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संसद के गलियारे से...

अधिकतर लोग ये मान कर चल रहे हैं कि लोकसभा चुनाव दिसंबर में अन्य राज्यों के विधानसभा के साथ करवा लिया जाए. कई लोग मानते हैं कि अगले लोकसभा चुनाव के साथ 12 राज्यों के चुनाव साथ हो सकते हैं.

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संसद के गलियारे से...

भारतीय संसद भवन (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: संसद भवन का सेंट्रल हॉल एक ऐसी जगह है जहां सभी सांसद, सभी दलों के नेता साथ-साथ बैठते हैं, साथ खाते हैं और गप्पें मारते हैं. साथ ही देश के राजनैतिक हालात पर खुल कर अपनी राय रखते हैं. संसद के गलियारे में हर जगह चर्चा थी कि अगला लोकसभा चुनाव कब होगा. कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. अधिकतर लोग ये मान कर चल रहे हैं कि लोकसभा चुनाव दिसंबर में अन्य राज्यों के विधानसभा के साथ करवा लिया जाए. कई लोग मानते हैं कि अगले लोकसभा चुनाव के साथ 12 राज्यों के चुनाव साथ हो सकते हैं.

बीजेपी की कोशिश इस बार 51 फीसदी वोट हासिल करने की है. इसके लिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं की फौज तैयार की है. हरेक बूथ पर 25 कार्यकर्ता तैयार किए गए हैं. देश के 9 लाख बूथों में से 7 लाख बूथों पर यह व्यवस्था लागू कर दी गई है. बीजेपी ने करीब सवा 14 लाख कार्यकर्ताओं को इसके लिए तैयार कर लिया है. पार्टी के पास इन सभी कार्यकर्ताओं का टेलीफोन नंबर और वोटर आई कार्ड के ब्यौरे हैं. इसका मतलब हुआ कि बीजेपी की पहुंच करीब सवा 6 करोड़ परिवारों तक हो गई है.

बीजेपी की तैयारी इतनी पुख्ता है कि इन कार्यकर्ताओं के ब्योरे को समय-समय पर जांचा जाता है और समय-समय पर इनसे संर्पक भी किया जाता है. इसका ड्राई रन विधानसभा चुनाव में किया जाता रहा है और यह फार्मूला कारगर साबित हुआ है. बीजेपी का मानना है कि तमाम विपक्षी एकता के बावजूद बीजेपी को कैराना में 47 फीसदी वोट मिले थे. पार्टी यह भी मानती है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने राहुल गांधी का चेहरा चुनाव में नहीं टिक पाएगा.

बीजेपी यह भी मानती है कि राजस्थान में भले ही विधानसभा चुनाव में लोग वसुंधरा राजे को वोट नहीं देना चाहते हैं मगर लोकसभा चुनाव में वो मोदी के चेहरे के साथ ही जाएंगे. इसका मतलब है पार्टी समय-समय पर सर्वे भी करवाती रहती है. और शायद इन्हीं वजहों से दिसंबर में विधानसभा चुनावों को साथ ही लोकसभा के चुनाव भी करवा लिए जाएं ताकि विधानसभा के मुद्दे गौण हो जाएं और मोदी का प्रभाव और उनका चेहरा सब पर भारी पड़े और चुनाव आसानी से जीता जा सके...

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मनोरंजन भारती NDTV इंडिया में 'सीनियर एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर - पॉलिटिकल न्यूज़' हैं...

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.


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