NDTV Khabar

रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कली में स्वाति से टकरा गया. लॉ की छात्रा दिशा ने कहा कि आप स्वाति से मिलें. वो रेटिना पर कई साल से रिसर्च कर रही है. रिसर्च उसका जुनून है. बस हम चल पड़े आप्टोमेट्री डिपार्टमेंट.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

रवीश कुमार का ब्‍लॉग: रेटिना पर कई साल से रिसर्च कर रही हैं स्वाति

यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कली में स्वाति से टकरा गया. लॉ की छात्रा दिशा ने कहा कि आप स्वाति से मिलें. वो रेटिना पर कई साल से रिसर्च कर रही है. रिसर्च उसका जुनून है. बस हम चल पड़े आप्टोमेट्री डिपार्टमेंट.

स्वाति जिस मशीन पर काम करती है उसका नाम है AOSLO Adaptive optics scanning laser ophthalmoscope. दुनिया भर में बहुत कम जगहों पर रिसर्च के लिए यह मशीन है. अधिक से अधिक दस जगहों पर होगी. आम तौर पर डॉक्टर आंखों के आले से यानी ophthalmoscope से कुछ हिस्से को नहीं देख पाते हैं. जिससे ख़ास उम्र में रेटिना के डिजनरेशन यानी क्षरण का ठीक ठीक पता नहीं चलता और उपचार नहीं हो पाता. जैसे हम दूरबीन से तारों को देखते हैं. उससे आने वाली रौशनी अपने मार्ग में कई बार रंग बदलती है या रंग खो देती है. यह कब, क्यों और किस मात्रा में होता है जानना पड़ता है. स्वाति यही काम रेटिना के संदर्भ में कर रही हैं.

04v951tdjv0i498

 

9gm2f73

वो इस कमरे में घंटो खड़ी रहती है. शायद कई साल तक खड़ी रह जाए. स्वाति के पास लगन और योग्यता है और उसके सहारे अपना सारा जीवन दांव पर लगाने का जुनून.
तभी यहां तक पहुंचने के लिए स्वाति ने दुनिया की चार बड़ी यूनिवर्सिटी से मास्टर किया. यानी चार चार मास्टर.
SSSUP, PISA, Aston University, Birmingham UK, University of Rochester,USA, University of Arizona, USA. इसके पहले भारत में LNM IIT से कंप्यूटर की पढ़ाई पढ़ चुकी है.

vnihhsq
qfiihsko

जितनी डिग्री हासिल है स्वाति चाहे तो आराम से अनगिनत पैसे कमा सकती है लेकिन वह छात्रवृत्ति पर रिसर्च कर रही है. सीमित संसाधनों के सहारे जी रही हैं. स्वाति ज्ञान की अनंत यात्रा पर है. जितनी देर स्वाति के साथ रहा लगा कि मैं उसकी इस यात्रा का लघु सहयात्री बन गया हूं. कितना कुछ सीखा. सीखा कि जब आप ज्ञान की साधना में होते हैं आप किसी स्वयं में नहीं होते.

यह जानकारी उन लोगों के लिए भी है जो यह पूछते हैं कि कोई इतने साल से क्या रिसर्च कर रहा है. उम्र देखो तो ये देखो या वो देखो. गोबर हो चुके समाज में इसका जवाब देना पड़ रहा है यही सबसे शर्मनाक है.

8nbmfcs
om0sp9ao
q315d9j8

ईश्वर से यही प्रार्थना है कि मुझमें छात्रों से मिलने और उनके सामने छात्र होने की विनम्रता बनी रहे. लाजवाब अनुभव होता है. मैं किसी यूनिवर्सिटी में जाकर अपने कुछ होने को कभी नहीं ढोता बल्कि वहां की फ़िज़ाओं में तैर रही प्रतिभाओं में खो जाता हूं. स्वाति ज़रूर सफल होंगी. यह भी अच्छा रहा कि काम में डूबे होने के कारण स्वाति को टीवी का ज्ञान नहीं था तो वो मुझे सबकुछ बताते हुए इस बात से परेशान नहीं थीं कि मैं कौन हूं. यही स्वाति की खूबी थी. मैं कौन हूं. उससे उसे क्या मतलब. वो अपने काम में डूबी थी और मुझे बताए जा रही थी.

5b8velug

इस अद्भुत अनुभव के लिए स्वाति का शुक्रिया. स्वाति को कामयाबी मिले यही मेरी प्रार्थना है.

टिप्पणियां

स्वाति की कहानी का सबक़ यह है कि आप छात्र भी धीरज न खोएं. कोई विचार है तो आगे बढ़ें. ज़ख़्मी उठाएं. आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं. कोशिश तो कीजिए.

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement