सिनेमा जगत के वे सितारे जिन्होंने 2020 में इस दुनिया को कह दिया अलविदा

भारतीय फिल्म जगत के कई कलाकारों ने 2020 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

सिनेमा जगत के वे सितारे जिन्होंने 2020 में इस दुनिया को कह दिया अलविदा

सिनेमा जगत के वे सितारे जिन्होंने 2020 में दुनिया को कह दिया अलविदा

नई दिल्ली:

भारतीय फिल्म जगत के कई कलाकारों ने 2020 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. कई कलाकारों का निधन उम्र संबंधी दिक्कतों की वजह से हुआ तो कुछ को बीमारियों ने उबरने नहीं दिया और कुछ ने अपनी जिंदगी की अनिश्चितताओं के बीच खुद ही जिंदगी की डोर काट दी. फिल्म प्रशंसकों ने इस साल कई पुराने और नए कलाकारों को महामारी के बीच श्रद्धांजलि दी.

देश में 25 मार्च से कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू हुआ था. उसी दिन गुजरे जमाने की अभिनेत्री निम्मी का निधन लंबी बीमारी के बाद हो गया. वह 88 साल की थीं और उनका वास्तविक नाम नवाब बानो था. उन्होंने 1950-60 के दशकों में ‘आन', ‘बरसात' और ‘दीदार' जैसी फिल्मों में काम किया था.

अपने अभिनय के लिए देश से लेकर विदेश तक में मशहूर कलाकार इरफान खान का निधन कैंसर की वजह से 29 अप्रैल को हो गया. सिनेमा प्रशंसकों के लिए यह एक झटका सा था क्योंकि दर्शक उनके ठीक होने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे. महज 54 साल की उम्र में ‘द लंचबॉक्स', ‘लाइफ ऑफ पाई' और ‘द नेमसेक' में अभिनय के लिए मशहूर यह अभिनेता इस दुनिया से चला गया.

इरफान खान के निधन की खबर से सिनेमा प्रेमी उबरे भी नहीं थे कि अभिनेता ऋषि कपूर के निधन की खबर आ गई. कपूर की मौत भी कैंसर की वजह से ही हुई. वह 67 साल के थे. ‘बॉबी' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रोमांटिक अभिनेता ने हाल के वर्षों में ‘मुल्क' और ‘दो दूनी चार' जैसी अलग विषय-वस्तु वाली फिल्मों में काम किया. ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘आनंद' के लिए ‘जिंदगी कैसी है पहेली' और ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए' जैसे गीत लिखने वाले गीतकार योगेश का निधन 29 मई को हो गया। वह 77 साल के थे.

‘रजनीगंधा, ‘बातों बातों में' और ‘चितचोर' जैसी फिल्मों के माध्यम से भारत के मध्यम वर्ग की रोजमर्रा की कहानी को पर्दे पर लाने वाले बासु चटर्जी का निधन चार जून को हो गया. वह 93 साल के थे. लंबे समय से उनके साथ जुड़े फिल्म जगत के साथी योगेश के निधन के पांच दिन बाद ही बासु का निधन हो गया.

बॉलीवुड के लिए 14 जून को एक और बुरी खबर आई. ‘एम एस धोनी: द अन्टोल्ड स्टोरी' के अभिनेता 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई में उनके आवास पर फांसी से लटकता हुआ मिला. इस असमय मौत से देश में मानसिक स्वास्थ्य समस्या को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई लेकिन जल्द ही इस बहस ने दूसरा रुख ले लिया और यह बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद, शक्ति संतुलन और फिल्म जगत में कथित मादक पदार्थों के सेवन की ओर मुड़ गई. सीबीआई समेत कई जांच एजेंसियों ने इस मौत से जुड़े हर पहलू की जांच शुरू की और कथित मादक पदार्थ के सेवन मामले में दीपिका पादुकोण समेत कई हस्तियों से पूछताछ हुई. वहीं राजपूत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने और उनकी संपत्ति की हेरफेर का आरोप लगा और वह जेल भी गईं.

सिनेमा जगत में 2,000 से ज्यादा गानों के लिए कोरियोग्राफी कर चुकीं सरोज खान का निधन तीन जुलाई को 71 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हो गया. ‘मास्टरजी' पुकारी जाने वाली खान ने ‘धक धक' और ‘एक दो तीन' जैसे गानों के लिए कोरियोग्राफी की थी.

इसके बाद अपने हास्य अभिनय के लिए मशहूर जगदीप ने 81 साल की उम्र में नौ जुलाई को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लोग आज भी ‘शोले' फिल्म के उनके किरदार ‘सूरमा भोपाली' को नहीं भूल पाए हैं। उनका वास्तविक नाम ‘सैय्यद इस्तियाक अहमद जाफरी' था.

सिनेमा जगत ने इस साल मशहूर पार्श्व गायक एस पी बालासुब्रमण्यम को भी खो दिया. उनका निधन 25 सितंबर को चेन्नई के एक अस्पताल में कोविड-19 के बाद पैदा हुई दिक्कतों की वजह से हो गया. 74 वर्षीय गायक ‘एसपीबी' के लघु नाम से मशहूर थे. पांच दशक के लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने 16 भाषाओं में एक से बढ़कर एक गीत गाए.


भारत की पहली ऑस्कर पुरस्कार विजेता और परिधान डिजाइनर भानु अथैय्या का निधन 15 अक्टूबर को मुंबई में हो गया. वह 91 साल की थीं. मशहूर फिल्म निर्देशक रिचर्ड एटनबरो की फिल्म ‘गांधी' के लिए उन्होंने जॉन मोलो के साथ मिलकर कॉस्ट्यूम डिजाइन किया था और इसके लिए उन्हें एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

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भाषा, राज्य और देश की सीमाओं को लोकप्रियता के मामले में पीछे छोड़ने वाले कलाकार सौमित्र चटर्जी ने 15 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनका निधन कोविड-19 के बाद पैदा हुई दिक्कतों की वजह से कोलकाता के एक अस्पताल में हो गया। 85 वर्षीय कलाकार महान निर्देशक सत्यजीत रे की ‘अपुर संसार' के लिए विख्यात हैं लेकिन वह सिर्फ बांग्ला कलाकार होने या रे की फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने से भी इतर एक लेखक और आलोचक की पहचान भी स्थापित कर चुके थे तथा अंत समय तक सिनेमा जगत में योगदान देते रहे.