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FIFA WORLD CUP: जब पिछली बार मिस्र की टीम यहां थी तब सालाह पैदा भी नहीं हुए थे

मिस्र, यानी इजिप्ट 28 साल बाद वर्ल्डकप में खेल रहा है. रात साढ़े आठ बजे (भारतीय समयानुसार) जब मोहम्‍मद सालाह मैदान में उतरेंगे, तो एकाटेरिनबर्ग एरीना में मौजूद 45,000 दर्शकों के अलावा, दुनिया की आधी आबादी की निगाहें उसी पर टिकी होंगी.

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FIFA WORLD CUP: जब पिछली बार मिस्र की टीम यहां थी तब सालाह पैदा भी नहीं हुए थे

वर्ल्‍डकप 2018 में मिस्र के प्रदर्शन का दारोमदार बहुत कुछ सालाह पर टिका हुआ है

फीफा विश्‍वकप 2018: आज फुटबॉलर मोहम्‍मद सालाह का 26वां जन्मदिन है. जब उसके देश की टीम पिछली बार वर्ल्डकप में खेली थी, तब वह पैदा भी नहीं हुए थे. मिस्र, यानी इजिप्ट 28 साल बाद वर्ल्डकप में खेल रहा है. रात साढ़े आठ बजे (भारतीय समयानुसार) जब मोहम्‍मद सालाह मैदान में उतरेंगे, तो एकाटेरिनबर्ग एरीना में मौजूद 45,000 दर्शकों के अलावा, दुनिया की आधी आबादी की निगाहें उसी पर टिकी होंगी.जब बॉल उसके बूट से टकराकर गोलपोस्ट के भीतर जाती है, तो लिवरपूल फुटबॉल क्लब स्टेडियम का नज़ारा कुछ ऐसा हो उठता है - पहले जश्न और शोर, फिर कुछ क्षण की खामोशी, फिर हाथ आसमान की तरफ उठता है खुदा को शुक्रिया कहने के लिए, और फिर जब वह धरती को चूमता है, तो उन लम्हों की पवित्रता के लिए ज़रूरी शांति का उसके प्रशंसक सम्मान करते हैं. यह फुटबॉल के नए सुपरस्टार मोहम्मद सालाह हैं, और वह अपने कारनामों से लिवरपूल क्लब के ही नहीं, दुनियाभर के लाड़ले बन गए.

 यह इस बात की तसदीक भी है कि आस्था आज भी पहचान और शोहरत के रास्ते में नहीं आती. आज के हालात में सालाह उस विश्वास, समाज और संस्कृति की नई पहचान बन रहे हैं, जिसे दुनिया संदेह और सवालों की नज़र से देख रही है. पश्चिमी समाज पर मंडरा रहे इस्लामोफोबिया के मिथक को किक मारते सालाह उस लीग में शामिल हो गए हैं, जहां मिस्र के इस खिलाड़ी की तुलना लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो से की जा रही है. सालाह लिवरपूल के लिए 43 मैचों में 49 गोल कर चुके हैं और साथी खिलाड़ियों और फुटबॉल लेखक संघ ने उन्हें अप्रैल में साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना है. मोहम्मद सालाह इंग्लैंड में भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने मिस्र में.

 सालाह पिछले अक्टूबर में मिस्र के नायक बने थे, जब आखिरी क्षणों में उनके पेनल्टी किक से मिस्र की टीम 1990 के बाद पहली बार वर्ल्डकप में जगह बनाने में कामयाब रही थी. राजधानी काहिरा की दीवारें उनके पोस्टरों से रंग गईं, और समूचे बाज़ार पर उनकी तस्वीर छा गई. चादर से लालटेन तक सालाह ही सालाह. समूचा मिस्र आज लिवरपूल का फैन बन गया है. मोहम्मद सालाह की लोकप्रियता की बड़ी वजह है उनका अपनी पहचान पर फख्र होना.मोहम्मद सालाह पिछले महीने यूएफा चैम्पियन्स लीग के फाइनल में लिवरपूल की ओर से खेलते हुए कंधे में चोट खा बैठे थे, लेकिन मिस्र के कोच हेक्टर कूपर ने साफ कर दिया है कि सालाह चोट से उबर गए हैं, और उरुग्वे के खिलाफ खेलने को तैयार हैं. सो, अब देखना यह है कि क्या मिस्र दो बार के चैम्पियन उरुग्वे को मात दे पाएगा...?

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 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.


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