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विचार
  • 3800 आरोपियों वाले व्यापम घोटाले पर प्रधानमंत्री मोदी बोल सकते हैं?
    रवीश कुमार
    लखनऊ की डॉक्टर मनीषा शर्मा ने इसी महीने आत्महत्या कर ली. मनीषा मध्यप्रदेश के व्यापम मामले में गिरफ़्तार हो चुकी थीं और उन्हें सीबीआई के बुलाने पर ग्वालियर भी जाना था मगर ज़हर का इंजेक्शन लगा लिया. उन पर किसी और छात्र के बदले इम्तिहान देकर पास कराने के आरोप थे. आत्महत्या के कारणों की प्रमाणिक बातें नहीं आईं हैं क्योंकि मीडिया अब भारत के इतिहास के सबसे बड़े परीक्षा घोटाले में दिलचस्पी नहीं लेता है. व्यापम मामले से जुड़े कितने लोगों की इन वजहों से मौत हो गई फिर भी इसे लेकर चुप्पी है.
  • 'फिर राम याद आए, क्या चुनाव नजदीक आए'?
    अखिलेश शर्मा
    इन्हें फिर राम याद आए हैं. पूछो क्या चुनाव नजदीक आए हैं. यह वो आरोप है जो विपक्ष आरएसएस और बीजेपी पर हमेशा लगाता रहा है. लेकिन पिछले एक महीने में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चार बार राम मंदिर का नाम लेकर एक तरह से विपक्ष के आरोप की पुष्टि ही की है.
  • जब सब मोदी नाम की आंधी के खौफ में थे, तब लिखा था अकबर के नाम पत्र
    रवीश कुमार
    6 जुलाई 2016 को अकबर के नाम पत्र लिखा था. तब सब मोदी नाम की आंधी के ख़ौफ़ में थे. उन्हें लगता था कि मोदी जिसे छू देंगे वो हीरा बन जाएगा. तब लोग चुप रहे, लगा कि अकबर कोई क़ाबिल शख़्स है जिसकी तलाश मोदी के मुस्तकबिल है. मैं जानता था अकबर क्या है, क्यों अकबर को लेकर सवाल करना चाहिए. आप चाहें तो उस पत्र को पढ़ सकते हैं. 
  • मोबाइल उत्पादन के नाम पर झांसेबाज़ी, ONGC का ख़ज़ाना ख़ाली, निर्यात भी घटा
    रवीश कुमार
    भारत की मुद्रा दुनिया की सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाली चार मुद्राओं में शामिल है. जेटली यह नहीं बता रहे हैं कि मज़बूत नेता और एक दल की बहुमत की सरकार होने के बाद भी आर्थिक हालत पांच साल ख़राब क्यों रही लेकिन अभी से डराने लगे है कि गठबंधन की सरकार आएगी तो भारत की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाएगी. क्या अभी के लिए गठबंधन की सरकार दोषी है?
  • इलाहाबाद के बाद अब अकबर को बदलने का वक़्त आ गया है
    रवीश कुमार
    सोलह महिला पत्रकारों का आरोप सामान्य घटना नहीं है. सबके आरोप में कई बातें सामान्य हैं. पता चलता है कि अकबर मनोरोगी की हद तक अकेली लड़की को बुलाकर हमला करते थे. होटल के कमरे में काम के बहाने बुलाने पर ज़ोर देते थे. कमरे में शराब पीने के लिए बर्फ़ निकालने और गिलास में शराब डालने की बात करते थे.
  • क्या एमजे अकबर इस्तीफ़ा ना देने पर अड़ गए हैं?
    रवीश कुमार
    विदेश राज्य मंत्री मुबशिर जावेद अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी पर मानहानि का मुकदमा किया है. वकालतनामे में 97 वकीलों का नाम देखने के बाद भी दो महिलाएं और सामने आईं हैं. स्वाति गौतम ने क्विंट में और तुसीता पटेल ने स्क्रॉल डॉट इन में अकबर के साथ अपने अनुभव को लिखा है. उम्मीद थी कि कानूनी कार्रवाई के बाद अकबर को लेकर महिलाओं के लेख आने बंद हो जाएंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ. लग रहा था अब जिन्हें लिखना था उन्होंने लिख लिया है. बाकी नहीं लिखेंगी. एक दिन में दो महिलाओं के लेख आने के बाद कहा नहीं जा सकता है कि कल कोई लेख नहीं आएगा. कल कोई प्रसंग नहीं आएगा.
  • ऑपरेशन कमल इन गोवा...
    मनोरंजन भारती
    गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की लगातार बिगड़ती बियत के बाद बीजेपी ने यह फैसला किया है कि अब वह गोवा में एक नया मुख्यमंत्री बनाएगी. उसने अपने सरकार के बहुमत के लिए कांग्रेस के दो विधायकों का भी इस्तीफा भी करा दिया. गोवा जैसे छोटे से राज्य में अपनी सरकार बनवाने के लिए इतनी बड़ी मशश्कत करना यह दिखाता है कि बीजेपी छोटे से छोटे राज्य में अपनी सरकार बनवाने को लेकर कितनी गंभीर है. बीजेपी ने यही फॉर्मूला उत्तर पूर्व के कई राज्यों में अपनाया जहां बीजेपी के विधायकों की संख्या काफी कम है, मगर जोड़-तोड़ करके उन्होंने सरकार बनाई, यानी किसी भी हालत में किसी और पार्टी को सरकार नहीं बनाने देना है भले ही बीजेपी को उस राज्य में बहुमत न हो या वह सबसे बड़ी पार्टी भी न हो.
  • अकबर लिख रहे हैं नई आइन-ए-अकबरी, रिपोर्ट कर रहे हैं रवीश कुमार
    रवीश कुमार
    मैंने कल रात सपना देखा. अख़बार में ख़बर छपी थी. बादशाह अकबर इस सवाल से तंग आ गए थे कि उन्होंने किस दर्जे की तालीम हासिल की है, 'समग्र सम्राट शास्त्र' में दीक्षित अकबर के जवाब से जनता मुतमईन नहीं हुई.
  • अकेली लड़की, 24 घंटे, टू व्हीलर और गोवा का सोलो सफर
    पूजा साहू
    लड़कों के लिए सोला ट्रिप करना आसान हैं, लेकिन एक दिन अकेले घूम कर लगा कि लड़कियों के लिए भी ज्यादा मुश्किल नहीं. बस जरुरत है थोड़ा सतर्क होने की. यदि घूमने के शौकीन हैं तो एक न एक बार सोलो ट्रिप पर जरूर जाएं.
  • क्या सही में नीतीश अगले 10 सालों तक रहेंगे मुख्यमंत्री...
    मनीष कुमार
    जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नव नियुक्त सदस्य और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर का मानना है कि अगले दस सालों तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं.
  • अकबर ने आरोपों के पीछे मंशा पर ही उठाए सवाल
    रवीश कुमार
    एम जे अकबर पर 14 महिला पत्रकारों के लगाए आरोप और उनके जवाब की स्टोरी को लेकर एक अध्ययन यह भी करना चाहिए कि हिन्दी अखबारों ने अकबर पर लगे आरोपों का किस पन्ने पर और कितना छोटा सा छापा और जब खंडन आया तो उनके खंडन को कहां छापा और कितनी प्रमुखता से छापा.
  • क्या इरादा है कांग्रेस के बयानवीरों का...
    अखिलेश शर्मा
    विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस के भीतर से ही बयानवीरों ने पाटी्र की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. नेताओं में होड़ लगी है कि कैसे बयान देकर पार्टी को बचाव की मुद्रा में ला खड़ा करें. कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही है कि इन नेताओं के बयानों से हो रहे नुकसान की भरपाई कैसे करे और उनसे खुद को दूर कैसे करे.
  • गोवा का सियासी संकट...
    मनोरंजन भारती
    गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को उनके परिवार वाले गोवा ले गए हैं जहां उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पर्रिकर की तबियत नाजुक है फिर भी बीजेपी उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहती है. यही वजह है कि अभी तक बीजेपी गोवा में मुख्यमंत्री बदलने से इनकार करती रही है.
  • राम की मर्यादा भी भूल गई BJP...!
    प्रियदर्शन
    BJP अपने आराध्य देव राम की मर्यादा को याद रखती, तो उसे ख़याल आता कि सार्वजनिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति पर लगा लांछन कितने सख्त दंड की मांग करता है. सीता पर एक मामूली-से आरोप के बाद राम ने उन्हें महल से बाहर कर दिया - यह जितनी सज़ा सीता की थी, उतनी ही राम की भी - क्योंकि अंततः इसका लांछन राम के सिर भी आना था. एक तरह से महज एक लांछन पर राम ने सिर्फ सीता का बहिष्कार नहीं, अपना आत्मनिर्वासन भी चुना था.
  • हिन्दी अख़बारों-चैनलों से ग़ायब क्यों हैं अकबर पर लगे आरोपों के डिटेल
    रवीश कुमार
    14 महिला पत्रकारों ने मुबशिर जावेद अकबर पर संपादक रहते हुए शारीरिक छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं. ये सारे लेख अंग्रेज़ी में लिखे गए हैं और अंग्रेज़ी की वेबसाइट पर आए हैं. हफिंग्टन पोस्ट, मीडियम, दि वायर, वोग, फर्स्टपोस्ट, इंडियन एक्सप्रेस. ग़ज़ाला वहाब, कनिका गहलौत, प्रिया रमानी, प्रेरणा बिंद्रा सिंह, शुमा राहा, प्रेम पणिक्कर, सुपर्णा शर्मा, सुतपा पॉल, दू पू कांप (DU PUY KAMP), रूथ डेविड, अनसुया बासु, कादंबरी एम वाडे. इन चौदह महिला पत्रकारों के संस्मरण को आप ग़ौर से पढ़ें.
  • अब गंगा की फिक्र किसे है?
    रवीश कुमार
    प्रो. जी डी अग्रवाल की मौत ने साबित कर दिया है कि गंगा के नाम पर जो राजनीतिक भावुकता पैदा की जाती है वो फर्जी है. गंगा को लेकर कोई भावुकता नहीं है. न गंगा नदी के लिए और न ही गंगा मां के लिए है. प्रो. जी डी अग्रवाल गंगा के लिए स्वामी सानंद हो गए. शायद इसलिए कि इससे जुड़ी धार्मिकता गंगा के सवालों को बड़ा फलक देगी.
  • दिल्ली में क्यों महंगा है पेट्रोल?
    अखिलेश शर्मा
    मोदी सरकार के लिए तेल की कीमतों का सिरदर्द अभी दूर नहीं हो पा रहा. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं.
  • 2019 का सेमीफाइनल...
    मनोरंजन भारती
    पांच राज्यों में दिसंबर में चुनाव होने वाले हैं. ये राज्य हैं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम. इन सभी राज्यों में लोकसभा की 83 सीटें हैं. सीटों की स्थिति देखें तो कुछ इस तरह से है. मध्यप्रदेश-29, राजस्थान -25, छत्तीसगढ़-11, तेलंगाना-17 और मिजोरम में 1 लोकसभा की सीट है.
  • प्रो. जीडी अग्रवाल की मौत का जिम्मेदार कौन...
    प्रभात उपाध्याय
    प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) नहीं रहे. अपने जीते जी गंगा को साफ-सुथरा होता देखने की चाह रखने वाले प्रोफेसर अग्रवाल पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे. इस दौरान उन्होंने सरकार को कई दफे पत्र लिखा और चाहा की गंगा की सफाई के नाम पर नारेबाजी-भाषणबाजी के अलावा कुछ ठोस हो, लेकिन सरकारों का रवैया जस का तस रहा.
  • यह क्या... और बढ़ गया भ्रष्टाचार...?
    सुधीर जैन
    सनसनीखेज़ ख़बर है कि इस साल देश में भ्रष्टाचार और बढ़ गया. पिछले साल तक 100 में 45 भारतीय नागरिकों को घूस देकर अपना काम करवाना पड़ता था. इस साल 56 फीसदी नागरिकों को घूस देनी पड़ी. यह बात विश्वप्रसिद्ध संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (TI) और लोकल सर्किल्स के सर्वेक्षण से निकलकर आई है. TI पूरी दुनिया में भ्रष्टाचार की नापतोल का काम करती है. कुछ महीनों बाद TI भ्रष्टाचार के मामले में वैश्विक सूचकांक जारी करेगी, जिससे पता चलेगा कि भ्रष्टाचार के मामले में दूसरे देशों की तुलना में हमारी और कितनी दुर्गति हो रही है. बहरहाल इस सर्वेक्षण से यह ज़ाहिर है कि भ्रष्टाचार के आने वाले वैश्विक सूचकांक में अपने देश की हालत और खराब निकलकर आने का अंदेशा बढ़ गया है.
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