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भाजपा के पोस्टरों से नीतीश समेत सभी सहयोगी दलों के नेता क्‍यों हैं नदारद?

इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर भाजपा और उनके सहयोगी दलों में ख़ासा उत्साह है. जगह जगह पोस्टर, बैनर, होर्डिंग लगाये गए हैं. इनमें भाजपा अपने सभी सहयोगियों पर भारी पड़ रही है. सबसे ज़्यादा परिवर्तन इस बार ये देखने को मिल रहा है कि भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए होर्डिंग में नीतीश कुमार का चेहरा भी ग़ायब है.

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भाजपा के पोस्टरों से नीतीश समेत सभी सहयोगी दलों के नेता क्‍यों हैं नदारद?

खास बातें

  1. 'पोस्टर पार्टी की तरफ़ से नहीं, पार्टी के नेताओं के द्वारा लगाए गए हैं'
  2. 'मोकामा की सभा के लिए लोगों को जुटाने में पार्टियों की रुचि नहीं'
  3. बीजेपी ने अपने पोस्‍टरों से नीतीश कुमार से हिसाब किताब भी बराबर किया है
पटना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को बिहार के दौरे पर आ रहे हैं जहां वह पहले पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेंगे. उसके बाद मोकामा में कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के अलावा कुछ नए पुलों का कार्यारंभ करेंगे. निश्चित रूप से इन दोनों कार्यक्रमों को लेकर भाजपा और उनके सहयोगी दलों में ख़ासा उत्साह है. जगह जगह पोस्टर, बैनर, होर्डिंग लगाये गए हैं. इनमें भाजपा अपने सभी सहयोगियों पर भारी पड़ रही है. सबसे ज़्यादा परिवर्तन इस बार ये देखने को मिल रहा है कि भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए होर्डिंग में नीतीश कुमार का चेहरा भी ग़ायब है. हालांकि मोकामा की सभा में पूर्व मुख्यमंत्री, जीतन राम मांझी का नाम सरकारी विज्ञापन में प्रमुखता से है. भाजपा नेताओं का कहना है कि ये होर्डिंग, पोस्टर पार्टी की तरफ़ से नहीं लेकिन पार्टी के नेताओं के द्वारा लगाए गए हैं इसलिए पार्टी को घसीटना मामले को कुछ ज़्यादा तूल देना होगा. हालांकि वो कहते हैं कि सभी पार्टियां अपनी स्वेच्छा से होर्डिंग लगा सकती हैं.

लेकिन भाजपा नेता निजी बातचीत में ये दुखड़ा ज़रूर रोते हैं कि मोकामा की सभा में जहां तक लोगों को लाने का सवाल है, वहां जनता दल यूनाइटेड हो या अन्य दल सब हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. वहीं जनता दल यूनाइटेड के नेता मानते हैं कि इस बात में कोई शक नहीं कि मोकामा की सभा में नीतीश भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर साथ दिखेंगे.

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लेकिन सरकारी कार्यक्रम होने के कारण स्थानीय नेता के अलावा लोगों को जुटाने के लिये पार्टी ने भाजपा की तरह आस पास के जिलों से लोगों को लाने का इंतज़ाम नहीं किया है. वहीं लोक जनशक्ति पार्टी का कहना है कि उनकी स्थानीय सांसद वीणा देवी की तरफ़ से काफ़ी लोगों को लाने का इंतज़ाम किया गया है. लेकिन जानकार मानते हैं कि भाजपा के सहयोगी अभी भी इस बात को समझ नहीं पाए हैं कि कार्यक्रम सरकारी हो या पार्टी का, लोगों की भीड़ से उस राज्य इकाई का आकलन मोदी राज में किया जाता है.
 
bihar bjp poster 650

हालांकि पटना शहर में केवल अपने पार्टी के नेताओं के माध्यम से नीतीश कुमार से हिसाब किताब भी बराबर किया है. 2015 के चुनाव के पहले एक सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पटना के श्री कृष्ण मेमोरीयल हॉल जाना था. उसी सुबह पटना के आयकर चौराहे पर जहां सबसे विशाल होर्डिंग लगायी जाती हैं, नीतीश कुमार की पार्टी ने इस नारे का कि ‘बिहार में बाहर हैं नीतीशे कुमार हैं', होर्डिंग लगाया था.

VIDEO: शिक्षकों की कमी से जूझ रहा पटना विश्‍वविद्यालय

इससे पूर्व इस वर्ष बाढ़ के समय सभी भाजपा शासित राज्यों ने राहत मद में पांच करोड़ की राशि दी थी, जिसमें गुजरात सरकार का भी योगदान था. और अधिकांश चेक नीतीश कुमार ने ख़ुद लिया. माना जाता है कि इसके पीछे भी भाजपा की रणनीति थी कि आपने एक समय पांच करोड़ का चेक वापस किया था अब आप ख़ुद अपने हाथ से चेक ले रहे हैं.


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