पंपोर हमला : आप खुद ही तय कीजिए कौन शेर है और कौन गीदड़...

पंपोर हमला : आप खुद ही तय कीजिए कौन शेर है और कौन गीदड़...

बाएं से दाएं- सतीश चंद, केके यादव और बीर सिंह (फाइल फोटो)

पंपोर में हुए आतंकी हमले के बाद हाफिज सईद का दामाद और आतंकी संगठन जमात उद दावा का नंबर टू अब्दुल रहमान मक्की ने कहा कि दो शेरों ने गीदड़ों के काफिलों को घेर लिया। मक्की ने यह बात पाकिस्तान के गुजरांवाला में हुई एक रैली के दौरान कही है। इसी रैली में हाफिज सईद ने गुजरांवाल में मारे गए आतंकी के वारिसों को मुबारकबाद दी और कहा कि 'आपका खून रंग ला रहा है।' यह सारी बातें जमात उद दावा के फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किए गए वीडियो पर देखी जा सकती है।

अब जरा पहले इस पर बात कर ली जाए कि कौन शेर है और कौन गीदड़। आपको यह बता दें कि सीआरपीएफ के शहीद हुए आठ जवान में से तीन जवान कॉन्स्टेबल सतीश चन्द्र, हवलदार वीर सिंह और कॉन्स्टेबल के के यादव ऐसे है जो गोली लगने से बुरी तरह घायल हो जाते हैं लेकिन घुटने नहीं टेकते। आतंकियों का डटकर मुकाबला करते हैं। सतीश चन्द्र ने अपने इन्सास से 3, वीर सिंह ने 39 और के के यादव ने 20 राउंड गोली आतंकियों पर चलाई। यह अलग बात है कि तीनों लड़ते लड़ते शहीद हो गए। इन तीनों के साथ किसी भी जवान को गोली पीठ पर नहीं लगी बल्कि उन्होंने सीने पर गोली खाई है। आतंकियों से बिना किसी सुरक्षा घेरे के मुकाबला किया और उन्हें मार गिराया।

दूसरी ओर आतंकी छुप कर आते हैं और सीआरपीएफ के जवानों पर गोलाबारी करते हैं, दो मारे जाते हैं और बाकी बचे भाग जाते हैं। आप खुद ही तय कर लीजिए इनमें कौन शेर है और कौन गीदड़। इससे एक बार फिर साबित हो जाता है कि पाकिस्तान में बैठा आतंकी हाफिज सईद भारत के खिलाफ लगातार आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहा है। पठानकोट और पंपोर आतंकी हमले की तो उसने खुद जिम्मेदारी ली। अब पाकिस्तान सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। अगर सही मायने में वह इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर है तो और उसे क्या सबूत चाहिए। भारत सरकार को भी चाहिए कि वह दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा फिर से उजागर करें कि आज भी वह आतंकियों का पनाहगार है। उसके धरती से ही आतंक के कारखाने चल रहे है। पाकिस्तान के लाख दावों के बावजूद वो इन आतंकियों को रोकने में नाकामयाब रहा है।

(राजीव रंजन एनडीटीवी इंडिया में एसोसिएट एडिटर हैं)

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