ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या का COVID-19 टेस्ट आया नेगेटिव, अभिषेक बच्चन ने ट्वीट कर दी जानकारी

ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) और उनकी बेटी अराध्या बच्चन (Aradhya Bachchan) का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है. इस बात की जानकारी अभिषेक बच्चन ने ट्वीट कर दी है.

खास बातें

  • ऐश्वर्या राय और अराध्या का कोरोना टेस्ट आया नेगेटिव
  • अभिषेक बच्चन ने ट्वीट कर दी जानकारी
  • ऐश्वर्या और अराध्या को हॉस्पिटल से मिली छुट्टी
नई दिल्ली:

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) और उनकी बेटी अराध्या बच्चन (Aradhya Bachchan) का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है. इस बात की जानकारी अभिषेक बच्चन ने ट्वीट कर दी है. अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) ने ट्वीट कर फैंस को उनकी दुआओं के लिए धन्यवाद भी कहा. इसके साथ ही एक्टर ने बताया कि वो और उनके पिता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अभी हॉस्पिटल में ही मेडिकल स्टाफ की देख-रेख में रहेंगे. अभिषेक बच्चन ने अपने ट्वीट में जानकारी दी कि ऐश्वर्या और अराध्या दोनों का ही कोरोना टेस्ट नेगिटिव आया है और वह हॉस्पिटल से भी डिस्चार्ज हो चुके हैं. 

अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) ने ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) और अराध्या बच्चन (Aradhya Bachchan) के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए लिखा, 'आप सभी का दुआओं और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद. आपका सदा ऋणी रहूंगा. ऐश्वर्या और अराध्या का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आ गया है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. वे अब घर पर रहेंगे. मैं और मेरे पिता अस्पताल में ही मेडिकल स्टाफ की केयर में रहेंगे.' बता दें कि कुछ दिनों पहले अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय और अराध्या बच्चन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. इस बात की जानकारी खुद अभिषेक बच्चन और अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया के जरिए दी थी. 

Newsbeep

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें कि बीते दिन अमिताभ बच्चन ने हॉस्पिटल में रहते हुए एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि कोरोना मरीज का हॉस्पिटल में कैसे इलाज किया जाता है. उन्होंने लिखा "कोविड-19 (Covid 19) मरीज को अस्पताल के अलग वार्ड में रखा जाता है जिससे वह हफ्तों तक दूसरे लोगों को नहीं देख पाता. नर्स और डॉक्टर इलाज के लिए आते हैं और दवाएं देते हैं लेकिन वे हमेशा पीपीई किट्स पहने दिखाई देते हैं." उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) पहनने वाले का चेहरा नहीं दिखाई देता क्योंकि स्वास्थ्य देखभाल कर्मी अत्यधिक एहतियात बरतते हैं और इलाज करके चले जाते हैं.