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गुजरात विधानसभा चुनाव : 'मौत का सौदागर' वाली बात कहना कहीं PM की रणनीति का हिस्सा तो नहीं

प्रधानमंत्री का एक साधारण कार्यकर्ता से सीधे फोन पर बात करना वैसे भी भारतीय जनमानस के लिए बड़ी बात है...

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गुजरात विधानसभा चुनाव : 'मौत का सौदागर' वाली बात कहना कहीं PM की रणनीति का हिस्सा तो नहीं

पीएम मोदी ( फाइल फोटो )

नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनाव  में प्रचार अब धीरे-धीरे चरम पर पहुंच रहा है. हर दांव-पेंच आजमाए जा रहे हैं. कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी को पीएम मोदी के ही अंदाज में घेर रहे हैं. अब वह प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही जुमले गढ़ रहे हैं. जीएसटी को लेकर उनका 'गब्बर सिंह टैक्स' वाला बयान भी चर्चा में है. वहीं सोशल मीडिया में उठा 'विकास पागल हो गया' का जुमला भी वह मंच से खूब उठा रहे हैं. राहुल सीधे अब केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करना सीख गए हैं. लेकिन जैसा कि माना जा रहा था प्रचार की कला में माहिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने रौ में आना बाकी है और राहुल गांधी के बदले अंदाज के तभी असली परीक्षा होगी. इस बात की चर्चा हो रही थी तभी पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से वडोदरा के एक बीजेपी कार्यकर्ता से दीवाली के दिन हुई बातचीत का ऑडियो वायरल कर दिया है. 

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प्रधानमंत्री का एक साधारण कार्यकर्ता से सीधे फोन पर बात करना वैसे भी भारतीय जनमानस के लिए बड़ी बात है. लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से यह ऑडियो जारी करना प्रचार की रणनीति का भी एक हिस्सा हो सकता है. एक ओर तो जहां पीएम मोदी पार्टी कार्यकर्ता गोपाल भाई को दीवाली की शुभकामनाएं दे रहे हैं और बातों ही बातों में वह उन मुद्दों का भी जिक्र कर रहे हैं जो गुजरात के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं. 

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2007 के चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का उन पर दिया गया 'मौत का सौदागर' का भी पीएम मोदी ने जिक्र किया है. यह वही बयान था जिसने कांग्रेस को गुजरात में सत्ता से कोसों पीछे धकेल दिया था. 2002 के दंगों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से दिया गया यह बयान पार्टी के लिए हमेशा के लिए भारी पड़ गया. पीएम मोदी ने अपने कार्यकर्ता से बातचीत में कहा "क्या एक भी चुनाव देखा है आपने जिसमें झूठ ना फैलाया हो. मौत का सौदागर कहा गया मुझे. हत्यारा लुटेरा, खून में लथपथ हाथ. पर जनता सत्य को जानती है. पहले अफवाह कानोंकान फैलती थी अब वॉट्सऐप फैलाने में मदद करता है. ये अप्रचार को सीरियसली मत लो. लोड मत लो. हम सत्य के रास्ते पर हैं, अपने को चिंता नहीं करनी है.'

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इससे पहले बीजेपी कार्यकर्ता ने पूछा कि हाल में जो गुजरात में बदलाव आए हैं कांग्रेस के अप्रचार की वजह से नकारात्मक मानसिकता फैल रही है. इसमें से कार्यकर्ता को बाहर कैसे निकाला जाए. इस पर पीएम मोदी ने जवाब दिया "देखो अपने नसीब में जब से जन्म हुआ है तब से गाली लिखी है. हाहा हाहा...अपने नसीब में झूठ ही लिखा है. और हम ये गालियों और झूठ सुन सुन के यहां तक पहुंचे हैं. इसलिए इसकी चिंता नहीं करें."

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पीएम मोदी की ओर से की गई इस कवायद के पीछे उनकी रणनीति साफ है कि पूरे चुनाव प्रचार का रुख अब दूसरी ओर मोड़ना चाहते हैं जहां पर कांग्रेस के फंसने के सिवाए कोई और चारा नहीं है क्योंकि 'मौत का सौदागर' वाला बयान से कांग्रेस अभी तक अपना पीछा नहीं छुड़ा पाई है. 


मानस मिश्र khabar.ndtv.com में चीफ कॉपी एडिटर हैं​

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