जावेद अख्तर ने पीएम मोदी के संबोधन पर साधा निशाना, बोले- 33 मिनट की स्पीच में एक भी बार...

पीएम मोदी के संबोधन को लेकर हाल ही में मशहूर लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

जावेद अख्तर ने पीएम मोदी के संबोधन पर साधा निशाना, बोले- 33 मिनट की स्पीच में एक भी बार...

जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने पीएम मोदी के संबोधन को लेकर किया ट्वीट

खास बातें

  • जावेद अख्तर ने पीएम मोदी के संबोधन को लेकर किया ट्वीट
  • जावेद अख्तर ने कहा कि 33 मिनट की स्पीच में एक भी शब्द...
  • जावेद अख्तर का ट्वीट हुआ वायरल
नई दिल्ली:

कोरोना वायरस (Coronavirus) के बीच बीते दिन पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्र को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने, 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज और कई जरूरी घोषणाएं कीं. पीएम मोदी के संबोधन को लेकर हाल ही में मशहूर लेखक जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जावेद अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा कि 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज राष्ट्र के लिए वाकई में एक वरदान है, लेकिन 33 मिनट की स्पीच में एक भी शब्द प्रवासी मजदूरों के लिए नहीं था, जिन्हें इस समय जीवन जीने के लिए सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी. 

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जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के इस ट्वीट को लेकर फैंस भी खूब कमेंट कर रहे हैं. जावेद अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा, "20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज वाकई में राष्ट्र के लिए एक वरददान है, लेकिन 33 मिनट के भाषण में एक भी शब्द लाखों प्रवासी मजदूरों की दूर्दशा के बारे में नहीं कहा गया, जिन्हहें अपने अपने अस्तित्व के लिए तत्काल मदद की जरूरत है. यह ठीक नहीं है." बता दें कि जावेद अख्तर अपने विचारों को लेकर सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते हैं. वह अकसर समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार बेबाकी से पेश करते हैं. 

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पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के बारे में बात करते हुए कहा कि यह देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा. आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इसमें सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटिर उद्योग, लघु उद्योग और मंझोले उद्योग के लिए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है. ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहा है.