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शाहरुख़ और रोहित के बीच विवाद की खबर... मगर ज़िम्मेदार कौन?

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शाहरुख़ और रोहित के बीच विवाद की खबर... मगर ज़िम्मेदार कौन?

शाहरुख खान और रोहित शेट्टी का फाइल फोटो...

इन दिनों फ़िल्म 'दिलवाले' के निर्देशक और इसके अभिनेता व निर्माता शाहरुख़ ख़ान के बीच विवाद और मनमुटाव की खबरें सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर आग की तरह फैल रही हैं। खबरें लिखी जा रही हैं कि पिछले क्रिसमस के मौक़े पर रिलीज़ हुई फ़िल्म 'दिलवाले' बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक़ सफ़ल नहीं हो सकी। इस फ़िल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है और इस नुकसान की वजह शाहरुख़ ख़ान के असहनशीलता के बयान को माना जा रहा है, क्योंकि इस बयान की वजह से कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुए और बहुत सारे शोज़ कैंसल हुए। ख़बरों में लिखा जा रहा है कि इसी कारण रोहित शेट्टी नाराज़ हैं कि अगर शाहरुख़ कोई टिप्पणी नहीं करते तो 'दिलवाले' की कमाई इतनी कम नहीं होती।

मगर क्या वाक़ई शाहरुख़ की बयानबाज़ी के कारण फ़िल्म 'दिलवाले' को नुकसान हुआ। मेरे नज़रिये से बहुत थोड़ा फ़र्क़ पड़ा है और असल वजह कुछ और ही है?

दरअसल, छुट्टियों के मौक़े पर इनकी फिल्में अकेली रिलीज़ होती हैं और इनकी फिल्मों को 35 से 40 करोड़ की ओपनिंग मिलती है। ऐसा नहीं है कि रोहित शेट्टी निर्देशित फ़िल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस हो या फराह ख़ान निर्देशित फ़िल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' कोई मास्टर पीस फिल्में थीं, मगर ये फिल्में 35 से 40 करोड़ की ओपनिंग लेकर गईं और 'चेन्नई एक्सप्रेस' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ का कलेक्शन पार किया था और 'हैप्पी न्यू ईयर' भी 200  करोड़ के पास पहुंची थी। मगर इस बार सबसे पहली गलती हुई फ़िल्म 'बाजीराव मस्तानी' के साथ 'दिलवाले' को रिलीज़ करने की।

'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' के एक साथ रिलीज़ होने की वजह से थिएटर और दर्शक बंटे, लिहाज़ा कमाई भी बंट गई। 18 दिसंबर को 33.80 करोड़ का बॉक्स ऑफिस पर कारोबार हुआ, वो भी बिना किसी छुट्टी के मगर ये पैसे बंट गए। 'दिलवाले' के हिस्से में जहां 21 करोड़ आए वहीं, 'बाजी राव मस्तानी' की झोली में 12.80 करोड़। यानि 'दिलवाले' और 'बाजीराव मस्तानी' अकेले-अकेले रिलीज़ होती तो ये पूरी कमाई किसी एक की होती। वीकेंड पर भी अच्छा कलेक्शन हुआ मगर यह कलेक्‍शन दोनों फिल्मों के बीच बंट गया। इसलिए सबसे पहली गलती शाहरुख़ ख़ान और रोहित ने अपनी फ़िल्म दिलवाले को 'बाजीराव मस्तानी' के साथ रिलीज़ करने की कर डाली।

'दिलवाले' के लिए नुकसानदेह ये भी हुआ कि इस बार संजय लीला भंसाली ने अच्छी फ़िल्म बना दी और यही 'दिलवाले' के पिछड़ने की दूसरी वजह बनी। 'बाजीराव मस्तानी' को समीक्षकों से लेकर दर्शकों की खूब वाहवाही मिली। इस वजह से 'बाजीराव मस्तानी' ने ओपनिंग वीकेंड पर 'दिलवाले' से पिछड़ने के बावजूद भी रिलीज़ के 5वें और छठे दिन बढ़त बनानी शुरू कर दी और अब भी बाजीराव मस्तानी आगे चल रही है, क्योंकि इस फ़िल्म के पास रिपीट वैल्यू है। वहीं, 'दिलवाले' को एक मसाला फ़िल्म की तरह दर्शकों ने एक बार देखा और आगे बढ़ गए या फिर यूं कहें कि शाहरुख़ के स्टारडम की वजह से इस फ़िल्म ने इतना भी कारोबार कर लिया।

शायद शाहरुख़ ने सोचा होगा कि 2007 में जिस तरह उन्‍होंने संजय लीला भंसाली की फ़िल्म 'सांवरिया' को एकतरफ़ा हराया था वैसे ही इस बार भी हरा देंगे। शायद इसीलिए 'बाजीराव मस्तानी' के पहले डेट बुक करने के बाद शाहरुख़ बीच में कूद पड़े और 'दिलवाले' को रिलीज़ कर दिया। मेरे नज़रिये से शाहरुख़ से यही गलती हुई।

इकबाल परवेज़ मनोरंजन जगत के वरिष्ठ पत्रकार हैं...

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति एनडीटीवी उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार एनडीटीवी के नहीं हैं, तथा एनडीटीवी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।


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