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बजट 2017

  • क्या आप जानते हैं जीएसटी (GST) क्या है? 7 खास बातें जो आपको पता होनी चाहिए...
    जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों के एवज में लगाया जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जाना है. जीएसटी लगने के बाद कई सेवाओं और वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स समाप्त हो जाएंगे. आइए एक नजर में जानें इस टैक्स विशेष के बारे में...
  • आम बजट 2017 : टैक्स कानूनों में हुए 10 अहम बदलाव, जो आप पर भी असर डालेंगे...
    वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2017-18 में व्यक्तिगत आयकर की सबसे छोटी स्लैब को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया, जिसका लाभ सिर्फ कम आय वालों को ही नहीं, ज़्यादा कमाने वालों तक भी पहुंचेगा, लेकिन वे टैक्स विशेषज्ञ निराश हैं, जिन्हें सेक्शन 80सी के तहत करमुक्त बचत सीमा में बढ़ोतरी की उम्मीद थी... 'टैक्समैन' के निदेशक राकेश भार्गव का कहना है, "इस बजट में (इनकम टैक्स एक्ट की) सेक्शन 80सी की सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया जा सकता था, क्योंकि मौजूदा सीमा पीएफ, बीमा, ट्यूशन फीस जैसे सभी भुगतानों को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है... इसके अलावा बच्चों के लिए पढ़ाई भत्ता, मेडिकल री-इम्बर्समेंट तथा होस्टल भत्ता जैसे कुछ भत्ते बहुत साल पहले निर्धारित किए गए थे, सो, इस बजट में उन्हें भी बढ़ाया जा सकता था..."
  • आम बजट में छोटी कंपनियों को कर राहत, बड़े उद्योगों के लिए कुछ नहीं
    नोटबंदी का असर झेल रहे उद्योग जगत ने वित्त मंत्री को एक लंबी वि-लिस्ट सौंपी थी. वित्त मंत्री ने छोटी कंपनियों के लिए टैक्स में राहत का एलान किया लेकिन बड़े उद्योगपतियों के लिए कुछ खास नहीं रहा.
  • अफोर्डेबल हाउसिंग को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने पर रियल इस्टेट कारोबारी खुश
    इस बजट में किफायती आवासों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दे दिया गया है, जिसकी लंबे समय से मांग हो रही है. रियल इस्टेट में काम करने वाले लोगों ने वित्त मंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्हें उम्मीद है कि इससे इस क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी और हर किसी के घर का सपना अब आसानी से पूरा होगा.
  • लालू प्रसाद यादव ने की बजट 2017 की निंदा, कहा - मोदी और ट्रंप 'जुड़वा भाई'
    लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट को निराशापूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की है. लालू ने कहा कि यह बजट हताशापूर्ण है और इसमें कुछ भी नहीं है. उन्होंने सांसद ई. अहमद के निधन के दिन संसद में बजट पेश किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ट्रंप हैं.
  • हम आतिशबाजी की उम्मीद कर रहे थे, यह 'फुस्सी बम' निकला : बजट पर राहुल गांधी
    कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट को केवल शेरो-शायरी वाला बजट करार देते हुए कहा कि इसमें कोई स्पष्ट दृष्टिकोण और सोच नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में किसानों और युवाओं के रोजगार के लिए कुछ नहीं किया है.
  • पिछले साल से भी फीका दिखा इस बार का बजट
    बजट की समीक्षा करने का काम साल दर साल कठिन होता जा रहा है. बजट अब ठोस आंकड़ों की बजाए लंबे-लबे वाक्यों का रूप लेने लगा है. फिर भी ऐसा नहीं है कि बजट को एक नजर में देखा न जा सके.
  • इस योजना को पीएम मोदी ने बताया था कांग्रेस की विफलता का स्मारक, अब इसी से करेंगे विकास
    भारत में गरीबी हटाने के लिए सबसे बड़ी योजनाओं में से एक मनरेगा को इस बजट में 48000 करोड़ रुपये के कोष का आवंटन किया गया है. यानी इस साल वित्तमंत्री अरुण जेटली ने साल 2017-18 के बजट में मनरेगा के लिए आवंटन 11 हजार करोड़ रुपए का इजाफा करते हुए इसे 48 हजार करोड़ रुपए कर दिया है. गौर करने लायक बात यह है कि मनरेगा की मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही आलोचना की थी.
  • Budget 2017 : आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा बजट को लेकर दी यह प्रतिक्रिया...
    वर्ष 2017-18 के लिए पेश आम बजट को आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने ‘एक सामान्य बजट’ बताते हुए कहा कि तीन प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य तक पहुंचने की रूपरेखा बदलने से राजकोषीय दायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) कानून का मजाक बनेगा.
  • बजट 2017: चीन, पाकिस्‍तान की चुनौती का सामना करने के लिए रक्षा बजट में जबर्दस्‍त इजाफा
    पड़ोसी देशों की बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए आम बजट में रक्षा क्षेत्र का खास ख्‍याल रखा गया है. इस बार के रक्षा बजट में 10 प्रतिशत से भी ज्‍यादा बढ़ोतरी कर भारत ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि सरहदों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी.
  • बजट 2017: ममता बनर्जी ने बजट को बताया विवादास्पद, अनुपयोगी, आधारहीन, मिशनविहीन
    वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज बजट पेश कर दिया है. इस बजट का भ्रामक बताते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि इसमें कोई रोडमैप नहीं है और यह केवल आंकड़ों और खोखले शब्दों की बाजीगरी है.
  • सड़क, रेल, एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण पर मोदी सरकार का जबरदस्त जोर, 3.96 लाख करोड़ रुपये दिए
    वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 3.96 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की है. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि इस तरह के निवेश से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जा सकेंगे.
  • बजट 2017-18: एक नजर में जानें क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा
    केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 का बजट पेश किया. इस बार आम बजट और रेल बजट एक साथ पेश किया गया है. हर बार की तरह इस बार भी बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुई और कुछ चीजें सस्ती हुईं है. आइए जानें कि इस बार बजट में सरकार ने कौन सी चीजें सस्ती की और कौन सी चीजें महंगी.
  • बजट 2017-18 : सस्‍ते आवास एवं रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को बढ़ावा देने के लिए उपायों की घोषणा
    सस्‍ती आवास योजना के प्रवर्तकों हेतु वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में घोषित लाभ-संबद्ध आयकर छूट योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए संसद में आम बजट प्रस्‍तुत करते हुए वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने आज उक्‍त योजना में कई महत्‍वपूर्ण बदलाव प्रस्‍तावित किए. जेटली ने बताया कि 30 और 60 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र की बजाय अब 30 और 60 वर्ग मीटर कार्पेट क्षेत्र की गणना की जाएगी. 30 वर्ग मीटर की सीमा भी केवल 4 मेट्रो शहरों की नगरपालिका सीमाओं के मामले में लागू होगी जबकि मेट्रो के बाहर के क्षेत्रों सहित देश के शेष भागों के लिए 60 वर्ग मीटर की सीमा ही लागू होगी. वित्‍त मंत्री ने इस योजना के तहत कार्य प्रारंभ होने के बाद भवन निर्माण को पूरा करने की अवधि को मौजूदा तीन साल से बढ़ाकर 5 साल करने का भी प्रस्‍ताव किया.
  • बजट 2017-18 में छोटी कंपनियों को राहत, आयकर 30 से 25 प्रतिशत किया गया
    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कंपनियों को अधिक व्यवहार्य बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये तक का वार्षिक कारोबार करने वाली छोटी कंपनियों के लिए आयकर घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है. सरकार ने न्‍यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) का उपयोग 10 वर्ष की बजाय 15 वर्ष की अवधि तक करने की अनुमति दी. बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अनर्जक परिसंपत्तियों के लिए अनुमत प्रावधान को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव किया गया है. एलएनजी पर मूल सीमा शुल्‍क पांच प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है.
  • बजट 2017 : अरुण जेटली ने किया बड़ा ऐलान, 1 अप्रैल से नहीं कर सकेंगे 3 लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन
    कालेधन के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में आगामी 1 अप्रैल, 2017 से तीन लाख रुपये से अधिक के सभी प्रकार के नकद लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की. जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक सीमा से अधिक के नकद लेनदेन पर प्रतिबंध कालेधन पर घटित विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिशों के आधार पर लगाया जा रहा है.
  • बजट 2017 : राहुल गांधी ने राजनीतिक चंदे पर नए नियम का स्‍वागत किया लेकिन...
    वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में आम बजट और रेल बजट पेश किए जाने के बाद कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर नाखुशी जाहिर की. हालांकि उन्‍होंने राजनीतिक चंदे को लेकर तय किए गए नए नियम का समर्थन जरूर किया.
  • यह बजट देश के विकास के लिए मजबूत कदम है : पीएम नरेंद्र मोदी
    वित्‍तमंत्री अरुण जेटली द्वारा संसद में बजट पेश किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि शिक्षा से लेकर स्‍वास्‍थ्‍य तक उद्यमी से लेकर उद्योग तक टैक्‍स डिडक्‍शन, हर किसी के सपने को साकर करने का ठोस कदम इस बजट में साफ-साफ नजर आता है.
  • बजट 2017 में हुईं कई नई घोषणाएं, बहुत-सी योजनाओं का भी ऐलान - पढ़ें पूरा बजट भाषण
    व्यक्तिगत आयकर के मामले में मध्यवर्ग को राहत देते हुए वित्तमंत्री ने ढाई से पांच लाख तक की आय पर लगने वाले 10 फीसदी कर को घटाकर पांच फीसदी कर दिया है, 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की आय वालों पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाने की भी घोषणा की है, जबकि एक करोड़ से अधिक आय पर लगने वाले 15 फीसदी सरचार्ज को बरकरार रखा है.
  • इस बार के बजट में इन ऐतिहासिक जगहों को भी मिला स्‍थान
    वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने अपनी बजटीय भाषण में कहा कि इस साल चंपारण सत्‍याग्रह आंदोलन और साबरमती आश्रम की स्‍थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं.
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