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विचार
  • नीतीश कुमार को क्या अपने 15 सालों पर भरोसा नहीं है?
    प्रियदर्शन
    नीतीश कुमार अकेले मुख्यमंत्री नहीं हैं जिन्होंने 15 साल लगातार शासन किया. दिल्ली आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बार चुने जा चुके थे और लगभग 13 साल पूरे कर चुके थे. दिल्ली में शीला दीक्षित ने 15 साल पूरे किए, उसके बाद चुनाव हारीं. ओडिशा में नवीन पटनायक भी उनसे लंबे समय से सरकार चला रहे हैं.
  • बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई
    रवीश कुमार
    नई शिक्षा व्यवस्था के लिए नीतीश कुमार को नोबेल प्राइज़ मिलना चाहिए और सुशील मोदी को संयुक्त राष्ट्र का महासचिव बना देना चाहिए. कमाल का काम किया है दोनों ने. बल्कि दोनों को बिहार से पहले अमरीकी चुनाव में भी विजयी हो जाना चाहिए.
  • चिराग पासवान- भाजपा की बी-टीम बनकर भी नीतीश कुमार को हरा नहीं सकते
    मनीष कुमार
    विपक्षी गठबंधन, जिसने 30 वर्षीय तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया है और इसमें कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं, के प्रति आकर्षण बहुत कम है. और अगर, तीन हफ्ते पहले तक, चुनाव एक सौदा लग रहा था, तो 36 वर्षीय चिराग पासवान ने अब उसमें बहुत धार दे दी है.
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद भी बेहद अहम
    कादम्बिनी शर्मा
    इस बार के अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन के साथ उपराष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतरीं भारतीय मूल की कमला हैरिस को लेकर भारत में काफी उत्सुकता है. लेकिन उनके इस चुनाव में उतरने की क्या है अहमियत? वो क्या कर पाएंगी एक उपराष्ट्रपति के तौर पर अगर वो चुनी जाती हैं? क्या ज़िम्मेदारियां या ताकत होगी उनके पास?
  • टीवी मीडिया के गटर से निकला जमूरा पत्रकारिता का जिन्न
    रवीश रंजन शुक्ला
    पुलिस बेरीकेटिंग के नजदीक हम लोग लाइव की तैयारी कर रहे थे..सुबह के आठ बजने वाले थे...नर्म धूप धीरे-धीरे तीखी हो रही थी लेकिन हवा में अब भी  हल्की ठंड मौजूद थी. गांव जाने वाले रास्ते को पुलिस बेरीकेट से बंद कर दिया गया था और एक इंस्पेक्टर जीप के बोनट पर ड्यूटी बदलने का चार्ट बना रहा था. रात भर की ड्यूटी से हलकान पुलिस और PAC वालों के चेहरे तो मास्क में छिपे थे लेकिन कोई बेरीकेट तो कोई दीवार के सहारे टिका शरीर को थोड़ा आराम देने की कोशिश कर रहा था. असहाय सी दिखने वाली सबकी आंखें बस बिना उम्मीद मीडिया के कैमरे और रिपोर्टर पर टिकी थी. गोरिल्ला युद्ध की तरह अचानक लस्त पस्त पड़ी पुलिस फोर्स को देखकर एक महिला एंकर बेरीकेट खींचकर अंदर दाखिल हुई और लाइव में चीखते हुए.. ये देखिए किस तरह हमें रोकने की कोशिश हो रही है लेकिन हम इंसाफ दिलाकर रहेंगे...
  • रामविलास पासवान का अपने 'चिराग' से बिहार को रोशन करने का सपना
    मनोरंजन भारती
    बिहार चुनाव (Bihar Elections) के बारे में अभी तक यह कहा जा रहा था कि यहां तीन बड़े दल हैं जिसमें से दो एक साथ हो गए तो चुनाव वही जीतेंगे. जैसे कि जेडीयू (JDU) और बीजेपी (BJP), या कहें पिछली बार जेडीयू और आरजेडी (RJD). मगर बिहार में जिस तरह के चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने अपने तेवर दिखाए हैं उससे बिहार का चुनाव दिलचस्प हो गया है. एक तो चिराग पासवान ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के अस्तित्व को ही नकारते हुए जेडीयू के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. चिराग की इस घोषणा के पीछे बीजेपी की भी रणनीति दिखाई दे रही है.
  • बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के नाम रवीश कुमार का पत्र
    रवीश कुमार
    मंगल पांडे जी, समझ सकता हूं कि आप चुनाव कार्य में व्यस्त होंगे. चुनाव आयोग के कारण आप नीतिगत फैसला नहीं ले सकते लेकिन आपके सचिव जिनका काम है कि वे छात्रों की समस्याओं को देखें, उन्हें ये काम कर देना चाहिए था, या फिर छात्रों के साथ बातचीत कर अपनी बात बता देनी चाहिए थी. मुझे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का पक्ष मालूम नहीं है लेकिन मेडिकल के छात्रों की बात से लगता है कि उन्हें राहत मिलनी चाहिए. 
  • मेरे रोल मॉडल पीएम मोदी हैं जिन्हें नीतीश कुमार ने धोखा द‍िया : चिराग पासवान
    मैं राजनीति में हूं औरा मेरा सपना एक अलग बिहार का भी है. मैं एक बात स्पष्ट कर दूं कि में नीतीश कुमार से मेरा कोई निजी अलगाव नहीं हैं जो कि इस चुनाव में एनडीए का चेहरा भी हैं. बिहार में एनडीए से अलग होकर मेरा अकेले चुनाव में जाने का फैसला मेरे उस यकीन की वजह से था कि अगर मेरे राज्य को विकास करना है तो इसे एक डबल इंजन की सरकार चाह‍िए जिसमें कोई बीजेपी नेता राज्य की कमान संभाले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन आत्मनिर्भर भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके.
  • हाथरस: राज्य ही जब झूठ और फ़्राड करे तो उसे सज़ा क्यों नहीं
    रवीश कुमार
    बलात्कार की तमाम घटनाओं के बीच फ़र्क़ यही था कि लोगों की चर्चाओं के बीच पीड़िता के शव को जला दिया गया. यह राज्य की तरफ़ से ऐसी नाफ़रमानी थी जो लोगों को धक से लग गई. राज्य और प्रशासन इस सवाल से भाग रहा है.
  • नीतीश कुमार को मात देने के लिए अमित शाह ने खेला बड़ा खेल...
    स्वाति चतुर्वेदी
    "मोदी तुझसे बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं..." इसी नारे के साथ 37-वर्षीय चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने उस गठबंधन से बाहर निकल आने की धमकी पर खरा उतरकर दिखाया है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी साझीदार हैं. अब LJP मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खिलाफ प्रत्याशी उतारेगी, लेकिन उन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिस्से में होंगी. और उधर, केंद्र में चिराग पासवान और नीतीश कुमार, दोनों की पार्टियां BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनी रहेंगी.
  • यूपी की गैंगरेप पीड़िता मेरे सामने जलाई गई, मैंने सब देखा- पुलिसवाले ने क्या-क्या किया?
    अरुण सिंह
    पीड़िता के गांव जाने के रास्ते में आने वाले एक स्थानीय थाने में हमने देखा कि वहां पुलिस अधिकारियों की कई गाड़ियां खड़ी हैं. हमने वहां पुलिस कमिश्नर की कार देखी, तब लगा कि वहां थाने में कुछ अहम मीटिंग हो रही होगी.
  • हाथरस - विपक्ष दिखाया नहीं जाता या दिखता नहीं है?
    रवीश कुमार
    सरकार से सवाल करने में डर लगता है. तब बहाना बनाया जाता है कि विपक्ष कहाँ है. विपक्ष की खोज उनकी अपनी ज़रूरत के लिए होती है ताकि डिबेट के नाम पर इस घटना बनाम उस घटना का मैच शुरू हो सके.
  • अमेरिकी प्रेसिडेंशियल डिबेट क्यों हैं खास..
    कादम्बिनी शर्मा
    इस डिबेट की परंपरा 1976 में ही शुरू हुई. हमने 29 सितंबर 2020 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिद्वंदी जो बाइडेन के बीच पहला डिबेट देखा. इसके पहले ही अमेरिका के कई राज्यों में हिंसा हुई है. जानकारों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों ने, उनके ट्वीट्स ने लोगों को बांटने का काम ज्यादा किया है और लोगों ने पहले ही तय कर रखा है कि वो अपना वोट रिपब्लिकन्स को देंगे या डेमोक्रैट्स को.
  • हाथरस.. कब होगी डीएम और एसपी पर कारवाई?
    मनोरंजन भारती
    हाथरस में जो कुछ हुआ उससे पूरा देश सन्न है और सदमे में है. लोगों में इस वारदात को ले कर गुस्सा है. उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ए के जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक क्राईम स्टेट बन चुका है. पुलिस की तरफ से कहा गया है कि सभी आरोपी हिरासत में हैं.
  • मिडिल क्लास इंडिया, अब कहां है तुम्हारा आक्रोश...
    निधि राज़दान
    एक युवा दल‍ित महिला के साथ बेरहमी से गैंगरेप किया गया, उसे इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसकी कई हड्ड‍ियां टूट गईं, उसे लाचार बनाकर छोड़ द‍िया गया, उसकी जीभ काट दी गई और गला भी घोंटा गया, इतनी यातनाओं के बाद खून से लथपथ उसे उत्तर प्रदेश में उसके घर के पास ही छोड़ दिया गया. देश के उस सबसे बड़े राज्य में रूह को कंपा देने वाली यह वारदात हुई है जहां कुछ समय पहले ही मुख्ययमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था को फिर से बहाल करने को लेकर बड़ी बड़ी बातें कर रहे थे.
  • बिहार में हर गठबंधन के पीछे भाजपा
    मनोरंजन भारती
    बिहार चुनाव के लिए राजनीति का शतरंज बिछ चुका है और सभी दलों ने अपना दांव खेलना शुरू कर दिया है. वैसे देखा जाए तो दो ही प्रमुख गठबंधन नजर आ रहे हैं एक बीजेपी-जदयू का एनडीए, जिसमें बीजेपी के साथ पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी है तो जेडीयू के साथ मांझी की हम पार्टी.
  • हाथरस त्रासदी: योगी के खिलाफ सिर्फ सपना देखने वाले विपक्षी
    स्वाति चतुर्वेदी
    हाथरस की दलित किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. उसकी जीभ काट दी गई थी, रीढ़ की हड़्डी भी तोड़ दी गई थी. उसे लकवा मार गया था.
  • क्या लोकतांत्रिक नेता और तानाशाह नेता दोस्त हो सकते हैं?
    रवीश कुमार
    भारत लोकतंत्र का चेहरा था. आज भारत की संस्थाएं चरमराती नज़र आ रही हैं. भारत में और न ही भारत के बाहर लोकतंत्र के सवालों को लेकर भारत के नेता बोलते नज़र आ रहे हैं.
  • बिहार चुनाव : दोनों गठबंधन में फंसा है पेंच
    मनोरंजन भारती
    बिहार में अगले कुछ दिनों में पहले फेज के लिए नामांकन की प्रकिया शुरू हो जाएगी, लेकिन बिहार में राजनैतिक परिदृश्य अभी तक साफ नहीं हुआ है. एनडीए और महागठबंधन में अभी तक सहयोगी दलों को लेकर संशय बना हुआ है. एनडीए में चिराग पासवान ने पेच फंसाया हुआ है तो महागठबंधन में कांग्रेस और वाम दलों ने. दोनों गठबंधन में सभी दल ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं.
  • कोरोना में बिहार चुनाव से किसको फायदा ?
    मनोरंजन भारती
    Bihar Assembly Elections: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. 28 अक्टूबर,3 और 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी. चुनाव आयोग ने इस बार कोरोना को देखते हुए बड़ी संख्या में मास्क,सेनेटाइजर और दस्तानों की व्यवस्था की है. मगर सवाल अभी भी वही बना हुआ है कि इस वक्त चुनाव कराने की क्या जरूरत थी. कोरोना के इस काल में दुनिया के करीब 60 देशों ने अपने चुनाव टाल दिए हैं तो बिहार में चुनाव के लिए इतनी हड़बड़ी क्यों की गई? आखिर इससे किसको फायदा हो रहा है ? कौन है वो जो इस चुनाव के लिए जोर लगा रहा है ? ये बात यहां इसलिए महत्वपूर्ण है कि चुनाव आयोग से चुनाव टालने का अनुरोध विपक्षी दल जैसे आरजेडी और कांग्रेस ने तो किया ही था एनडीए में शामिल रामविलास पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी ने भी किया था.
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