भारत की GDP में आई 23.9 फीसदी की भारी गिरावट तो फिल्म निर्माता बोले- इसे नजरअंदाज करें और...

शिरीष कुंदर (Shirish Kunder) ने जीडीपी को लेकर ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि जीडीपी को नजरअंदाज करें और बाकी बचे मुद्दों पर ध्यान दें.

भारत की GDP में आई 23.9 फीसदी की भारी गिरावट तो फिल्म निर्माता बोले- इसे नजरअंदाज करें और...

शिरीष कुंदर (Shirish Kunder) ने भारत की जीडीपी (GDP) को लेकर किया ट्वीट

खास बातें

  • भारत की जीडीपी में आई 23.9 फीसदी की गिरावट
  • फिल्म निर्माता शिरीष कुंदर ने कहा कि इसे नजरअंदाज करें
  • शिरीष कुंदर का जीडीपी को लेकर ट्वीट हुआ वायरल
नई दिल्ली:

भारत की जीडीपी (GDP) यानी सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) में चालू वर्ष की पहली तिमाही के दौरान ही 23.9 फीसदी की गिरावट पाई गई है. इसे लेकर आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड कलाकार भी लगातार ट्वीट कर रहे हैं. हाल ही में इस मुद्दे पर मशहूर फिल्म निर्माता शिरीष कुंदर (Shirish Kunder) ने भी ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि जीडीपी को नजरअंदाज करें और बाकी बचे मुद्दों पर ध्यान दें. शिरीष कुंदर ने अपने ट्वीट के जरिए तंज कसने की कोशिश की है. फिल्म निर्माता का जीडीपी को लेकर यह ट्वीट खूब वायरल हो रहा है, साथ ही लोग इसपर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं.

शिरीष कुंदर (Shirish Kunder) ने अपने ट्वीट में सकल घरेलू उत्पाद में आई 23.9 फीसदी की गिरावट पर ट्वीट करते हुए लिखा, "जीडीपी को नजरअंदाज करिए. चलिए बाकी बचे मुद्दे पर ध्यान देते हैं." शिरीष कुंदर के अलावा इस मामले पर चेतन भगत, अनुराग कश्यप और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कई कलाकारों ने भी ट्वीट किया और बेबाकी से अपनी राय पेश की. बता दें कि सोमवार को सरकार की ओर से जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए. 21 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय सहायता के बावजूद कोरोना वायरस महामारी की वजह से कारोबार और आम इंसान पर भारी असर पड़ा. 

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शिरीष कुंदर (Shirish Kunder) ने जीडीपी के अलावा ट्वीट में प्रशांत भूषण पर लगाए गए एक रुपये के जुर्माने पर भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "जीडीपी को ध्यान में रखते हुए 1 रुपये भी बहुत ही ऊंचा जुर्माना लगता है." बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब फिल्म निर्माता शिरीष कुंदर ने किसी मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय पेश की हो. वह अकसर समसामयिक मुद्दों पर ट्वीट करते हैं और अपने विचार साझा करते हैं. वहीं, सांख्यिकी मंत्रालय ने अपने ताजा आंकलन रिपोर्ट में कहा है की लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ गयीं जिस वजह से इस साल अप्रैल से जून की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित 23.9% सिकुड़ गयी.