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गोरखपुर की चुनावी जंग में कड़ा मुकाबला

सपा-बसपा को निषादों का समर्थन, कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटों में सेंध लगाने से बीजेपी की हालत खराब, गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी के साथ प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी प्रतिष्ठा की सीट बन गई..

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गोरखपुर पूर्वांचल की सबसे हॉट सीट मानी जाती है. वजह है कि गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट है. मुख्यमंत्री बनने के पहले योगी इस सीट से पांच बार सांसद बने. पहली बार 1998 में जीते थे 21 हजार वोटों से फिर उनका जीत का अंतर बढ़ता चला गया. उससे पहले महंत अवैद्यनाथ 1991 से 1998 तक बीजेपी के टिकट पर जीते और 1989 से 1990 में हिंदू महासभा से जीते. मगर योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में प्रवीण निषाद साढ़े 21 हजार वोटों से जीते. निषाद सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार थे.

इस बार गोरखपुर से बीजेपी ने भोजपुरी अभिनेता रवि किशन को उम्मीदवार बनाया है. सपा-बसपा गठबंधन से राम भुवन निषाद मैदान में हैं तो कांग्रेस ने मधुसूदन त्रिपाठी को टिकट दिया है, जो जाति से ब्राह्मण हैं. गोरखपुर में साढ़े तीन लाख निषाद मतदाता हैं तो 3 लाख ब्राह्मण. इस तरह से कांग्रेस ने ब्राह्मण उम्मीदवार उतारकर बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है क्‍योंकि मधुसूदन त्रिपाठी स्थानीय हैं, पेशे से वकील हैं और अपनी जाति में लोकप्रिय हैं. मगर यह बीजेपी का गढ़ रहा है. इस वक्त यहां की पांचों विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. 18 सालों से बीजेपी ही जीतती आई है.

सन 2014 में योगी आदित्यनाथ को करीब 52 फीसदी वोट मिले थे जबकि सपा-बसपा को मिलाकर 38 फीसदी. उपचुनाव में योगी अपना मन पसंद उम्मीदवार न दिए जाने से नाराज बताए जा रहे थे. नतीजा हुआ कि बीजेपी यह सीट हार गई, प्रवीण कुमार निषाद चुनाव जीत गए. इस बार हुआ यह है कि प्रवीण कुमार बीजेपी में शामिल हो गए हैं और बीजेपी ने उन्हें गोरखपुर से टिकट न देकर संत कबीर नगर से टिकट दिया है. जबकि गठबंधन ने रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा है और माना जा रहा है कि उन्हें करीब 80 फीसदी निषादों का सर्मथन हासिल है.


यही वजह है कि रवि किशन के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. उनके भोजपुरी स्टारडम के बावजूद गोरखपुर में मामला कुछ जम नहीं रहा है क्योंकि निषाद वोटों के अलावा गठबंधन के पास मुस्लिम, यादव और दलित वोट तो हैं ही जो मजबूती से उनके साथ खड़ा है. साथ ही कांग्रेस ने ब्राह्मण वोट में सेंध लगाकर बीजेपी की हालत और खराब कर दी है. यही वजह है कि गोरखपुर की सीट मुख्यमंत्री योगी के साथ प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी प्रतिष्ठा की सीट बन गई है.

(मनोरंजन भारती NDTV इंडिया में 'सीनियर एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर - पॉलिटिकल न्यूज़' हैं...)

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.


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