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नीतीश बिहार के लिए ‘शोक’ और ‘अभिशाप’ बन गए हैं : उपेंद्र कुशवाहा

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नीतीश बिहार के लिए ‘शोक’ और ‘अभिशाप’ बन गए हैं : उपेंद्र कुशवाहा

रालेसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (फाइल फोटो)

पटना:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री पर व्यंग्य ‘गंगा मैया खोज रही हैं, मेरा बेटा कहां गया’ पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने उनपर बिहार के लिए ‘शोक’ और ‘अभिशाप’ बन जाने का आरोप लगाया. कुशवाहा ने मुख्यमंत्री पर बिहार के लिए ‘शोक’ और ‘अभिशाप’ बन जाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने वर्ष 2008 में कोसी नदी में आयी भयंकर बाढ़ से प्रभावित हुए हजारों परिवार से किए गए वादों को अबतक पूरा नहीं किया है. उन्होंने कहा कि कोसी त्रासदी के कारण प्रभावित इलाके में रेत जमा हो गई और खेतों की उर्वरा शक्ति खत्म हो गयी, आज भी वैसी ही स्थिति बनी हुई है. पीड़ित लोग नीतीश कुमार की बाट जोह रहे हैं और किसी प्रकार से अपना जीवन यापन कर रहे हैं.

गंगा पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शनिवार को उद्घाटन करने के बाद नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना इशारों में उनपर चुटकी लेते हुए कहा था कि सब जानते हैं कि गंगा का कब कब नाम लिया जाता है? कब कब इस्तेमाल होता है? कहा गया गंगा मैया ने बुलाया है. यह कहकर वे बनारस आए. जीतकर चले गए. मैं अभी बनारस गया था. वहां के लोगों बताया कि गंगा मैया के बुलावे पर आने वाले अपने को गंगा मैया का बेटा बताने वाले को गंगा मैया खोज रही है. मेरा बेटा कहां गया?


उन्होंने केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना की भी चर्चा करते हुए कहा था कि उसमें गंगा की निर्मलता की बात है लेकिन अविरलता की चिंता नहीं. यौन शोषण के मामले में कांग्रेस के स्थानीय नेता निखिल प्रियदर्शी की अबतक गिरफ्तारी नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि बिहार में जिस प्रकार की स्थिति बन गयी है ऐसी घटनाएं रोज घट रही हैं.

कुशवाहा ने बिहार में पिछले वर्ष इंटरमीडियट परीक्षा में हुए टॉपर्स घोटाला, हाल में बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित लिपिक संवर्ग की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले की चर्चा और विधि व्यवस्था में ‘गड़बड़ी’ का आरोप लगाया और कहा कि चाहे जिस क्षेत्र की बात करें प्रदेश की जनता नीतीश सरकार के कारनामों से कराह रही है. उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि इतना बड़ा नेटवर्क अनेक वर्षों से बिहार में चल रहा है और ये बातें मुख्यमंत्री के संज्ञान में नहीं हों, ऐसा हो नहीं सकता. उन्होंने कहा कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में सत्ता में बैठे मंत्रियों और विधायकों की संलिप्तता की जो चर्चा है, वह उजागर होनी चाहिए और ‘बड़े’ लोगों की गिरफ्तारी पहले होनी चाहिए.

कुशवाहा ने हर मामले में खानापूर्ति किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों का नाम आने पर पुलिस अपना कदम पीछे खींच लेती है जो कि सही नहीं है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की भाषा में संयम नहीं बरते जाने के बारे में पूछे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि वे पहले से मानते रहे हैं कि राजनीति में विरोध समर्थन स्वभाविक प्रक्रिया है पर भाषा में एक स्तर का पालन निश्चित तौर पर होना चाहिए और कहीं भी उस स्तर से लोग नीचे जाते हैं तो वह ठीक नहीं है.

उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी द्वारा चुनाव लड़े जाने के बारे में पूछे जाने पर कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सुझाव पर उनकी पार्टी ने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया. अपनी पार्टी के पांच मार्च को दिल्ली में आयोजित होने स्थापना दिवस की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जननायक कर्पूरी ठाकुर के फार्मूले पर बिहार में आरक्षण देते समय अति पिछड़ों के लिए अलग कोटा निर्धारित किया गया है उसी तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर नौकरी के लिए आरक्षण में पिछड़े और अतिपिछड़ों के लिए अलग से वर्गीकरण की व्यवस्था होनी चाहिए.

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उन्होंने अन्य मुख्य मुद्दों की चर्चा करते हुए कहा कि सामान्य प्रशासन और पुलिस सेवा के साथ-साथ न्यायिक सेवा का गठन किया जाना आवश्यक है ताकि शोषित वंचित समाज के लोग, पिछड़े और अतिपिछड़े को भी जजों की बहाली में उचित प्रवेश मिल सके तथा मीडिया क्षेत्र में भी दलित, पिछड़े और अतिपिछड़े और वंचित समाज के लोगों के प्रतिनिधित्व के लिए वहां भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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