NDTV Khabar

Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचाने के लिए सरकार ने उठाया था ये कदम, दिखाई गई थी यह फिल्म

Surya Grahan 2018: साल 1975 में बॉलीवुड की जानी मानी अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फिल्म 'चुपके-चुपके' को दूरर्शन पर दिखाने की कहानी काफी इंटरेस्टिंग हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचाने के लिए सरकार ने उठाया था ये कदम, दिखाई गई थी यह फिल्म

Surya Grahan 2018: सूर्य ग्रहण की वजह से सरकार ने फिल्म 'चुपके चुपके' दिखलाई थी

खास बातें

  1. सूर्य ग्रहण पर ऐसे दिखाई गई थी फिल्म
  2. काफी मजेदार है यह किस्सा
  3. 1980 के दशक में सरकार ने दिखलाई
नई दिल्ली: Surya Grahan 2018: साल 1975 में बॉलीवुड की जानी मानी अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फिल्म 'चुपके-चुपके' को दूरर्शन पर दिखाने की कहानी काफी इंटरेस्टिंग हैं. यह भी सूर्य ग्रहण (solar eclipse) का इस्तेमाल सरकार ने एक ऐसे काम के लिए किया था जिसे जानकर आप भी चौकन्ने रह जाएंगे. मशहूर फिल्म डायरेक्टर हृषिकेश मुखर्जी की ‘चुपके-चुपके’ जबरदस्त कॉमेडी है, जिसमें धर्मेंद्र अपने जीजा ओम प्रकाश को सबक सिखाने के लिए ऐसी कहानी गढ़ते हैं कि हंसी-ठहाके लगते हैं. लेकिन 1980 के दशक में इस फिल्म का इस्तेमाल सरकार ने जनता को सूर्य ग्रहण के प्रकोप से बचाने के लिए किया था. सुनने में कुछ अजीब लग सकता है लेकिन यह हकीकत है. 

खौफनाक लुक में दिखा ये विलेन, भोजपुरी फिल्म 'सनकी दरोगा' में मचाएगा तबाही

बात 16 फरवरी, 1980 की है. सूर्य ग्रहण का दिन था. सरकार नहीं चाहती थी कि जनता बिना किसी सुरक्षा उपाय के सूर्य ग्रहण को देखे. इससे उनकी आंखों को नुक्सान पहुंचने की आशंका थी. सरकार ने जनता को घर में ही रोके रखने का उपाय किया. सरकार ने हथियार बनाया सिनेमा को और इस्तेमाल किया एक कॉमेडी फिल्म को. माध्यम था दूरदर्शन. ऐसे में लोगों को रोकने के लिए यह सबसे बढ़िया हथियार बना और सरकार ने इसका बखूबी इस्तेमाल भी किया.

देखें-


दिलीप कुमार की ख़ातिर इमोशनल हुईं सायरा बानो, फ़ैन्स से बोलीं- मेरे कोहिनूर के लिए दुआ करें...

टिप्पणियां
दूरदर्शन पर इस दिन धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन की इस हिट कॉमेडी को सूर्य ग्रहण के मौके पर टेलीकास्ट किया गया. यह मनोरंजन की ही ताकत थी, जिसकी वजह से सरकार को जनता को घर में रोकने के लिए फिल्म का ख्याल आया. वैसे भी हृषिकेश मुखर्जी की फिल्में जिंदगी के इतने करीब होती थीं कि हर किसी को आसानी से खुद से जोड़ लेती थीं.

 ...और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें...


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement