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Exclusive: क्‍या ऑस्‍कर में जाने वाली 'Newton' इस इरानी फिल्‍म की नकल है?

'न्‍यूटन' और इरानी फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट', दोनों फिल्‍में एक दूरदराज के इलाके में चुनाव होने की कहानी कहती हैं. दोनों ही फिल्‍मों में मुख्‍य किरदार एक सरकारी कर्मचारी है और जिसकी जिम्‍मेदारी है कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी सही से चुनाव कराए.

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Exclusive: क्‍या ऑस्‍कर में जाने वाली 'Newton' इस इरानी फिल्‍म की नकल है?

फिल्‍म 'न्‍यूटन' में पंकज त्रिपाठी और राजकुमार राव नजर आए हैं.

खास बातें

  1. फिल्‍म 'न्‍यूटन' में हैं इरानी फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट' जैसी कई समानताएं
  2. 'न्‍यूटन' बनी है ऑस्‍कर के लिए भारत की एंट्री
  3. 'न्‍यूटन' को 26 भारतीय फिल्‍मों में से ऑस्‍कर के लिए चुना गया है
नई दिल्‍ली: शुक्रवार को रिलीज हुई राजकुमार राव की फिल्‍म 'न्‍यूटन' भारत की तरफ से ऑस्‍कर पुरस्‍कारों में अपनी दावेदारी पेश करेगी. लेकिन क्‍या यह फिल्‍म एक नकल है? दरअसल यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि एनडीटीवी डॉट कॉम ने पाया है कि निर्देशक अमित मसुरकर की यह फिल्‍म काफी हद तक इरानी फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट' से मिलती जुलती है. इन दोनों ही फिल्‍मों का आइडिया और कहानी की मूल भावना एक ही है. दरअसल यह दोनों फिल्‍में एक दूरदराज के इलाके में चुनाव होने की कहानी कहती हैं. दोनों ही फिल्‍मों में मुख्‍य किरदार एक सरकारी कर्मचारी है और जिसकी जिम्‍मेदारी है कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी सही से चुनाव कराए. सिर्फ मुख्‍य किरदार ही नहीं, बल्कि दोनों ही फिल्‍मों में दूसरा अहम किरदार एक सिक्‍योरिटी अधिकारी का है, जो लगभग हर कदम पर इस सरकार कर्मचारी को चुनाव न कराने पाने की बातें करता है.

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जहां निर्देशक अमित मसुरकर की फिल्‍म 'न्‍यूटन' में राजकुमार राव ने पोलिंग एजेंट की भूमिका निभाई है, जो छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित इलाके में चुनाव कराता है. उसे हवाई जहाज से इस इलाके में पहुंचाया जाता है जहां उसकी मुलाकात आत्‍मा सिंह (पंकज त्रिपाठी) से होती है, जो एक सिपाही है और उस इलाके को काफी अच्‍छे से जानता है.

यहां देखें फिल्‍म 'न्‍यूटन' का ट्रेलर.



वहीं दूसरी तरफ इरानी फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट' है, जिसका निर्देशन बबेक पयामी ने किया है. इस फिल्‍म में मुख्‍य किरदार एक महिला नसीम अबिदी का है जो मतदान के दिन प्‍लेन से एक दूर-दराज के इलाके में पहुंचती है. जबकि सिपाही, जो यहां सिक्‍योरिटी का इंचार्ज है, वह इसमें कतई रुचि नहीं रखता और न ही नसीम की मदद करना चाहता है. इन दोनों फिल्‍मों की सिर्फ थीम ही नहीं, बल्कि कई सीन और डायलॉग भी एक दूसरे से मिलते हैं. जैसे राजकुमार राव का नक्‍शा लेकर चुनाव की प्‍लानिंग करना. 'सीक्रेट बैलेट' में भी महिला कई जगह बैलेट बॉक्‍स को साथ में लेकर घूमती दिखाई गई है जबकि 'न्‍यूटन' में भी राजकुमार राव ईवीएम मशीन को लेकर घूमते दिखाए गए हैं.

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यहां देखें फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट' का ट्रेलर


एनडीटीवी डॉट कॉम ने जब 'न्‍यूटन' के लेखक व निर्देशक अमित मसुरकर से बात की तो उन्‍होंने साफ कहा कि उनकी फिल्‍म 'न्‍यूटन' किसी फिल्‍म से इंस्‍पायर्ड या किसी फिल्‍म का रीमेक नहीं है. उन्‍होंने कहा, 'मुझे याद है कि जब मैं अपनी कहानी लिख चुका था और अपनी फिल्‍म की शूटिंग शुरू करने वाला था, तब एक दोस्‍त ने मुझे 'सीक्रेट बैलेट' के बारे में बताया. क्‍योंकि वह फिल्‍म यूट्यूब पर मौजूद है इसलिए मैंने उस फिल्‍म के कुछ हिस्‍से देखे हैं. पर मुझे लगता है वह हमारी फिल्‍म से काफी अलग है. उसमें एक लेडी पोलिंग ऑफिसर हर दरवाजे पर जाकर वोटिंग कराती है. साथ ही उस फिल्‍म में एक रोमांटिंक कहानी भी है जो 'न्‍यूटन' में नहीं है.'

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लीड किरदारों की समानता पर मसुकर ने कहा, 'मैं जानता था कि कभी न कभी लोग इन समानताओं पर बात करेंगे लेकिन मैं क्‍या कर सकता हूं. जब आप कुछ लिख रहे होते हैं, तो आप नहीं जानते कि दुनिया के किसी कौने में ऐसी ही कहानी लिखी जा चुकी है.'

बता दें कि फिल्‍म 'सीक्रेट बैलेट' साल 2001 में आई थी और दुनिया के कई फिल्‍म फेस्टिवल्‍स में दिखाई जा चुकी है. इस फिल्‍म को कई पुरस्‍कार मिल चुके हैं.

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