NDTV Khabar

आईटी सेल के नौजवानों तुम ये काम मत करो, छोड़ दो

सरदार को पता होना चाहिए कि उनके सेल के लोग भी पत्रकार मुझी को मानते हैं. कह नहीं पाते वो अलग बात है. अब वो फंस गए हैं तो क्या करें.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
आईटी सेल के नौजवानों तुम ये काम मत करो, छोड़ दो

रवीश कुमार (फाइल फोटो)

आईटी सेल आईटी सेल होता है. पिछले साल मेरे बयान का आधा हिस्सा काट कर ग़लत संदर्भ में पेश किया गया और उसे शेयर कर दिया था आईटी सेल के सरदार ने. ग़नीमत है कि प्रतीक सिन्हा ऑल्ट न्यूज़ वाले ने पकड़ लिया. आप भी देखिए ये काम कैसे होता है. आप इनके हैंडल पर जाकर देखिए. एक डॉलर 72 का हो गया उस पर ट्वीट है कि नहीं, पेट्रोल 89 रुपया लीटर हो गया उस पर ट्वीट है कि नहीं, रेलवे के परीक्षार्थियों को चार सौ रुपया वापस कब मिलेगा, उस पर ट्वीट है कि नहीं, आप नौजवानों को नौकरी कब मिलेगी उस पर ट्वीट है कि नहीं. पत्रकार और एंकर किस पार्टी के हो गए हैं उस पर कोई ट्वीट है कि नहीं. मुझे किसी पार्टी का बताने के लिए आईटी सेल के सरदार ने सवाल किया था. उन्हें एम जे अकबर से पूछना चाहिए था कि वे किस पार्टी के थे जब पत्रकारिता करते थे, पत्रकारिता करते करते किस किस पार्टी में गए और किस पार्टी में मंत्री बने. एम जे अकबर से पूछ लें कि पत्रकारिता के सिद्धांत क्या हैं. जो एम जे अकबर कर गए हैं और करते हुए मोदी जी के यहां प्रतिष्ठित हुए हैं, उससे ज़्यादा और नया मैं क्या कर लूंगा. कोई जवाब है इसका तुम्हारे पास.

इस छोटी सी स्टोरी को देखिए जो ऑल्ट न्यूज़ ने की है. रिपोर्ट पुरानी है तो क्या हुआ लेकिन आज जब इसे देखा तो लगा कि आपको फिर से याद दिला दूं. सरदार को पता होना चाहिए कि उनके सेल के लोग भी पत्रकार मुझी को मानते हैं. कह नहीं पाते वो अलग बात है. अब वो फंस गए हैं तो क्या करें. उन्हें थोड़े न पता था कि राष्ट्रवाद के नाम पर आईटी सेल में भर्ती होंगे और फैलाएंगे झूठ. मैं उनकी व्यथा समझ सकता हूं. बोलो आईटी सेल वालों मेरी बात सही है कि नहीं. तुम फंस गए हो न. एक दिन उठा कर फेंक भी दिए जाओगे. बायोडेटा में क्या लिखोगे कि झूठ फैलाने वाले सरदार के यहां काम करते थे! कोई टिकट भी नहीं देगा. हंसेगा तुम्हारे ऊपर. कहेगा कि काम हो गया अब चले जाओ यहां से. आईटी सेल में काम करने वाले नौजवानों, अभी भी वक़्त, इस काम से अलग हो जाओ. बीजेपी में ही काम करो मगर राजनीतिक काम करो. नेता बनो. झूठ फैलाने का काम अच्छा नहीं है. गर्ल फ्रैंड पूछेगी तो शर्म से बता भी नहीं पाओगे कि आईटी सेल में काम करते हो.

टिप्पणियां
नोट- चुनाव आ रहे हैं. आठ हज़ार दस हज़ार देकर नौजवान भर्ती किए जाएंगे. आप भीतर से देखेंगे कि राजनीति कैसे बेवक़ूफ़ बनाती है. कोई भी पार्टी हो, सोशल मीडिया का काम कोई काम नहीं है. आप गाली देने झूठ फैलाने में इस्तेमाल किए जाएंगे. जब तक ये नहीं करने को बोलता है फिर भी ठीक है लेकिन किसी को बदनाम करना, फेक वीडियो बनाने का काम मत करो.

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) :इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement