यह ख़बर 23 नवंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

मिहिर की ज़ुबानी : जूनियर 'लता मंगेशकर' को हमने ढूंढ़ा कैसे?

नई दिल्ली:

एक वीडियो जो लगातार शेयर किया जा रहा था और जिसपर बहुत ज़्यादा बातें हो रहीं थीं.. हर वह शख्स जो उस वीडियो में गा रही बच्ची की आवाज़ का मुरीद हो रहा था वह ये जानने की ख़्वाहिश भी रखता था कि दरअसल वह बच्ची है कौन? फिर कयासों का दौर शुरू हुआ कोई उसे घर में काम करने वाली लड़की बता रहा था तो कोई किसान की बेटी।

एनडीटीवी के न्यूज़रूम में भी सबकी दिलचस्पी उस वीडियो को लेकर थी। सवाल ये था कि आखिर वीडियो में दिख रही बच्ची है कौन.. ये सवाल मेरे ज़ेहन में भी था। मुझे उस आवाज़ को तलाश करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। मुझे लगा कि जो सोशल नेटर्वक उसे मशहूर बना रहा था उसी सोशल नेटवर्क के सहारे उसे तलाश किया जा सकता है।

मुंबई के गायक प्रशांत ने इस वीडियो को शेयर किया था। प्रशांत से बात हुई। वह भी सच जानना चाहते थे, लेकिन हक़ीकत ये थी कि उन्होंने भी सिर्फ़ शेयर किया था, ना कि अपलोड। तो आखिर इस वीडियो को किसने अपलोड किया था? खैर प्रशांत से बात कर इतना ज़रूर पता चला कि उन्होंने इस वीडियो को एक गायक के पेज से शेयर किया था। जब मैं उनके पेज पर गया तो इस वीडियो पर कई सौ कमेंट थे, लेकिन अब भी ये पता नहीं चल रहा था कि इसे अपलोड किसने किया।

मैंने सभी कमेंट को ध्यान से पढ़ना शुरू किया इस उम्मीद में कि शायद कोई जानकारी मिल जाए। आखिर मेरी कोशिश कामयाब रही। किसी ने एक स्क्रीन शॉट कमेंट में डाला था। उस स्क्रीन शॉट में एक फेसबुक पेज का डिटेल था, जिसमें लिखा था..माई स्टूडेंट जयालक्ष्मी। और वह फेसबुक पेज मनोज जयादेव ने बनाया था।

मैं मनोज जयादेव के फेसबुक पेज पर पहुंच चुका था। वहां मनोज ने जो वीडियो डाला था वह 1 नवंबर का वीडियो था, जबकि बाकि वीडियो की तारीख जो तमाम साइट्स पर उपलब्ध थीं उसके बाद की थीं। मुझे कहीं भी 1 नवंबर से पहले की जयालक्ष्मी का वीडियो नहीं मिला।

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मैंने 19 नवंबर को मनोज को एक मेल लिखा और उनसे अपील की कि वह मुझे अपना नंबर दें या मुझे फोन करें। लेकिन उनकी तरफ़ से कोई फोन नहीं आया ना कोई जवाब। मैं लगातार उनकी पेज पर नई जानकारी के लिए जा रहा था... लेकिन ऐसा लग रहा था कि वह कुछ दिनों से फेसबुक पर नहीं आए थे और ना ही कोई मोबाइल नंबर मौजूद था। हां मुझे इतना ज़रूर पता चला कि वह किस स्कूल में पढ़ाते हैं।

मैंने 21 नवंबर की सुबह स्कूल फोन किया और उनसे मनोज जयादेव का नंबर देने की अपील की। स्कूल ने मुझे नंबर दे दिया और कुछ देर बाद मनोज जयादेव से मेरी बात हो रही थी। उन्होंने बताया कि जयालक्ष्मी उनकी स्टूडेंट हैं और उन्हें कोई आपत्ति नहीं है कि हम उससे मिलें। यह जानकारी चैनल में सीनियर्स के साथ ही सहयोगी स्नेहा को दी, जो कोच्चि में थीं। कुछ ही घंटों में ये साफ हो गया कि जानकारियां बिल्कुल सही थीं और हम अपनी मंज़िल के करीब पहुंच चुके थे। जिस सोशल नेटवर्किंग साइट पर जयालक्ष्मी की आवाज़ दुनिया भर में हिट हुई उसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने हमें जयालक्ष्मी तक पहुंचा दिया था।