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विचार
  • योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर की 'पीलिया' पॉलिटिक्‍स
    रवीश कुमार
    क्या आप जानते हैं कि भारत में एक मंत्री ऐसे भी हैं जो श्राप भी देते हैं. यह उनका संवैधानिक अधिकार तो नहीं है मगर कहां से उन्होंने श्राप देने की शक्ति प्राप्त की है, ये कोई देवता ही बता सकते हैं. ओम प्रकाश राजभर योगी सरकार में मंत्री हैं. भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष भी हैं.
  • बंगाल के पंचायत चुनावों में हुई हिंसा क्‍या लोकतंत्र की हार नहीं है?
    रवीश कुमार
    बंगाल के पंचायत चुनावों में हुई हिंसा बता रही है कि गांवों में चुनाव का मतलब आज भी बम बंदूक़ और चाक़ू है. सीपीएम का नामो निशां मिट गया मगर उसके दौर की हिंसा पार्टी बदल कर जारी है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंचायत चुनावों में 27 लोगों की हत्या हुई है. मरने वालों में सभी दल के लोग हैं जो बता रहा है कि हथियार सबने उठाया है.
  • ये ख़ामोशी बता रही है पेट्रोल के दाम बढ़े नहीं, बल्कि काफी घट गए हैं
    रवीश कुमार
    2013-14 के साल जितना अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमत अभी उछली भी नहीं है लेकिन उस दौरान बीजेपी ने देश को पोस्टरों से भर दिया था बहुत हुई जनता पर डीज़ल पेट्रोल की मार, अबकी बार बीजेपी सरकार. तब जनता भी आक्रोशित थी. कारण वही थे जो आज केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गिना रहे थे. तब की सरकार के बस में नहीं था, अब की सरकार के बस में नहीं है. मगर राजनीति में जिस तरह से कुतर्कों को स्थापित किया गया है, वही कुतर्क लौट कर बार बार बीजेपी के नेताओं को पूछ रहे हैं. पेट्रोल की कीमत रिकार्ड स्तर पर है फिर भी आप मीडिया में इसकी खबरों को देखिए, लगेगा कि कोई बात ही नहीं है. यही अगर सरकार एक रुपया सस्ता कर दे तो गोदी मीडिया पहले पन्ने पर छापेगा.
  • क्या कर्नाटक दोहराएगा बिहार का घटनाक्रम...?
    कर्नाटक का 'नाटक' पूरे हिन्दुस्तान ने देखा. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, यानी BJP पूर्ण बहुमत लाने में थोड़ा-सा चूक गई, लेकिन BJP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्‍पा ने अपनी बात को सही साबित करते हुए 17 मई को बहुमत के बिना ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.
  • मैं प्रधानमंत्री को इस बात की याद दिलाता रहूंगा...
    रवीश कुमार
    मैं अब भी कर्नाटक चुनावों में नेहरू और भगत सिंह को लेकर बोले गए झूठ से ज़्यादा परेशान हूं. प्रधानमंत्री ने सही बात बताने पर सुधार की बात कही थी. सारे तथ्य बताने के बाद भी उन्होंने अभी तक सुधार नहीं किया है. मेरे लिए येदियुरप्पा प्रकरण से भी यह गंभीर मामला है.
  • देश के कृषि मंत्री बनें येदियुरप्पा और न्यूज एंकर बनाए जाएं बीजेपी महासचिव
    रवीश कुमार
    येदियुरप्पा ने किसानों की जितनी बात की है उतनी तो चार साल में देश के कृषि मंत्री ने नहीं की होगी. उन्हें ही कृषि मंत्री बना देना चाहिए और न्यूज एंकरों को बीजेपी का महासचिव. एक एंकर बोल रहा था कि येदियुरप्पा इस्तीफा देंगे. नेरेंद्र मोदी कभी इस तरह की राजनीति को मंजूरी नहीं देते.
  • राहुल गांधी पर बीजेपी का उपकाऱ और ब्लॉग को लेकर मेरी दुविधा...
    क्रांति संभव
    विचार बदलना मुश्किल काम होता है. दिमाग़ की चक्की में नई बातों को डालना पड़ता है, पुर्ज़ों में तेल डालते रहना पड़ता है कि चक्की चलती रहे. बातों को बारीक़ पीसकर विचार में तब्दील करती रहे. इससे ज़्यादा मुश्किल काम होता है धारणा बदलना. धारणा विचारों की बोरियों को एक पर एक रखने पर बनती हैं. इसी लिए धारणा बदलने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
  • ऐसे बच सकती है बीजेपी की कर्नाटक सरकार
    अखिलेश शर्मा
    कर्नाटक में सरकार पर सस्पेंस कल खत्म हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को कल चार बजे विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने को कहा है. प्रोटेम स्पीकर यानी अस्थाई स्पीकर सदन की कार्यवाही चलाएंगे.
  • कर्नाटक पर महाभारत: 'ये किसे वोट दे दिया!' यह सोचकर शर्मिंदा तो नहीं न आप...
    अनिता शर्मा
    वो कहते हैं न जिसकी लाठी उसकी भैंस. अरे, न न ये मैंने क्या कह दिया! ये तो लोकतंत्र है... मुझे कहना चाहिए जिसका बहुमत उसकी 'भैंस', मेरा मतलब सत्ता... ये तो हम बरसों से सुनते आ रहे हैं कि 'लोकतंत्र लोगों के लिए, लोगों के द्वारा और लोगों का है.' तो फिर ये बहुमत क्या है... क्या कहा, बहुमत लोकतंत्र का प्राणतत्व यानी जान है? तो मतलब यह हुआ कि लोकतंत्र को समझने के लिए बहुमत का गणित समझना जरूरी है...
  • मी लॉर्ड - कनार्टक के बाद, इंसाफ सोने न पाए
    विराग गुप्ता
    नोटबंदी के नाम पर आम जनता को महीनों परेशान किया गया, तो फिर कनार्टक के सभी विधायकों का नारको टेस्ट क्यों न हो, जिससे भ्रष्ट व्यवस्था के माफिया तंत्र के पर्दाफाश से 'रियल न्यू-इंडिया' बन सके.
  • 'पूरब और पश्चिम' के एक गीत के संदर्भ में कर्नाटक की व्याख्या
    रवीश कुमार
    अभी तुमको मेरी ज़रूरत नहीं, बहुत चाहने वाले मिल जाएंगे... अभी रूप का एक सागर हो तुम, कंवल जितने चाहोगी, खिल जाएंगे..." पंक्तियों का संबंध कर्नाटक में चल रही गतिविधियों से नहीं है, मगर इस गाने में नायक मनोज कुमार का घर देखकर लगता है कि वह कम से कम राज्यपाल तो होंगे ही.
  • कर्नाटक के राज्‍यपाल के फैसले पर उठे सवाल
    रवीश कुमार
    सुप्रीम कोर्ट के रात भर जाग जाने से जो दिन दहाड़े हो रहा था उसके होने पर कोई आंच नहीं आई. पर यह क्या कम है कि सुप्रीम कोर्ट के जज साहिबान रात भर सरकार और विपक्ष का पक्ष सुनते रहे. ऐसे वक्त में जब कोई सुन ले इसकी तलाश में नेता नहीं जनता भी मारी मारी फिर रही है, देश की सर्वोच्च अदालत के सुन लेने से ही करार आ जाना चाहिए.
  • कर्नाटक मामले में सुप्रीम कोर्ट वही कहेगा जो 2005 में झारखंड मामले में कह चुका है?
    रवीश कुमार
    कर्नाटक राज्यपाल के फैसले और वहां सरकार बनाने की दावेदारी के संदर्भ में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है. इसके पहले आपको 2005 में झारखंड मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच के फैसले और बहस के दौरान मुकुल रोहतगी और अभिषेक मनु सिंघवी की दलील को पढ़ लीजिए, आप तीन दिनों तक बिस्तर से नहीं उठेंगे कि नेता और वकील कैसे वक्त आने पर अपने ही कहे के खिलाफ मज़बूती से तर्क करते हैं.
  • एक रिपोर्टर का जज्बा : रात भर की रिपोर्टिंग
    मनोरंजन भारती
    सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक मामले पर रात भर सुनवाई चली. अक्सर अदालतें रात भर नहीं बैठतीं..यह विरले होता है. मेरे करीब 25 साल के पत्रकारिता के कैरियर में यह दूसरी बार हुआ है.
  • क्या डूब जाएगा पंजाब नेशनल बैंक, रुपया कमज़ोर, महंगा पेट्रोल, जीएसटी से तबाह सूरत
    रवीश कुमार
    पंजाब नेशनल का घाटा भारत के इतिहास में सबसे बड़ा बैकिंग घाटा बन गया है. 2017-18 की चौथी तिमाही में में घोटाले से जूझ रहे इस बैंक को 13,417 करोड़ का घाटा हुआ है. बैंक ने जितने भी लोन दिए हैं अब उसका एनपीए 18.38 प्रतिशत हो गया है. एक साल पहले 12.5 प्रतिशत था यानी 6 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा है.
  • कर्नाटक में नाटक जारी है...
    मनोरंजन भारती
    कर्नाटक में इस बात पर बहस चल रही है कि किस पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दिया जाए. BJP राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है. BJP को लगता है, बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए.
  • कर्नाटक में नैतिक कौन, अनैतिक कौन...?
    प्रियदर्शन
    यह सच है कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर, यानी JDS के बीच तीखा टकराव रहा. कांग्रेस आरोप लगाती रही कि JDS दरअसल BJP की 'बी टीम' है. इस लिहाज़ से BJP की यह शिकायत जायज़ है कि अब चुनाव के बाद कांग्रेस और JDS का गठबंधन 'अपवित्र' और जनादेश-विरोधी है. इस 'अपवित्र' को इस बिना पर सही नहीं ठहराया जा सकता है कि ठीक यही काम BJP ने हाल ही के दिनों में गोवा सहित तीन राज्यों में किया है और आज जो लोग कर्नाटक में कांग्रेस की कोशिश को 'लोकतंत्र के साथ खिलवाड़' बता रहे हैं, वही BJP के कृत्य को अमित शाह का रणनीतिक पौरुष बताकर ताली बजा रहे थे.
  • विपक्ष में बैठना चाहिए कांग्रेस को, जनादेश भाजपा के लिए है
    रवीश कुमार
    कांग्रेस के पास सरकार बनाने की क्षमता नहीं है. अगर बीजेपी इस खेल में उतर गई तो सरकार उसी की बनेगी. इससे अच्छा है पीछे हट जाना. जनता ने जिस पार्टी की सरकार का सोच कर वोट किया है, उसे मौका मिलना चाहिए.
  • कर्नाटक का सियासी नाटक जारी
    रवीश कुमार
    कनार्टक विधानसभा चुनावों के नतीजे तो आ गए और खेल अभी ख़त्म नहीं हुआ है. किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. बीजेपी 104 पर रुक गई, बहुमत से 8 सीट दूर है. कांग्रेस 78 पर, जेडीएस 37 पर और बसपा एक पर है. दोपहर तक हार से निराश कांग्रेस ने अचानक सबको चौंका दिया जब कांग्रेस ने बीजेपी को बहुमत से दूर हटता देख, मौके को भांप लिया और अपना पत्ता चल दिया.
  • कर्नाटक में कौन सी अनहोनी हो गई?
    सुधीर जैन
    उसने अपने पास विकल्प खुले रखे थे, यानी आज जब नतीजे आ गए हैं तब हमें कर्नाटक में कुछ अनहोनी हो जाने की मुद्राएं नहीं बनानी चाहिए. हद से हद हम ये बात कर सकते हैं कि कर्नाटक में जो खंडित जनादेश आया है और उसके हिसाब से जो हो रहा है उसमें कुछ नाजायज़ तो होने नहीं जा रहा है.
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