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'आशीर्वाद' की लड़ाईः तीन हफ्ते बाद होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में अनिता ने आडवाणी ने कहा है कि दो दशक से ज्यादा वक्त से डिंपल ने राजेश खन्ना को छोड़ रखा था.

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'आशीर्वाद' की लड़ाईः तीन हफ्ते बाद होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया

खास बातें

  1. डिंपल ने कहा, उन्होंने राजेश को कभी नहीं छोड़ा
  2. राजेश खन्ना के बंगले को लेकर है विवाद
  3. सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है केस
नई: देश के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के बंगले आशीर्वाद से शुरू हुए विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी. डिंपल कपाडिया की ओर से समय मांगा गया था जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. गौरतलब है कि हलफनामे में डिंपल कपाडिया ने कहा है कि उन्होंने राजेश खन्ना को कभी नहीं छोड़ा. दोनों के बीच आत्मीय संबंध रहे.

कोर्ट में दाखिल हलफनामे में राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाडिया ने कहा है कि उन्होंने राजेश खन्ना को कभी भी नहीं त्यागा. डिम्पल कपाड़िया का कहना है कि उनके और पति सुपरस्टार राजेश खन्ना के बीच मधुर संबंध थे. ये बात बिल्कुल निराधार और बेबुनियाद है कि राजेश खन्ना और उनका संबंध खत्म हो गया था. वह अपनी बेटियों के साथ राजेश खन्ना से उनके घर आशीर्वाद में अक्सर मिलने जाया करती थी. कभी-कभी दामाद अक्षय कुमार भी उनके साथ आशीर्वाद जाते थे. वो राजेश खन्ना की नियमित रुप से देखभाल करती थी. वसीयत लिखते वक्त राजेश खन्ना सोचने समझने की स्थिति में थे और उनहोंने अपने पूरे होशों हवाश में वसीहत लिखी थी.

Video: संपत्ति विवाद मामले में डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को नोटिस



खास यह कि अनिता आडवाणी ने खुद को लिव इन पार्टनर बताते हुए बॉम्बे की कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामला दाखिल किया. लेकिन हाईकोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया. हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने पर सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटी ट्विंकल और दामाद अक्षय कुमार को नोटिस भेजा था.

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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल डिंपल ने जवाब में कहा है कि उन्होंने राजेश खन्ना से कभी तलाक नहीं लिया. शादीशुदा व्यक्ति से लिव इन रिलेशनशिप में रहना गैर कानूनी है. अनिता आडवाणी राजेश खन्ना के साथ लिव इन रिलेशन में आशीर्वाद में रहती ही नहीं थी तो घर से बाहर से निकालने का सवाल कहा पैदा होता है? इसके अलावा घरेलू हिंसा का मामला पार्टनर के अलावा उन संबंधियों पर हो सकता है जो एक साथ घर में रहते हों. डिंपल ने कहा है कि वो तो उस घर में रहती ही नहीं थी तो उन पर अनिता ये केस नहीं कर सकती और हाईकोर्ट ने सही फैसला सुनाया है. ऐसे में अनिता घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत खुद को पीड़िता बताकर कैसे राहत मांग सकती है?

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दरअसल 18 जुलाई, 2012 को राजेश खन्ना की मृत्यु से कुछ दिन पहले ही अनिता आडवाणी ने ये केस किया था. सुप्रीम कोर्ट में अनिता ने कहा है कि दो दशक से ज्यादा वक्त से डिंपल ने राजेश खन्ना को छोड़ रखा था. हर अच्छे बुरे वक्त में वो जीवन साथी की तरह रही इसलिए वो केस दाखिल करने की हकदार है. याचिका में यह भी कहा है कि डिंपल और अन्य ने राजेश खन्ना से गलत तरीके से वसीयत लिखवा ली थी. फिल्म स्टार अक्षय कुमार, टविंकल खन्ना ने भी डिंपल कपाडिया के हलफनामे को अपनाया है.

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