फार्म हाउस में बत्तखों के झुंड को देख रह नहीं पाए धर्मेंद्र, गाड़ी लेकर यूं किया पीछा- देखें Video

धर्मेंद्र (Dharmendra) ने फिर से अपने फार्म हाउस का वीडियो शेयर किया है. वीडियो में बत्तखों का पीछा कर रहे हैं.

फार्म हाउस में बत्तखों के झुंड को देख रह नहीं पाए धर्मेंद्र, गाड़ी लेकर यूं किया पीछा- देखें Video

धर्मेंद्र (Dharmendra) ने शेयर किया वीडियो

नई दिल्ली:

बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर धर्मेंद्र (Dharmendra) अब फिल्मों में तो ज्यादा एक्टिव नहीं दिखते, लेकिन सोशल मीडिया पर आज भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. धर्मेंद्र (Dharmendra) अब अपना ज्यादातर समय अपने फार्म हाउस पर ही गुजारते हैं और वहीं से वीडियो बनाकर फैन्स के बीच शेयर करते हैं. धर्मेंद्र (Dharmendra Farm House) के वीडियो को फैन्स खूब प्यार देते हैं. वो अपने वीडियो में कभी फार्म हाउस में उगी सब्जियां दिखाते हैं तो कभी पेड़ पौधे दिखाते हैं. लोग उनकी इसी अदा को पसंद करते हैं. उन्होंने फिर से एक वीडियो शेयर किया है.

धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने 'बड़ी मुश्किल' गाने पर किया जोरदार डांस, 80 लाख बार देखा गया Video

धर्मेंद्र (Dharmendra) इस वीडियो में बत्तखों को छेड़ते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि धर्मेंद्र गाड़ी में बैठ बत्तखों के झुंड को पीछे से छेड़ते हुए दिख रहे हैं. यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में शेयर कर उन्होंने लिखा:  बत्तखों से छेड़ छाड़...आप बेटी...आप से बांट लेता हूं...रंग...वक्त में भर लेता हूं...लव यूं ऑल. टेक केयर." धर्मेंद्र के इस वीडियो को एक लाख 53 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. फैन्स इस वीडियो पर जमकर रिएक्शन भी दे रहे हैं.

रिया चक्रवर्ती ने कहा, 'फ्लैट की 17 हजार ईएमआई कैसे भरूंगी?', तो श्वेता सिंह बोलीं- देश के सबसे महंगे वकील को कैसे

Newsbeep

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें कि धर्मेंद्र (Dharmendra) का असली नाम धरम सिंह देओल है. धर्मेंद्र का बचपन साहनेवाल में गुजरा. धर्मेंद्र के पिता स्कूल हेडमास्टर थे. धर्मेंद्र ने अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से 1960 में बॉलीवुड में डेब्यू किया. धर्मेंद्र को 1970 के दशक के मध्य में दुनिया के सबसे हैंडसम पुरुषों में स्थान मिला था. धर्मेंद्र वर्ल्ड आयरन मैन अवार्ड से भी नवाजे जा चुके हैं. धर्मेंद्र की लोकप्रिय फिल्मों में 'सत्यकाम', 'खामोशी', 'शोले', 'क्रोधी' और 'यादों की बारात' जैसी फिल्मों के नाम आते हैं.