जब इस ट्रेजेडी की वजह से खामोश हो गए थे गजल सम्राट जगजीत सिंह, पत्नी ने छोड़ दी थी गायकी

जगजीत सिंह की भारी और दर्द से भरी आवाज की वजह से गजल गायकी में दूसरा कोई उनका सानी नहीं है.

जब इस ट्रेजेडी की वजह से खामोश हो गए थे गजल सम्राट जगजीत सिंह, पत्नी ने छोड़ दी थी गायकी

जगजीत सिंह और चित्रा सिंह

खास बातें

  • उन्हें गजल किंग भी कहा जाता था
  • हर कोई दीवाना था उनकी गजलों का
  • जगमोहन सिंह धीमन था असली नाम
नई दिल्ली:

‘वो कागज की कश्ती’, ‘झुकी झुकी सी नजर’, ‘होंठों से छू लो तुम’ ये शब्द सुनकर यकीकन आपके जेहन में इसके गायक का चेहरा ताजा हो गया है. इस तरह की सैकड़ों गजल गाने वाले गजल किंग जगजीत सिंह की छठी पुण्यतिथि है. जगजीत सिंह की भारी और दर्द से भरी आवाज की वजह से गजल गायकी में दूसरा कोई उनका सानी नहीं है. उनका जन्म राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था और उनका असली नाम जगमोहन सिंह धीमन था. 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने अपनी पत्नी चित्रा सिंह के साथ एक से एक बेहतरीन गजलें गाईं और देश-विदेश में अपनी आवाज का डंका बजाया.

यह भी पढ़ेंः Birthday Special: 'कामसूत्र' में भी काम करने से हिचकी नहीं थीं रेखा

चित्रा सिंह और जगजीत सिंह की मुलाकात एक रेडियो एड की रिकॉर्डिंग के दौरान हुई थी. हालांकि जगजीत सिंह की भारी आवाज की वजह से ने चित्रा ने पहले तो उनके साथ गाने से ही मना कर दिया था. इस तरह दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती जीवन भर के संबंध में तब्दील हो गई. लेकिन 1990 में एक ट्रेजडी ने दोनों को एकदम खामोश कर दिया. जगजीत और चित्रा के बेटे विवेक का कार हादसे में निधन हो गया. इस वजह से जगजीत सिंह छह महीने तक एकदम खामोश हो गए जबकि चित्रा सिंह इस हादसे से कभी उबर नहीं पाईं और उन्होंने गायकी छोड़ दी. लेकिन जगजीत ने कुछ समय बाद खुद को संभाला और इस हादसे के बाद गाई गईं उनकी गजलों में बेटे को खो देने का दर्द साफ झलकता था. 

 ...और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें...

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com