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विचार
  • 2019 का सेमीफाइनल...
    मनोरंजन भारती
    पांच राज्यों में दिसंबर में चुनाव होने वाले हैं. ये राज्य हैं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम. इन सभी राज्यों में लोकसभा की 83 सीटें हैं. सीटों की स्थिति देखें तो कुछ इस तरह से है. मध्यप्रदेश-29, राजस्थान -25, छत्तीसगढ़-11, तेलंगाना-17 और मिजोरम में 1 लोकसभा की सीट है.
  • प्रो. जीडी अग्रवाल की मौत का जिम्मेदार कौन...
    प्रभात उपाध्याय
    प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) नहीं रहे. अपने जीते जी गंगा को साफ-सुथरा होता देखने की चाह रखने वाले प्रोफेसर अग्रवाल पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे. इस दौरान उन्होंने सरकार को कई दफे पत्र लिखा और चाहा की गंगा की सफाई के नाम पर नारेबाजी-भाषणबाजी के अलावा कुछ ठोस हो, लेकिन सरकारों का रवैया जस का तस रहा.
  • यह क्या... और बढ़ गया भ्रष्टाचार...?
    सुधीर जैन
    सनसनीखेज़ ख़बर है कि इस साल देश में भ्रष्टाचार और बढ़ गया. पिछले साल तक 100 में 45 भारतीय नागरिकों को घूस देकर अपना काम करवाना पड़ता था. इस साल 56 फीसदी नागरिकों को घूस देनी पड़ी. यह बात विश्वप्रसिद्ध संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (TI) और लोकल सर्किल्स के सर्वेक्षण से निकलकर आई है. TI पूरी दुनिया में भ्रष्टाचार की नापतोल का काम करती है. कुछ महीनों बाद TI भ्रष्टाचार के मामले में वैश्विक सूचकांक जारी करेगी, जिससे पता चलेगा कि भ्रष्टाचार के मामले में दूसरे देशों की तुलना में हमारी और कितनी दुर्गति हो रही है. बहरहाल इस सर्वेक्षण से यह ज़ाहिर है कि भ्रष्टाचार के आने वाले वैश्विक सूचकांक में अपने देश की हालत और खराब निकलकर आने का अंदेशा बढ़ गया है.
  • गंगा के लिए लड़ने वाला एक और भगीरथ चला गया
    रवीश कुमार
    चैंपियन ऑफ़ द अर्थ की नाक के नीचे एक और अनर्थ हो गया. अपने जीवन काल में गंगा को साफ होते देखने की चाह रखने वाले प्रो. जी डी अग्रवाल का निधन हो गया. 17 साल तक आईआईटी कानपुर के सिविल एंड एन्वायरेन्मेंटल इंजीनियरिंग पढ़ा चुके प्रो. अग्रवाल ने न जाने कितने छात्रों को इस विषय के प्रति जागरूक किया.
  • राफेल, राहुल गांधी और चुनाव
    मनोरंजन भारती
    राफेल पर एक बार फिर राहुल गांधी हमलावार हैं, वजह है एक ताजा खुलासा जो फ्रांस की एक वेबसाइट ने किया है. फ्रांस की मीडियापार्ट के मुताबिक उसके पास इस बात के दस्तावेज हैं जिससे यह साबित होता है कि राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट पर रिलांयस के साथ सौदा करने के लिए दबाब बनाया गया.
  • #MeToo: मेरा अकबर महान! कारनामा ऐसा कि कायनात शरमा जाए
    रवीश कुमार
    सवाल अकबर के इस्तीफ़े का नहीं है. इस्तीफ़ा लेकर कोई महान नहीं बन जाएगा. वो तो होगा ही. मगर जवाब देना पडेगा कि इस अकबर में क्या ख़ूबी थी कि राज्यसभा का सदस्य बनाया, बीजेपी का सदस्य बनाया और मंत्री बनाया. इसके दो-दो दलों के अंदरखाने तक पहुंच होती है. सत्ता तंत्र का बादशाह बन जाता है. आराम से कांग्रेस का सांसद, आराम से भाजपा का सांसद.
  • अकबर की ख़बर रोको, आयकर छापे की लाओ, कुछ करो, जल्दी भटकाओ...
    रवीश कुमार
    आप अकबर की ख़बर को लेकर फेसबुक पोस्ट और YouTube वीडियो पर गौर कीजिए. इनके शेयर होने की रफ्तार धीमी हो गई है. प्रिंट मीडिया में अकबर की ख़बर को ग़ायब कर दिया गया है. अख़बारों के जिला संस्करणों में अकबर की ख़बर तीन-चार लाइन की है. दो-तीन दिन तो छपी ही नहीं. उन ख़बरों में कोई डिटेल नहीं है. एक पाठक के रूप में क्या यह आपका अपमान नहीं है कि जिस अख़बार को आप बरसों से ख़रीद रहे हैं, वह एक विदेश राज्यमंत्री स्तर की ख़बर नहीं छाप पा रहा है...?
  • एमजे अकबर पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
    ख़बर न्यूज़ डेस्क
    विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर कथित रूप से लगे आरोपों को लेकर मीडिया में खासकर हिन्दी के अखबारों में कैसी रिपोर्टिंग हो रही है, यह देखना दिलचस्प होगा. कहीं पर भी आरोप लगाने वाली महिलाओं की बातें विस्तार से नहीं हैं. जहां प्रमुखता से छपी हैं वहां भी और कई जगह तो खबर ऐसे छपी है जैसे यूं ही किसी ने राह चलते आरोप लगा दी हो. आप हैरान हो जाएंगे कि कुछ हिन्दी अखबारों में दस बीस लाइन की खबर भी ठीक से नहीं छपी है. विदेश राज्य मंत्री पर 9 महिला पत्रकारों ने आरोप लगाए हों, पूरी सरकार चुप हो गई हो और हिन्दी अखबारों से इस खबर को करीब करीब गायब कर दिया जाए यह कितना दुखद है. एक अखबार के कई संस्करण होते हैं. हार्ड कापी होती है, ई संस्करण होते हैं, वेबसाइट होती है. भोपाल से अनुराग द्वारी ने बताया कि 10 अक्तूबर को हिन्दी के दो बड़े अखबारों की हार्ड कापी में अकबर की खबर नहीं है. इनके लाखों पाठकों को पता ही नहीं चला होगा, जबकि यह ख़बर पत्रिका और भास्कर में है. 
  • #MeToo मंत्री पर यौन शोषण के आरोप, परेशानी में मोदी सरकार
    अखिलेश शर्मा
    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करने वाली मोदी सरकार एक मंत्री पर लगे यौन शोषण के आरोपों के बाद बहुत परेशानी में आ गई है. सरकार के आला मंत्रियों से इस बारे में जवाब देते नहीं बन पा रहा. जिस मंत्री पर आरोप है वे अभी विदेश में हैं. कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है. माना जा रहा है कि उनकी घर वापसी के बाद उनके भविष्य का फैसला हो. बात हो रही है विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर की.
  • अब जागना होगा ऊंघते अमेरिका को...
    डॉ विजय अग्रवाल
    निर्णय लेना आसान नहीं होता, और जो निर्णय लिए गए, वे तो और भी ज़्यादा कठिन थे. इसके लिए बहुत अधिक साहस की ज़रूरत थी, किन्तु भारत ने यह साहस कर दिखाया, वह भी एक ही दिन में, तथा एक ही देश की इच्छा के विरुद्ध नहीं, उसकी आदेशनुमा धमकियों को भी दरकिनार करते हुए...
  • #MeToo पीड़िताओं का नाम उजागर करने का अपराध - क्या करेगा कानून...?
    विराग गुप्ता
    मीडिया, बॉलीवुड और राजनीति की नामी शख्सियतों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के खुलासों के मामलों को कानूनी समाधान कैसे मिलेगा...? महिला आयोग ने रस्मी तौर पर कारवाई की है, लेकिन #MeToo से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया के भारीभरकम अभियान के बावजूद पुलिस, अदालत और सरकार की चुप्पी निराशाजनक है.
  • दिल्ली की एक शाम के कई अलग रंग- कला से शीरोज़ के संघर्ष तक
    प्रियदर्शन
    बेशक, दिल्ली के अपने फरेब हैं और उसकी सांस्कृतिक चेतना का अपना खोखलापन, सतहीपन या पाखंड भी- लेकिन इन सबके बावजूद इस शहर में अपनी तरह की हलचल है जो गाहे-बगाहे आपको ऊष्मा और ऊर्जा दे सकती है.
  • स्कूलों की कक्षा भी बंट जाए हिन्दू-मुसलमान में, क्या बचेगा हिन्दुस्तान में
    रवीश कुमार
    उत्तरी दिल्ली नगर निगम का एक स्कूल है, वज़ीराबाद गांव में.  इस स्कूल में हिन्दू और मुसलमान छात्रों को अलग-अलग सेक्शन में बांट दिया गया है.  इंडियन एक्सप्रेस की सुकृता बरुआ ने स्कूल की उपस्थिति पंजिका का अध्ययन कर बताया है कि पहली कक्षा के सेक्शन ए में 36 हिन्दू हैं. सेक्शन बी में 36 मुसलमान हैं.
  • #MeToo की चिंगारी भड़की, कई जगह असर
    रवीश कुमार
    प्रधानमंत्री मोदी ने न तो एमजे अकबर को बर्ख़ास्त किया है और न ही एमजे अकबर ने विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है. न ही अकबर के बचाव में कोई मंत्री आया है. न ही अकबर के लिए बीजेपी का कोई प्रवक्ता सामने आया है. दरअसल किस्सा ही ऐसा सामने आया है कि उसके सामने कोई सामने नहीं आ रहा है. मुबशिर जावेद अकबर मध्यप्रदेश से राज्यसभा के सांसद हैं तो वहां से भी कोई सामने नहीं आया है. एमजे अकबर भी अपने बचाव में अभी तक सामने नहीं आए हैं. उनका सामने आना ज़रूरी है, क्योंकि कई महिला पत्रकारों ने ऐसे प्रसंग सुनाए जिन्हें पढ़कर उन्हें भी अच्छा नहीं लगेगा. अकबर के सामने न आने से सरकार पर भी आंच आ रही है. उम्मीद है वे जल्दी सामने आएंगे और कुछ कहेंगे. किस पत्रकार के बारे में क्या धारणा है, मेरी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन जब कुछ महिला पत्रकारों ने संदर्भ और प्रसंग के साथ ब्योरा लिखा तो लगा कि अब अकबर की बात होनी चाहिए. मैंने कोई जल्दबाज़ी नहीं की. सोमवार के दिन भी रूका कि एक दिन ठहर कर देखते हैं फिर इस पर बात करेंगे. तो अपनी तरफ से जितना चेक सिस्टम हो सकता है हमने पालन किया.
  • एक-दूसरे के गढ़ों को भेदने में जुटीं कांग्रेस और बीजेपी
    अखिलेश शर्मा
    मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों की सियासत सिंधिया घराने के इर्द-गिर्द घूमती है. जहां मध्यप्रदेश में यह घराना बीजेपी और कांग्रेस के बीच बंटा है तो वहीं राजस्थान में बीजेपी के साथ है. इनके गढ़ों में सेंध लगाने की कोशिश होती रहती है. आज इसका बीड़ा राहुल गांधी और अमित शाह दोनों ने उठाया.
  • मोदी का अकबर तो 'महान' निकला, सिलेबस में रहेगा या बाहर होगा...
    रवीश कुमार
    पिछले चार साल से BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोग उस महान अकबर की महानता को कतरने में लगे रहे, कामयाब भी हुए, जो इतिहास का एक बड़ा किरदार था. सिलेबस में वह अकबर अब महान नहीं रहा. मगर अब वे क्या करेंगे, जब मोदी मंत्रिमंडल का अकबर 'महान' निकल गया है. मोदी मंत्रिमंडल के अकबर की 'महानता' का संदर्भ यह नहीं है कि उसने किले बनवाए, बल्कि अपने आस-पास जटिल अंग्रेज़ी का आभामंडल तैयार किया और फिर उसके किले में भरोसे का क़त्ल किया.
  • गुजरात में यूपी, बिहार के प्रवासी मज़दूर दहशत में
    रवीश कुमार
    किसी भी घटना में शामिल आरोपी के समाज के लोगों को क्या सामूहिक सज़ा दी सकती है? नहीं दी जा सकती है लेकिन हमने एक फार्मूला बना लिया है. बलात्कार का आरोपी किसी खास मज़हब का है तो उस मज़हब के खिलाफ तरह तरह के व्हाट्सऐप मटीरियल बन जाते हैं. बच्चा चोरी की अफवाह फैल जाती है तो भीड़ बन जाती है.
  • गुजरात का घटनाक्रम बीजेपी के लिए कड़ी परीक्षा, कांग्रेस पर सवाल
    अखिलेश शर्मा
    गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा के बाद कांग्रेस के विधायक अल्पेश ठाकोर पर हिंसा के लिए उकसाने और उत्तर भारतीयों के खिलाफ नफरत भरी बातें कहने का आरोप लग रहा है. बिहार में सत्तारूढ़ जेडीयू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर ठाकोर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. ठाकोर के संगठन गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना पर उत्तर भारतीयों के खिलाफ माहौल बनाने और उनके खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लग रहा है.
  • गुजरात की भीड़ से भागते यूपी-बिहार के लोग, यूपी-बिहार की भीड़ से कहां कहां भागें लोग
    रवीश कुमार
    गुजरात में चौदह महीने की एक बच्ची के साथ बलात्कार की घटना ने एक नई परिस्थिति पैदा कर दी है. बच्ची जिस समाज की है उसके कुछ लोगों ने इसे अपने समाज की शान भर देखा है. वे सामूहिक रूप से उग्र हो गए हैं. कह सकते हैं कि इस समाज के भीतर भीड़ बनने के तैयार लोगों को मौक़ा मिल गया है.
  • गिरते रुपये का कहीं कोई अंदरूनी कारण तो नहीं...?
    सुधीर जैन
    सरकार गिरते रुपये (Indian rupee) के संकट को बिल्कुल भी तवज्जो नहीं देना चाहती. उसका तर्क है कि दुनिया की दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों की मुद्रा भी नीचे गिर रही हैं. इसका एक आशय यह भी निकलता है कि हम अब तक उभरी हुई अर्थव्यवस्था नहीं बन पाए, बल्कि दशकों से उभरती हुई अर्थव्यवस्था ही बने हुए हैं.
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