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प्राइम टाइम इंट्रो : आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत की एक और साझेदारी

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प्राइम टाइम इंट्रो : आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत की एक और साझेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की यात्रा पर इज़राइल के तेल अवीव पहुंच गए हैं. हवाई अड्डे पर इज़राइल ने जो प्रोटोकोल दिया उसे वो सिर्फ अमरीका के राष्ट्रपति और पोप को देता है. हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमरीका के सिलिकॉन वैली में दो ही भाषा सुनाई देती है- हिन्दी और हिब्रू. इज़राइल जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं. नेतन्याहू ने उन्हें विश्व नेता कहा और दोस्त कहकर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि हम लंबे समय से आपका इंतज़ार कर रहे थे. आप एक ऐतिहासिक दौरे पर आए हैं. बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम भारत से प्यार करते हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि इज़राइल आने वाला मैं पहला भारतीय प्रधानमंत्री हूं. उन्होंने कहा कि भारतीय और इज़राइली स्वाभाविक दोस्त हैं. 

इज़राइल दौरे से पहले वहां के अख़बार इज़राइल हैलोम को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ोर दिया कि भारत-इज़राइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में साझेदारी और बढ़ाएंगे. इज़राइल-भारत के बीच रज़ामंदी है कि हम निर्दोष लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा की साज़िश करने वालों को पनपने नहीं देंगे. फिलिस्तीन के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हम दो राष्ट्र की नीति पर यकीन करते हैं. जिसमें इज़राइल और भविष्य में बनने वाले फ़िलिस्तीन एक-साथ शांति से मिलजुल रहें. व्यापार से जुड़े एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि भारत-इज़राइल का रिश्ता खरीदने-बेचने से आगे का रिश्ता है. हम तकनीक आधारित संबंध बनाना चाहते हैं जिसमें 'मेक इन इंडिया' पर ज़ोर हो. 


वहीं इज़राइल कहता रहा है कि दोनों देश आतंकवाद का शिकार रहे हैं और वो इसके ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ है. इज़राइल के विदेश मंत्रालय के उपमहानिदेशक ने कहा कि इज़राइल ने कभी ये तथ्य नहीं छुपाया है कि वो आतंकवाद के मसले पर भारत का पूरी तरह समर्थन करता है. नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को दोस्त बताया है और कहा कि ये दौरा दोनों की कोशिशों का नतीजा है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि भारत और इज़राइल दोनों पूरी तरह मानते हैं कि बेक़सूर लोगों पर हिंसा करने वाले तत्वों को फूलने-फलने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.

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इज़राइल लश्कर ए तैयबा और हमास को आतंकवादी संगठन मानता है. आतंकवाद के नाम पर दुनिया में हो रही गोलबंदी के नतीजे का भी मूल्यांकन होना चाहिए. इससे और समझ बढ़ती है. वैसे प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद से निपटने और आतंरिक सुरक्षा के मामले में इज़राइल की प्रशंसा करते रहे हैं. भारत और इज़राइल के रिश्ते मज़बूत रहे हैं. इस दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री को विशिष्ट अतिथि का दर्जा दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामल्ला नहीं जाएंगे. 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम में इज़राइल है. साथ ही दोनों देशों के बीच जल, कृषि और व्यापार में सहयोग पर बातचीत होगी. 

खेती की तकनीक को लेकर काफी बातें होती हैं मगर इज़राइल की तकनीक के बारे में कहा जाता है कि काफी महंगी है, इसलिए उससे प्रभावित होने के बाद भी भारत में ज़ोर नहीं पकड़ सका. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 से 6 जुलाई तक इज़राइल में रहेंगे. उसके बाद वो जर्मनी रवाना हो जाएंगे. तेल अवीव में भारतीय मूल के 5000 इज़रायली लोगों को संबोधित करेंगे और वहां के होलोकास्ट म्यूज़ियम भी जायेंगे. आप जानते ही हैं कि हिटलर ने लाखों यहूदियों को गैस चैंबर में डालकर मरवा दिया था. उस क्रूर यातना की याद में दुनिया के कई देशों में होलोकास्ट मेमोरियल है. आपको भी जाना चाहिए. वाशिंगटन, बर्लिन, बुडापेस्ट, पेरिस और लंदन में भी है. हिटलर की इस क्रूरता की निशानी को ज़रूर देखना चाहिए.



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