंटवारे को लेकर ऐसे फार्मूले पर पहुंचने की चुनौती है जो सबको स्वीकार्य हो.

VIDEO: जाति-धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगते : नीतीश कुमार


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रत्येक संसदीय सीट से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement