क्या डर से ग़ैर हाज़िर हो रहे हैं बिहार में मेडिकल अफसर, इटली में 100 डॉक्टर और नर्स की मौत

गौतमबुद्ध नगर के ज़िलाधिकारी ने भी डॉक्टरों और हेल्थ स्टाफ के गैरहाज़िर होने पर नाराजगी ज़ाहिर की है. उन्हें समय से आने के आदेश भी दिए हैं.

क्या डर से ग़ैर हाज़िर हो रहे हैं बिहार में मेडिकल अफसर, इटली में 100 डॉक्टर और नर्स की मौत

बिहार के सरकारी डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने की ज़रूरत है. बहुत से डॉक्टर बिना अनुमति के ग़ैर हाज़िर हो जा रहे हैं. इस संकट में अगर 31 मार्च को 76 चिकित्सा पदाधिकारि और 2 अप्रैल को 60 चिकित्सा पदाधिकारी काम पर नहीं जाएंगे तो ठीक नहीं है. बिहार सरकार ने 76 ऐसे मेडिकल अफसर से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है. इसके अलावा 122 मेडिकल अफसरों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई कर रही है. 

गौतमबुद्ध नगर के ज़िलाधिकारी ने भी डॉक्टरों और हेल्थ स्टाफ के गैरहाज़िर होने पर नाराजगी ज़ाहिर की है. उन्हें समय से आने के आदेश भी दिए हैं.

जब पूरा देश डॉक्टरों क साथ है तो फिर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर क्यों गायब हो जा रहे हैं. हमें उनका मनोबल बढ़ाने के लिए एक दिन और थाली का कार्यक्रम रखना चाहिए. दूसरा उनकी ज़रूरत के उपकरणों का मुद्दा भी लगातार उठाते रहना है ताकि डॉक्टर जब संक्रमित मरीज़ के पास जाएं तो उन्हें कोई ख़तरा न हो.

आप देखेंगे कि देश में कितने बड़े डॉक्टर हैं. सबकी अपनी हस्ती है. वे लोग भी इन डॉक्टरों के लिए नहीं बोल रहे हैं. दवा कंपनियां भी किसी काम नहीं आ रही हैं. स्क्रोल में खबर छपी है कि अस्पताल डॉक्टरों की आवाज दबा रहे हैं, उन्हें बोलने नहीं दे रहे हैं.

यह तो सभी को समझना है कि डॉक्टरों को सुरक्षा किट चाहिए तभी वे कोरोना के मरीज़ के करीब जा सकेंगे. वर्ना वे डर के कारण भीतर गड़बड़ करने लगेंगे. इस पर चुप रहना न तो डॉक्टर के हित में है न मरीज़ के.

इटली में कोरोना के संक्रमण से 80 डॉक्टरों औऱ 21 नर्स की मौत हो गई है. वहां के चिकित्सक बहुत चिन्तित हैं, सदमे में हैं. इटली में 12000 हेल्थ वर्करों का टेस्ट पॉजिटिव आया है. यही वक्त है एकजुट देश को फिर से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए बोलने का.

दिल्ली सरकार का अस्पताल है स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट. यहां के एक डॉक्टर और 11 नर्सिंग स्टाफ को पॉज़िटिव टेस्ट आया है. इसके पहले भी एक डॉक्टर और 5 नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर का टेस्ट पॉजिटिव आया है.

इसी अस्पताल के 19 मरीज़ों का भी सैंपल लिया गया है और 45 मेडिकल स्टाफ को होम क्वारिंटिन किया गया है. दिल्ली में अभी तक 50 से अधिक डॉक्टर और हेल्थ वर्कर संक्रमित हो चुके हैं.

मुंबई में भी डॉक्टरों और नर्स के पॉजिटिव आने पर पूरे अस्पताल को ही सील किया जा चुका है.

CRPF के एक डॉक्टर का टेस्ट पॉज़िटिव आया है. उन्हें झज्जर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है. 

दिल्ली के एक महाराजा अग्रसेन अस्पताल के खिलाफ एफआईआर हुई है. एक सब इंस्पेक्टर की मौत हुई है जिनका पॉज़िटिव आया था. अस्पताल ने लापरवाही से शव परिजनों को सौंप दिया था. ये आरोप है.

आज भी एम्स के रेज़िडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि इन चीज़ों को लेकर सवाल उठाने पर अधिकारियों का रुख सकारात्मक नहीं रहता है. एम्स के रेज़िडेंट डॉक्टर संघ ने आरोप लगाया है कि PPE किट के लिए 50 लाख रुपये का फंड प्रधानमंत्री केयर में भेज दिया गया. हिन्दू अखबार में ख़बर छपी है. यह तो वक्त के हिसाब से गलत है. डॉक्टर PPE किट की मांग कर रहे हैं. उसका पैसा किसी और मद में क्यों जा रहा है?

चीन ने भारत को 1 लाख 70 हज़ार PPE किट दान में दिए हैं. भारत ने घरेलु स्तर पर 20 हज़ार कवर ऑल बनाए हैं. इससे यह संख्या 1 लाख 90 हज़ार हो जाती है. भारत में पहले से 3 लाख 87 हज़ार 473 PPE उपलब्ध हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़ा दिया है. अकेले बिहार ने 5 लाख PPE किट की मांग की है. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि भारत के पास कितने कम हैं. कितनी कम तैयारी है. 80 लाख PPE के ऑर्डर सिंगापुर की कंपनी को दिए गए हैं जो 11 अप्रैल से आने लगेंगे.

N-95 मास्क की स्थिति थोड़ी अच्छी है. सरकार अस्पतालों को 20 लाख मास्क दे चुकी है. भारत में घरेलू तौर पर बने 2 लाख N-95 मास्क अस्पतालों को मुहैया कराया जा रहा है. लेकिन जब तक PPE पर्याप्त नहीं होंगे डॉक्टरों और हेल्थ वर्करों में भरोसा पैदा नहीं होगा.

वैसे जब मुंबई के BMC ने प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों से जुड़ने की अपील की तो बड़ी संख्या में डॉक्टर पंजीकरण कराने आ गए.

आयरलैंड के प्रधानमंत्री डॉक्टर भी हैं. कोरोना के संकट को देखते हुए उन्होंने अपना पंजीकरण करा लिया है. अब वे डॉक्टरी भी करेंगे.

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