Chintu Ka Birthday Review: मासूमियत और डर की चाशनी में लिपटी इमोशनल फिल्म है 'चिंटू का बर्थडे'

Chintu Ka Birthday Review: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों बहुत ही अच्छी फिल्में रिलीज हो रही है. आज ही नेटफ्लिक्स पर 'चोक्ड (Choked)' रिलीज हुई है तो वहीं ZEE5 पर 'चिंटू का बर्थडे (Chintu Ka Birthday)' ने दस्तक दी है.

Chintu Ka Birthday Review: मासूमियत और डर की चाशनी में लिपटी इमोशनल फिल्म है 'चिंटू का बर्थडे'

Chintu Ka Birthday Review: जानें कैसी है फिल्म 'चिंटू का बर्थडे'

खास बातें

  • ZEE5 पर रिलीज हुई है 'चिंटू का बर्थडे'
  • देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह हैं डायरेक्टर
  • जानें कैसी है 'चिंटू का बर्थडे'
नई दिल्ली:

Chintu Ka Birthday Review: ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों बहुत ही अच्छी फिल्में रिलीज हो रही है. आज ही नेटफ्लिक्स पर 'चोक्ड (Choked)' रिलीज हुई है तो वहीं ZEE5 पर 'चिंटू का बर्थडे (Chintu Ka Birthday)' ने दस्तक दी है. 'चिंटू का बर्थडे' एक बहुत ही प्यारी और मीठी-सी फिल्म है, जिसमें डर भी हावी रहता है और जब यह डर खत्म होता है तो पात्रों के साथ दर्शक भी राहत महसूस करते हैं. देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह 'चिंटू का बर्थडे' के डायरेक्टर ने फिल्म को कहीं भी मुश्किल नहीं होने दिया है, और बहुत ही आसानी से अपनी बात को कह गए हैं. 

'चिंटू का बर्थडे (Chintu Ka Birthday)' की कहानी मदन तिवारी और उनके परिवार की है. मदन तिवारी आरओ बेचते हैं, और इराक में फंस जाते हैं. सद्दाम हुसैन का शासन खत्म हो चुका है और अब अमेरिकी वहां आ चुके हैं. ऐसे में उनके बेटे चिंटू का जन्मदिन आता है. लेकिन ऐसा इत्तेफाक रहा है कि चिंटू का जन्मदिन अभी तक सही ढंग से नहीं मनाया जा सकता है. चिंटू छह साल का होने वाला है, और पूरी तैयारियों से जन्मदिन मनाने का प्लान है. लेकिन तभी हमले शुरू हो जाते हैं. केक नहीं आ पाता है, घर में अमेरिकी सैनिक घुस आते हैं, पापा की पिटाई होती है और बहुत ढेर सारा खट्टा-मीठा ड्रामा होता है. इस तरह फिल्म की कहानी पूरी तरह से चिंटू के इमोशंस और इराक के हालात को लेकर है.

देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह ने 'चिंटू का बर्थडे (Chintu Ka Birthday)' का डायरेक्शन काफी कसा हुआ रखा है. विनय पाठक, तिलोत्तमा शो और सीमा पाहवा ने हमेशा की तरह अच्छी एक्टिंग की है. चिंटू के किरादर में वेदांत छिब्बर भी काफी क्यूट हैं. इस तरह ZEE5 की यह फिल्म इमोशंस, कॉमेडी और बच्चों की भावनाओं को लेकर बहुत ही प्यारी फिल्म है. लॉकडाउन और कोरोना के कहर के दौरान जब सिनेमाघर बंद है तो टीवी पर इस तरह का मनोरंजन अपने आप में किसी लग्जरी से कम नहीं. 

रेटिंगः 3.5/5 स्टार
डायरेक्टरः देवांशु कुमार और सत्यांशु सिंह 
कलाकारः विनय पाठक, तिलोत्तमा शोम, सीमा पाहवा और वेदांत छिब्बर

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