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क्या हो रहा है तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच?

तेज़प्रताप यादव ने रविवार को मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली. तेजप्रताप को इस बात का मलाल है कि पार्टी में उनके पापा की और उनकी बात को नज़रंदाज किया जाता है.

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क्या हो रहा है तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच?

क्‍या लालू यादव के परिवार में वाकई सबकुछ ठीक नहीं चल रहा?

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव भले बीमार हों लेकिन उनके परिवार में पार्टी में वर्चस्व को लेकर बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को कई लोगों से बहुत नाराज़गी है. हालांकि उनका कहना हैं कि छोटे भाई तेजस्वी यादव उनके दिल के क़रीब हैं. तेज़प्रताप यादव ने रविवार को मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली. तेजप्रताप को इस बात का मलाल है कि पार्टी में उनके पापा की और उनकी बात को नज़रंदाज किया जाता है. तेजप्रताप यादव ने कहा कि 'पारिवारिक कलह की सारी खबरें झूठी हैं. ऐसा कुछ नहीं है. मैं तेजस्वी और लालू जी के खिलाफ नहीं हूं, मगर हां, कुछ पार्टी के वरिष्ठ नेता युवा कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं.' बता दें कि रामचंद्र पूर्वे पार्टी के काफी अनुभवी नेता हैं और इन्हें लालू प्रसाद का भी करीबी माना जाता है.

तेजप्रताप ने शनिवार को अपने बयान में किसी का नाम जाहिर नहीं किया था कि आखिर पार्टी के कौन से नेता हैं, जो युवाओं की अनदेखी कर रहे हैं, मगर इस बार उन्होंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे का नाम सबके सामने जाहिर कर दिया है. बता दें कि राजद परिवार और पार्टी का मामला उस वक्त मीडिया में छाया जब तेजप्रताप ने ट्वीट किया, "मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं. अब कुछेक 'चुगलों' को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं. राधे राधे."

हालांकि सब जानते हैं कि तेजप्रताप भले ही अपने को कृष्ण और तेजस्वी को अर्जुन कहते फिरें लेकिन उनकी असल परेशानी अपने भाई के बढ़ते क़द से है क्योंकि लालू यादव की अनुपस्थिति में पार्टी में सारे फ़ैसले तेजस्वी की ही मंज़ूरी से लिए जाते हैं. तेजस्वी अपने बड़े भाई तेजप्रताप के बयानों से परेशान दिखाई दिए. हालांकि उन्‍होंने कहा, 'तेजप्रताप जी ने पार्टी के मजबूती के विषय में बात की है. उन्‍होंने बताया है कि कैसे हम 2019 के लोकसभा चुनावों और 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट और मजबूत कर सकते हैं. उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कहा है कि तेजस्‍वी कलेजे का टुकड़ा है. वह मेरे भाई और मार्गदर्शक हैं.

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VIDEO: तेजस्वी को राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने से असहज हैं तेजप्रताप!

फ़िलहाल इस पूरे मामले में तेज प्रताप को शांत करने के लिए कुछ निर्णय उनकी मर्ज़ी के लिए जा सकते हैं लेकिन उससे बात बनेगी नहीं क्योंकि लग रहा है कि अब तेजप्रताप दूसरे मामलों में भी अपनी हिस्सेदारी चाहेंगे.


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