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एक्टर नहीं कुछ और बनना चाहते थे 'बाहुबली', खुद को बताया नौकरी के लिए आलसी

प्रभास बताते हैं, "मैंने सोचा था कि मैं कोई बिजसेन करूंगा, क्योंकि मैं आलसी हूं, नौकरी नहीं कर सकता था. मैंने सोचा था कि शायद होटल कारोबार में जाऊंगा, क्योंकि हमारे परिवार को खाना पसंद है और हैदराबाद में नॉर्थ इंडियन फूट काफी लोकप्रिय हैं."

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एक्टर नहीं कुछ और बनना चाहते थे 'बाहुबली', खुद को बताया नौकरी के लिए आलसी

'साहो' की शूटिंग में बिजी हैं प्रभास.

खास बातें

  1. एक्टिंग नहीं होटल बिजनेस खोलना चाहते थे प्रभास
  2. नौकरी नहीं कर सकता था, क्योंकि मैं आलसी हूं : प्रभास
  3. 2002 में फिल्म 'ईश्वर' से किया डेब्यू
नई दिल्ली: आपको जानकर हैरानी होगी कि 'बाहुबली' फ्रेंचाइली की फिल्मों के जरिए देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुके साउथ सुपरस्टार प्रभास कभी कैमरे के सामने आने में शर्माते थे आती रही है और उन्होंने हास्पिटैलिटी के क्षेत्र में अपने करियर बनाने की प्लानिंग की थी. फिल्म इंडस्ट्री में आने का उनका कोई इरादा नहीं था. लेकिन 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी के साथ आज वह वर्ल्डवाइड पॉपुलर हो चुके हैं. अभिनेता का कहना है कि वह अब भी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सतर्क रहते हैं और स्टारडम संभालने की कला सीख रहे हैं. 

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प्रभास ने एक इंटरव्यू में कहा, "मैं अब भी साझात्कार को लेकर शर्मीला हूं. मैं चाहता हूं कि लोग आएं और मेरी फिल्म देखें, लेकिन मुझे लोगों का सामना न करना पड़े." उन्होंने आगे कहा, "13 से 14 सालों तक उद्योग में रहने के बाद, मुझे अब भी नहीं पता कि स्टारडम कैसे संभालना हैं. मेरे प्रशंसकों को बुरा लगता है कि उनका नायक बाहर नहीं आता. मैं पहले से बेहतर बनने की कोशिश कर रहा हूं."

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उनके पिता लोकप्रिय फिल्म निर्माता अप्पलपति सूर्य नारायण राजू और उनके चाचा कृष्णम राजू अप्पलपति ने भी तेलुगू सिनेमा में अपना नाम कमाया है. लेकिन प्रभास इनकी वजह से इंडस्ट्री में नहीं है. उन्होंने बताया, "मेरे चाचा अभिनेता हैं. मेरे डैड निर्माता हैं. इसी नाते उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मुझे दिलचस्पी है? लेकिन मैंने कहा कि कोई कैसे इतने सारे लोगों के सामने अभिनय कर सकता है. मैं शर्मिला हूं. मेरे माता-पिता ने दो-तीन बार पूछा, लेकिन मैंने ना कह दिया."
 
 

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उन्होंने कहा, "मैंने सोचा था कि मैं कोई बिजसेन करूंगा, क्योंकि मैं आलसी हूं, नौकरी नहीं कर सकता था. मैंने सोचा था कि शायद होटल कारोबार में जाऊंगा, क्योंकि हमारे परिवार को खाना पसंद है और हैदराबाद में नॉर्थ इंडियन फूट काफी लोकप्रिय हैं."

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प्रभास ने कहा, "मुझे पता नहीं क्या हुआ. एक दिन मैं बापू द्वारा निर्देशित चाचा जी की फिल्म देख रहा था. मैं कल्पना करने लगा कि मैं चाचा जी की भूमिका में हूं. फिर धीरे-धीरे मेरा मन बदल गया."
 
 

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प्रभास ने वर्ष 2002 की तेलुगू फिल्म 'ईश्वर' के साथ मनोरंजन-जगत में कदम रखा था. उन्होंने कहा, "एक दिन मैंने अपने दोस्त से कहा कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं तो उसे विश्वास नहीं हुआ. उसे 10 दिनों बाद मुझ पर विश्वास हुआ और आज वह 'साहो' का निर्माता है." फिलहाल, प्रभास 'साहो' के साथ व्यस्त हैं. यह श्रद्धा कपूर की पहली तेलुगू फिल्म है.

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(इनपुट: IANS)

 


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