12 साल की बच्ची की 100 किमी चलने से हुई मौत, बॉलीवुड डायरेक्टर बोले- सरकारें विफल रही हैं...

बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर ओनिर (Onir) ने 12 साल की बच्ची के निधन को लेकर ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

12 साल की बच्ची की 100 किमी चलने से हुई मौत, बॉलीवुड डायरेक्टर बोले- सरकारें विफल रही हैं...

ओनिर (Onir) ने 12 साल की बच्ची के निधन पर किया ट्वीट

खास बातें

  • 12 साल की बच्ची की पैदल चलने से हुई मौत
  • बॉलीवुड डायरेक्टर ओनिर ने कहा कि सरकारें विफल रही हैं...
  • ओनिर का ट्वीट सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच 12 साल की बच्ची अपने परिवार का पेट भरने के लिए बीजापुर के आदेड गांव से रोजगार की तलाश में तेलंगाना के पेरूर गांव गयी हुई थी, जिससे रास्ते में ही डिहाइड्रेशन का शिकार होकर उस बच्ची की मौत हो गई. इस मामले को लेकर हाल ही में बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर ओनिर (Onir) ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. अपने ट्वीट में ओनिर ने कहा कि बाल मजदूरी लाखों बच्चों के लिए सच्चाई है, जिससे निपटने में हमारी सरकारें विफल रही हैं. इसके साथ ही ओनिर ने अपने ट्वीट में कहा कि यह शर्म की बात है एक 12 साल की बच्ची को अपने घर से 100 किलोमीटर दूर काम करना पड़ रहा है. 

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ओनिर (Onir) का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है, साथ ही लोग इसपर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "यह शर्म की बात है कि उसे घर से चलने की कोशिश करनी पड़ी, यह उसने 3 दिन तक किया, लेकिन नहीं कर पाई. यह शर्म क बात है कि एक 12 साल की बच्ची को मजदूरों की तरह अपने घर से 100 किलोमीटर की दूरी पर काम करना पड़ा. बाल मजदूरी उन लाखों बच्चों के लिए वास्तविकता है, जिससे निपटने में सरकारें विफल रही हैं."

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बता दें कि बॉलीवुड डायरेक्टर ओनिर (Onir) अपने विचारों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वह समसामयिक मुद्दों पर अपनी खूब राय पेश भी करते हैं. वहीं, जमलो मडकामी की बात करें तो वह अपने ही गांव के कुछ लोगों के साथ रोजगार की तलाश में आज से 2 महीने पहले मिर्ची तोड़ने तेलंगाना के पेरूर गांव गयी हुई थी. लॉकडाउन-2 लगने के बाद 16 अप्रैल को तेलंगाना से वापस ये मासूम बच्ची अपने साथियों के साथ बीजापुर के लिए पैदल ही रवाना हुई. करीब 100 किमी का सफर पैदल ही तय कर 12 प्रवासी मजदूरों का दल 18 अप्रैल को बीजापुर के मोदकपाल तक किसी तरह पहुंच ही पाया था लेकिन घर से 14 किलोमीटर पहले ही बच्ची की मौत हो गई.