प्राइम टाइम इंट्रो : सतर्कता के बीच सामान्य होती ज़िन्दगी...?

प्राइम टाइम इंट्रो : सतर्कता के बीच सामान्य होती ज़िन्दगी...?

शुक्रवार का दिन वाक़ई शुक्रवार की तरह लगा. ऐसा लगा कि पूरी कायनात शनिवार और रविवार की तरफ प्रस्थान कर रही है. महालया की धुनों के साथ और धूप की सुगंधों के इंतज़ार में देश के कई इलाकों में दुर्गा पूजा की आहट अक्टूबर के स्वागत में ओस की बूंदों की तरह टपक रही है. भारत ऑफ सीज़न से त्योहारों के सीज़न की तरफ बढ़ने लगा है, जहां बड़ी संख्या में ख़रीदारों के घर से निकलने की उम्मीद है. अख़बारों में विज्ञापन आने लगे हैं. लेकिन इन सबसे दूर कोई सेना में गए बग़ैर युद्ध की सी तैयारी के हालात में काम कर रहा है तो न्यूज़ चैनलों के रिपोर्टर एंकर. चैनलों ने सरकार के संयम को भी अनदेखा कर दिया है. सरकार की तरफ से कोई आक्रामक बयान आ ही नहीं रहा है. कहीं आ न जाए इसके आस में निगाहें हर बैठक की तरफ दौड़ पड़ती है. करने के बाद चुप हो जाने की आदत मीडिया के लिए नई है. ज़रूरी नहीं कि ये बात कही ही जाए कि हम साथ साथ हैं. जो मीडिया से नाराज़ हैं वो भी उसी मीडिया के आगोश में हैं. अगर सीमा पर टैंक हैं तो टैंक चैनलों के स्टुडियो में भी हैं.

सेना की कार्रवाई से माहौल ख़ुशनुमा हुआ है, तनाव अगर कहीं है तो मीडिया की दुनिया में. हां हां कहने की प्रतिस्पर्धा ना कहने के अकेलेपन से कम पीड़ादायक नहीं होती है. सीमा के भीतर ग़रीबी के ख़िलाफ़ जब जंग होगी तो आप देखेंगे कि यही मीडिया अपने बीस बीस रिपोर्टर की तस्वीरें लगाकर भारत के ग़रीब ज़िलों में तैनात करेगा और मुफ़लिसी से आज़ाद करवाएगा. ऐसी ख़ूबसूरत जंग का इंतज़ार हमेशा रहेगा. कुछ होना चाहिए सिर्फ सीमा पर नहीं हो रहा बल्कि कुछ सीमा के भीतर भी हुआ है जिसकी तारीफ़ हो रही है.

मंत्रियों के टाइम लाइन पर जाकर देखेंगे तो लगेगा नहीं कि एक दिन पहले भारत ने इतनी बड़ी रणनीतिक कामयाबी हासिल की है. सब ऐसे सामान्य हैं जैसे गीता का सार ठीक से समझ लिया हो. केंद्रीय मंत्री एम वैंकैया नायडू ने अपनी टाइम लाइन पर केंद्रीय विद्यालय, देहरादून को देश के सबसे साफ स्कूल कैंपस चुने जाने पर बधाई दी है. स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने पीजीआई चंडीगढ़ के देश के सबसे स्वच्छ अस्तपताल चुने जाने पर बधाई दी है. मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 600 विदेशी शिक्षकों के भारत में पढ़ाने की ख़बर ट्वीट की है. वित्त मंत्री जेटली भी जीएसटी काउंसिल की बैठक में मशरूफ़ रहे.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तो महालया का क्लिप ट्वीट किया है. मामूली फिल्मों के रिलीज़ होने के किस्से से शुक्रवार की हलचल देखती बनती थी लेकिन इतनी बड़ी कार्रवाई के अगले दिन की ख़ामोशी भी देखने लायक है. हमारे सहयोगी अखिलेश शर्मा की रिपोर्ट है कि बीजेपी ने भी अपने नेताओं से कहा है कि अधिक जोश से बचें. प्रतिक्रिया देते समय संयम दिखाएं और सेना के जवानों के शौर्य को रेखांकित करें. उस पार शायद इसका इंतज़ार होगा कि इस पार से प्रधानमंत्री कुछ बोल दें ताकि उसके जवाब में उस पार से कुछ बोल दिया जाए. उस पार वालों को प्रधानमंत्री लगातार निराश कर रहे हैं. वे विज्ञान भवन से कैमरों के सामने मुख़ातिब भी हुए लेकिन ऐसी बात कह गए जिसकी शिकायत वो करें भी तो किससे करें. चीन से या संयुक्त राष्ट्र से.

शुक्रवार सामान्य होने की ज़िद लिए था. लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में मामूली कटौती की ख़बरें आकर चली जाती हैं. किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.7 प्रतिशत होगा जो 110 महीनों की जगह 112 महीनों में परिपक्व होगा. सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 8.6 प्रतिशत की जगह 8.5 प्रतिशत मिलेगा. देश सामान्य गति से चल रहा है. गांव कनेक्शन अख़बार ने लिखा है कि 2 अक्टूबर के दिन ग्रामीण बैंक के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 625 ज़िला मुख्यालयों पर गांधी की प्रतिमा के सामने परिवार सहित उपवास करेंगे. ग्रामीण बैंकों की स्थापना 2 अक्टूबर को ही हुई थी. तमिलनाडू में 45 जगहों पर सरसों सत्याग्रह होने वाला है. कहने का मतलब है कि भारत सामान्य गति से चल रहा है. शुक्रवार के दिन श्रीलंका ने भी एलान कर दिया कि वो इस्लमाबाद सार्क सम्मेलन में नहीं जाएगा.

उस पार का अकेलापन इस पार की चुप्पी और सहजता से और भी बढ़ गया होगा. पाकिस्तान सभी बाहरी ख़तरों का सामना करने के लिए तैयार है. नवाज़ शरीफ़ ने कैबिनेट की बैठक के बाद बोल दिया है. भारत के गृह मंत्रालय ने अगले तीस दिनों तक सभी महानगरों को अलर्ट पर रहने के लिए कहा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अगर भारत फिर से ऐसा करेगा तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे. इस बयान पर ग़ौर किया जाना चाहिए. अगर भारत फिर से ऐसा करेगा तो जवाब देंगे. भारत ने कह दिया है कि उसका ऑपरेशन खत्म होता है. आगे ऐसा इरादा नहीं है. संयुक्त राष्ट्र ने दोनों मुल्कों से संयम बनाए रखने के लिए कहा है. अमरीका से हिलेरी क्लिंटन का बयान आया है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार जिहादियों के हाथ लग सकते हैं. उन्होंने कहा है कि हो सकता है कि जिहादी सरकार पर ही कब्ज़ा कर लें और आपके सामने सुसाइड न्यूक्लियर बॉम्‍बर आ जाए. इससे ख़तरनाक क्या हो सकता है.

इस बीच यह ख़बर आई है कि पाकिस्तान ने एक भारतीय जवान को अपने कब्ज़े में ले लिया है. पाकिस्तानी मीडिया में भी इस तरह की ख़बरें चलने लगीं कि आठ भारतीय सैनिक मारे गए हैं. गुरुवार को तो पाकिस्तान ने ऐसा कुछ दावा भी नहीं किया था बल्कि अपने जवानों के ही मारे जाने की बात कर रहा था. भारतीय सेना ने आठ जवानों के मारे जाने की ख़बरों का खंडन किया है. जहां तक एक सैनिक चंदू बाबूलाल चौहान के पकड़े जाने की बात है, सेना ने कहा है कि चंदू बाबू इस ऑपरेशन के दौरान नहीं पकड़ा गया है. सेना ने कहा कि दोनों तरफ से जवान नियंत्रण रेखा पार कर जाते हैं. ये सामान्य बात है. उन जवानों की वापसी एक तय प्रक्रिया के तहत हो भी जाती है. चंदू बाबू तो स्ट्राइइक का हिस्सा भी नहीं थे.

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार भारत की तरफ से चंदू बाबुलाल की वापसी का पूरा प्रयास किया जा रहा है. उड़ी हमले में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की संख्या 20 हो गई है. अस्पताल में इलाज करा रहे घायल नाइक राजकिशोर सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया. उनका दिल्ली के आर आर अस्पताल में इलाज चल रहा था. शहीद राजकिशोर सिंह बिहार के भोजपुर ज़िले के पिपरापट्टी गांव के निवासी हैं. हमारे सहयोगी सुशील बहुगुणा को सूत्रों से पता चला कि बुधवार रात हुई सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों की संख्या 50 तक जा सकती है. इस स्ट्राइक में 10 डोगरा और 6 बिहार रेजीमेंट की घातक प्लाटून्स ने भी हिस्सा लिया था जिसके बारे में सुशील ने जानकारी दी है.

सुशील बहुगुणा ने उच्च स्तरीय सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी दी है कि सरकार मानती है कि हमारी विदेश नीति बहुत ही स्थायी हो गई थी. लोगों को लगता था कि भारत कुछ नहीं करेगा. इसे तोड़ना ज़रूरी था. जब भी ऐसी कोई हिमाक़त करेगा, अब जवाब दिया जाएगा. हमें पाकिस्तान की तरफ से कार्रवाई की आशंका है और हम तैयार भी हैं. सब कुछ हाई अलर्ट पर है. जो लोग हमारी रक्षा और विदेश नीति पर सवाल उठाते थे, उन्हें हमारे काम से जवाब मिल गया है. पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों में इन्हीं आंशकाओं से घबराहट है. घाटी से लेकर जम्मू के पास के इलाकों तक. पंजाब के बास अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी युद्ध की आहट से लोग गांवों से जा रहे हैं. कुछ लोग गांव में रुके हुए भी हैं.