पीएम मोदी ने कहा महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता, तो मशहूर लेखक बोले- पांडवों ने सारे बच्चे खो दिए थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि महाभारत युद्ध 18 दिनों का था तो कोरोना का 21 दिनों तक चलेगा. इस पर लेखक देवदत्त पटनायक (Devdutt Pattanaik) ने ट्वीट कर रिएक्शन दिया है.

पीएम मोदी ने कहा महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता, तो मशहूर लेखक बोले- पांडवों ने सारे बच्चे खो दिए थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कोरानावायरस (Coronavirus) से लड़ाई की तुलना 'महाभारत के युद्ध' (Mahabharata) से करते हुए कहा था कि 130 करोड़ महारथियों के बलबूते और सामाजिक दूरी बनाकर एवं घरों में रहकर देश इस युद्ध में जीत हासिल करेगा.पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिये संवाद में कहा था: "महाभारत का युद्ध 18 दिनों में जीता गया था.आज कोरोना के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के इस संबोधन पर राजनेताओं सहित कलाकारों के भी रिएक्शन आ रहे हैं. भारतीय लेखक देवदत्त पटनायक (Devdutt Pattanaik) ने ट्वीट के जरिए रिएक्शन दिया है. उन्होंने लिखा:  "जब राजनेता कहते हैं कि महाभारत का युद्ध 18 दिनों में जीता गया था, तो वे यह उल्लेख करने में असफल रहे कि विजेता पांडव अपने सभी बच्चों (अभिमन्यु, घटोत्कच, अरावन, उपपंडास) को खो चुके थे. वह 'जीत' की कीमत थी. पौराणिक स्माइली से सावधान." देवदत्त पटनायक ने इस तरह इस संबंध में रिएक्शन दिया.

देवदत्त पटनायक (Devdutt Pattanaik) के इस ट्वीट पर यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं. बता दें कि देवदत्त पटनायक लेखत के साथ-साथ पौराणिक कथाकार, नेतृत्व सलाहकार और संचारक भी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने संबोधन में आगे कहा था कि महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण सारथी थे, कोरोना के खिलाफ युद्ध में 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें जीत दर्ज करना है उन्होंने लोगों को सुझाव दिया: "नागरिक के रूप में हमें अपने कर्तव्य का पालन करते रहना चाहिए, हमें सामाजिक दूरी बनाने पर ध्यान देना चाहिए. हमें घर में रहना चाहिए और आपस में दूरी बनाए रखना चाहिए। कोरोना जैसी महामारी से दूर रहने का अभी यही एकमात्र उपाय है."