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EXCLUSIVE: बुक लॉन्चिंग के मौके पर गुलजार ने कहा, बंटवारे का दर्द अभी तक खत्म नहीं हुआ

हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार गुजलार ने भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को लेकर दो नॉवेल 'वो दो लोग' और 'फुटप्रिंट्स ऑन जीरो लाइन' को लॉन्च किया.

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EXCLUSIVE: बुक लॉन्चिंग के मौके पर गुलजार ने कहा, बंटवारे का दर्द अभी तक खत्म नहीं हुआ

गीतकार गुलजार (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार गुजलार ने भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को लेकर दो नॉवेल 'वो दो लोग' और 'फुटप्रिंट्स ऑन जीरो लाइन' को लॉन्च किया. जिसे लेकर एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कई बातें साझा की. उन्होंने इन दोनों किताबों में लिखी कविताओं को तो पढ़ा ही साथ ही भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद आज और पहले के हालातों पर भी टिप्पणियां की. उन्होंने कहा कि यह बटंवारा हमारे सोच और नीयत के वजह से भी हुआ, बंटवारे का दर्द अभी तक खत्म नहीं हुआ है, दोनों देशों के बीच यह गैप बढ़ रहा है न कि कम हो हो रहा है. गुलजार ने आगे कहा कि भले ही मेरी कर्मभूमि यानी बंटवारे के बाद भारत में हूं, लेकिन मेरी जन्मभूमि पाकिस्तान है. 


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एनडीटीवी से बात करते हुए गुलजार ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच बंटवारा लोगों के वजह से नहीं बल्कि दोनों देशों के सियासत की वजह से हुआ. आज भी यदि दोनों देशों में समझौता या हल निकालना होगा तो सियासत ही करेगी न कि दोनों देशों के लोग.

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उन्होंने आगे कहा कि आज भी भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर जो हो रहा है उसकी नतीजा और शक्ल देखें बिना किया जा रहा है. गुलजार ने आगे कहा कि आज भी पाकिस्तान में जाएंगे तो जिस तपाक से लोग हिन्दुस्तानियों से मिलते हैं कई बार हम शर्मिंदा हो जाते हैं कि क्या हम ऐसे मिल पाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर हम सियासत का नाम लेंगे तो दोनों देशों में खून ही टपकेगा.


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