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Mirza Ghalib: दिलोदिमाग पर छा जाएगी उर्दू के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की ये इश्किया शायरी

गूगल ने Mirza Ghalib's 220th Birthday टाइटल से डूडल बनाया है. उसने मिर्ज़ा ग़ालिब की 220वीं जयंती पर डूडल डेडिटेक किया है.

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Mirza Ghalib: दिलोदिमाग पर छा जाएगी उर्दू के महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की ये इश्किया शायरी

मिर्ज़ा ग़ालिब

खास बातें

  1. रोमांटिक शायरी के किंग हैं मिर्ज़ा
  2. दिल को छू जाती है शायरी
  3. जुबान पर आसानी से चढ़ जाती है
नई दिल्ली: गूगल ने Mirza Ghalib's 220th Birthday टाइटल से डूडल बनाया है. मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी में दर्द, इश्क और शराब का जिक्र खुलकर आता है. उनकी इश्किया शायरी का इस्तेमाल तो हर प्यार करने वाले ने अपनी जिंदगी में कभी न कभी किया ही होगा क्योंकि कम शब्दों में मारक बात कहना गालिब की आदत थी और वे अपनी असल जिंदगी में भी बहुत ही प्यारी शख्सियत थे. वे मस्त रहते थे और अपनी ही दुनिया में मशगूल रहने वाले शख्स थे. दिलचस्प तो यह कि उनकी शायरी का फिल्मों में खूब इस्तेमाल भी हुआ है. इश्क पर जोर नहीं...वाला शेर तो शाहरुख खान की फिल्म 'दिल से...' के गाने में आ चुका है. मिर्ज़ा गजब के स्वाभिमानी भी थे और वे स्वाभिमान से समझौता करने में यकीन नहीं करते थे. उनके कुछ रोमांटिक शेरः

Mirza Ghalib 220th Birthday: महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब के बॉलीवुड से लेकर असल जिंदगी तक में हिट 10 शेर

इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के

इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब'
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक

आज है महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब का जन्मदिन, गूगल ने बनाया है खास डूडल

मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले 

Mohammed Rafi 93rd Birth Anniversary: इसलिए लता मंगेशकर ने मोहम्मद रफी के साथ बंद कर दी थी गायकी

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता

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