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बिहार में दो मुख्य दलों के नेता क्‍यों कराना चाहते हैं एक दूसरे के खून की जांच?

लालू यादव ने आरोप लगाया कि राज्‍य में शराब की बिक्री जमकर हो रही है. लालू के अनुसार शराब की होम डिलिवरी भी होती है और जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता के घर शाम में शराब की महफ़िल लगती है.

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बिहार में दो मुख्य दलों के नेता क्‍यों कराना चाहते हैं एक दूसरे के खून की जांच?

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में तेजस्‍वी की फोटो दिखाते जेडीयू नेता

खास बातें

  1. जेडीयू नेताओं ने आरोप लगाया कि 'तेजस्‍वी शराब और शबाब के शौक़ीन हैं'
  2. तेजस्‍वी ने कहा, 'ये तस्वीर उस समय की है जब हम राजनीति में नहीं थे'
  3. 'हम तो नीतीश जी को आईना दिखाने का काम कर रहे थे'
पटना: एक ज़माने में आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस ने नारा दिया था कि 'तुम मुझे ख़ून दो में तुम्हें आज़ादी दूंगा', लेकिन बिहार में राजद और जनता दल यूनाइटेड के नेता एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं कि हिम्मत है तो ख़ून की जांच करा लो. सबसे पहले इसकी शुरुआत राजद अध्यक्ष लालू यादव ने की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्‍य में शराब की बिक्री जमकर हो रही है. लालू के अनुसार शराब की होम डिलिवरी भी होती है और जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता के घर शाम में शराब की महफ़िल लगती है. इस पर पहले जनता दल यूनाइटेड के महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि वो चाय भी नहीं पीते. इसके बाद दूसरे प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि वो अपने खून का नमूना देने के लिए तैयार हैं लेकिन लालू जी भी अपने खून का नमूना दे दें. और इसके बाद मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि वो भी अपने ख़ून की जांच कराने के लिए तैयार हैं और लालू यादव और तेजस्वी यादव भी अपने ख़ून का सैम्पल दे दें.

जनता दल यूनाइटेड ने संवाददाता सम्मेलन कर एक फोटो जारी की जिसमें तेजस्वी के साथ एक लड़की की तस्वीर है, साथ ही बीयर की बोतलें भी हैं. जेडीयू नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'वो शराब और शबाब के शौक़ीन हैं. ये बताएं कि इस महिला से इनका क्या संबंध है.' जेडीयू नेता संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा, 'लालू यादव ने हमारे नेता पर अभद्र टिप्पणी की शुरुआत की है और अब हम उनको राजनीति के श्‍मशान तक छोड़ने वाले नहीं हैं.'
 
tejaswi yadav press conference 650

इसके ठीक बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने संवाददाता सम्मेलन में उल्टे सवाल किया कि दो ट्रेनों के नाम अर्चना और उपासना क्यों रखे गए, जबकि रेलवे बोर्ड की मंजूरी भी नहीं थी. अपनी सफाई में तेजस्‍वी ने कहा, 'ये तस्वीर उस समय की है जब हम राजनीति में नहीं थे, हम उस समय आईपीएल खेला करते थे, उस समय मेरे साथ कोई फोटो खिंचा ले तो क्या मेरा चरित्र खराब हो गया? हम इस महिला को नहीं जानते हैं.'

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तेजस्वी ने महात्मा गांधी की तुलना करते हुए कहा कि 'गांधी जी के आंदोलन में उनके बगल में महिला थी तो क्या गांधी जी, नेहरू जी का चरित्र खराब था. प्रधानमंत्री मोदी जी तो सेल्फी खिंचवाने में माहिर है, हाल ही में राहुल गांधी ने महिला के साथ फोटो खिंचवाई तो क्या सब का चरित्र खराब है. आज जो नीतीश जी के इशारे पर एक लड़की को लेकर पीसी किया गया और जिस तरह से चरित्र हनन किया गया है, हम इसका विरोध करते हैं. हम तो शराब माफिया और इतने घोटालों को लेकर नीतीश जी को आईना दिखाने का काम कर रहे थे और ये जनता से जुड़ा हुआ मुद्दा है.'

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