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  • क्या प्रधानमंत्री मोदी गिरिराज सिंह हो गए हैं?
    “पाकिस्तान के रिटायर्ड आर्मी जनरल अरशद रफ़ीक़ कहते हैं कि सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. पाकिस्तान का वरिष्ठ आर्मी अफसर गुजरात चुनावों में अपना दिमाग़ क्यों लगाएगा?
  • फोन के बिना पत्रकारिता और संसार
    हवाई अड्डे पर फोन परिवार के परदादा जी दिखे, जिन्हें घरों से निकाल कर नई पीढ़ी के फोन स्मार्ट फोन बने. इनमें से दो फोन एक जैसे हैं. 5000 के हैं. एक कांसे का बना 8000 का है. घर की किसी पुरानी चीज़ को मत फेंकिए. दस साल के लिए छिपा दीजिये फिर निकाल कर सजा दीजिएगा. स्मार्ट फोन की मस्ती चलेगी मगर परदादा जी भी ख़बर लेते रहेंगे.
  • क्‍या दिखावे के लिए है आदर्श आचार संहिता?
    कुछ तो बात है एग्ज़िट पोल में. वरना टीवी स्टुडियो में वक्ता दो-दो घंटे नहीं बैठते, वो भी सिर्फ दो या पांच मिनट बोलने के लिए. एंकर लोग ऐसे बोल रहे हैं जैसे आंधी में अशोक का पेड़ झुक रहा हो. वो उठते हैं झुकते हैं गिरते हैं और कई बार लगता है कि गिरा ही देंगे करीब वाले वक्ता को. एग्जिट पोल चुनावी त्योहार का आख़िरी मेला है. इस मेले में लोग खूब झूला झूल रहे हैं.
  • NPA घोटाला: मनमोहन की रहबरी तो पीएम मोदी की तटस्थता पर सवाल!
    फिक्की की 90वीं सालाना बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकों द्वारा दिये गये कर्जों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए एनपीए को 2-जी और कोल ब्लाक जैसा घोटाला करार दिया. सवाल यह है कि यूपीए के एनपीए घोटाले के खिलाफ भाजपा सरकार ने पिछले 3.5 सालों में कार्रवाई क्यों नहीं की?देश में बैकों का 10 लाख करोड़ सकल नान परफोर्मिंग एसेट्स (एनपीए) है जो श्रीलंका की जीडीपी की दोगुना रकम है.
  • हां, मुझे मालूम है गुजरात चुनाव का नतीजा
    कुछ पत्रकार ट्विटर पर डोल गए हैं. बैलेंस करने या दोनों ही स्थिति में किसी एक साइड से लाभार्थी होने के चक्कर में अपना पोस्ट बदल रहे हैं, बीच बीच का लिख रहे हैं.
  • न्याय के पक्ष में खड़े होने से डर कैसा? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम 
    कैलिफोर्निया के किसी कॉलेज के बाहर गोली चल जाती है तो आज कल हमारे अंग्रेज़ी चैनल सीधा लाइव करने लगते हैं. इस घटना की डिटेल सुनते हुए आपको कितना बुरा लग रहा होगा, मैं समझ सकता हूं पर बताना ज़रूरी भी तो है कि हमारे समाज में क्रूरता की कितनी परतें हैं. 
  • न्याय की चौखट पर इतना अन्याय क्यों? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम 
    सिस्टम के सितम में आज हम टिन के इस मकान में रहने वाले एक पिता राजू आगे की बात करेंगे. महाराष्ट्र का एक ज़िला है अहमदनगर, इस ज़िले के जामखेड़ तालुका का एक गांव है खरडा. इसी गांव के रहने वाले हैं राजू आगे. आइये आपको खर्डा गांव ही ले चलते हैं. गांव के बाहर आपको कस्बे का अहसास कराएगा. चहल पहल के हिसाब से गांव से ज़्यादा लगता है. 15 हज़ार की आबादी वाला यह बड़ा गांव है. इसी गांव के एक छोर पर है राजू आगे का यह मकान जो टिन का बना है. इसकी छत पर डिश एंटिना है. घर के भीतर टीवी है मगर दीवार पर अंबेडकर हैं, बुद्ध भगवान हैं और दोनों के बगल में एक लड़के की तस्वीर है जिसका नाम है नितिन आगे. नितिन आगे की तीन साल पहले हत्या कर दी गई थी, जिसके इंसाफ के लिए राजू आगे लड़ाई लड़ रहे हैं.
  • शराबबंदी और अन्‍य विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए है यह बिहार यात्रा
    वर्ष 2005 में राज्य में काम करने का अवसर मिलने के उपरान्त न्याय के साथ विकास के सिद्धान्त पर पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन के साथ-साथ विकास योजनाओं के कार्यान्वयन से होने वाले लाभों को लोगों तक उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया. सुशासन के लिए आवश्यक है कि शिकायतों का निवारण तथा जमीनी प्रतिक्रिया/सुझाव का प्रत्यक्ष ज्ञान लोक सेवकों को रहे.
  • लव जिहाद के नाम पर हिंसा के लिए उकसाने वाले कौन?
    6 दिसंबर से 11 दिसंबर आ गया, पांच दिन गुज़रने के बाद क्या आपसे या सबसे पूछा जा सकता है कि आपने राजस्थान के राजसमंद की घटना पर क्या सोचा. पांच दिनों से देख रहा हूं कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया में लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं.
  • कुछ डॉक्टरों की लापरवाही पर अस्पताल को ही बंद कर देने से क्या हासिल?
    एक ऐसे वक्त में जब हमारे गांव-शहर और हमारा देश दुरुस्त मेडिकल सुविधाओं की राह देख रहा है वहां एक चलती मेडिकल फेसिलिटी को, कुछ डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सजा के तौर पर बंद करना इंसाफ है, या फिर लापरवाही बरत रहे डॉक्टरों और अस्पताल मैनेटमेंट को सज़ा देना इंसाफ है?
  • आपके बैंक खातों में जमा पैसा कितना सुरक्षित?
    10 अगस्त 2017 में लोकसभा में पेश हुए फाइनेंशियल रेज़्यूलेशन एंड डिपोज़िट इंन्श्योरेंस बिल को लेकर चर्चा हो रही है. 18 अगस्त को यह बिल लोकसभा की संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दी गई, इस समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की है मगर इसके कुछ प्रावधानों को लेकर मीडिया में चर्चा है कि बैंकों में जमा आपका पैसा सुरक्षित नहीं है.
  • लालू यादव की ज़ुबानी, आडवाणी को कैसे किया था गिरफ्तार
    25 सितंबर, 1990 को उस समय BJP के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद विवादित स्थल पर राममंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाने की खातिर गुजरात के सोमनाथ से रथयात्रा शुरू की थी, और 23 अक्टूबर को उन्हें बिहार के समस्तीपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के आदेश पर गिरफ्तार कर लिया गया था...
  • ग़ज़ब ढा रहे हैं ओपिनियन पोल के व्यापारी...
    चुनावी आंकड़ों के इस सांख्यिकीय विश्लेषण को सैफोलॉजी कहते हैं, और यह काम करने वाले खुद को विज्ञानी कहते हैं. वे खुद को सांख्यिकी और राजनीति विज्ञान का विशेषज्ञ कहलाना चाहते हैं. उनकी मुद्रा किसी भौतिक विज्ञानी या रसायनशास्त्री से कम नहीं होती. लेकिन दिक्कत यह है कि उनके आकलन विज्ञान के आकलन की तरह शुद्ध नहीं होते.
  • सिस्टम के शिकार लोगों को न्याय कैसे? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम
    बाबरी मस्जिद की घटना हमारे सिस्टम के बड़े स्तर पर फेल होने और आज तक फेल होते रहने का सबसे शर्मनाक और अचूक उदाहरण है.
  • 25 साल बाद फिर याद आया बाबरी विध्वंस का वो मंजर
    कौन मंदिर बनवाना चाहता है? कौन इसका प्रयोग वोट के लिए करना चाहता है? किस कौम का कौन भरोसेमंद है? कौन सी कौम का विश्वास जीता जाए? एक जमीनी विवाद है या हमारी आस्था का सवाल है? जवाब का इंतजार अभी लंबा रहेगा.
  • अयोध्‍या रामजन्मभूमि विवाद : 25 साल, एक सवाल...
    अयोध्‍या में मंदिर बनेगा या नहीं, अब भी मामला कोर्ट में है. पिछले 25 सालों से मंदिर के लिए पत्थर तराशे जा रहे हैं, और इन्हीं 25 वर्षों में BJP सत्‍ता में पूर्ण बहुमत के साथ काबिज हो चुकी है. राज्‍य में भी पूर्ण बहुमत के साथ उन्हीं की सरकार है.
  • कमाल की बात : सिब्बल साहब 2019 के बाद भी तो चुनाव होंगे ही
    अयोध्या मामले की रोजाना सुनवाई के पहले ही दिन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल की इस मांग पर एक नई बहस छिड़ गई कि इसकी सुनवाई 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद हो.
  • क्या आप कभी इस सिस्टम के शिकार हुए? रवीश कुमार के साथ प्राइम टाइम
    आज आपसे एक बात कहनी है. क्या आप न्यूज़ चैनलों या मीडिया के अनुसार बदल रहे हैं? आए दिन नेताओं के निम्नस्तरीय राजनीतिक बयानों पर घमासान चर्चा होती है. कहीं ऐसा तो नहीं कि इन्हीं चर्चाओं को आप ख़बर या सूचना समझ रहे हैं, क्या इन चर्चाओं से आपको सिस्टम की पारदर्शिता नज़र आती है.
  • क्‍या राहुल की ताजपोशी वंशवाद का उदाहरण?
    राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बन गए हैं. उनके नामांकन के विरोध में किसी भी कांग्रेस नेता ने उम्मीदावारी का दावा नहीं किया है. परिवारवाद का आरोप राजीव गांधी का पीछा कर रहा है. सोनिया गांधी का भी पीछा कर रहा था, राहुल गांधी और इंदिरा गांधी का भी पीछा करता रहा है.
  • चुनाव आयोग को स्थानीय चुनावों में इस्तेमाल होने वाली EVM मशीनों की ज़िम्मेदारी भी लेनी चाहिये
    यूपी में हाल में हुये मेयर और वार्ड के चुनावों के बाद एक बार फिर से ईवीएम को लेकर विवाद उठ रहा है। विपक्षी पार्टियां कह रही हैं कि ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से बीजेपी जीती.
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