प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्‍य गुजरात को बजट में AIIMS की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्‍य गुजरात को बजट में AIIMS की सौगात

पीएम मोदी के गह राज्‍य में एम्‍स की स्‍थापना की जाएगी.

अरुण जेटली ने अपना बजट पेश करने के दौरान स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में ध्‍यान देने की बात कहते हुए दो राज्‍यों में एम्‍स घोषणा स्‍थापित करने की घोषणा की है. अब झारखंड और गुजरात में भी एम्‍स की स्‍थापना की जाएगी. उल्‍लेखनीय है कि गुजरात राज्‍य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्‍य है. इसके साथ ही 1.5 लाख स्‍वास्‍थ्‍य उपकेद्रों का विकास किया जाएगा. मेडल पोस्‍ट ग्रेजुएट शिक्षा की सीटें बढेंगी. 2025 तक टीबी के उन्‍मूलन का लक्ष्‍य रखा गया है.

अरुण जेटली ने एक फरवरी को बजट पेश करने के दौरान कहा है कि भारत आर्थिक विकास का इंजन बना हुआ है. इस वक्‍त यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा निर्माता देश है. उन्‍होंने कहा कि हमारे यहां विदेशी निवेश बढ़ा है, हमारी वित्‍तीय क्षमता बढ़ी है. महंगाई दर घटी है और यह काबू में रहेगी.

इसके साथ ही अरुण जेटली ने बजट जैसे गंभीर विषय को पेश करने के दौरान शेरो-शायरी के अंदाज को अपनाते हुए अपनी बात कही. उन्‍होंने अपने बजट भाषण के शुरुआती 15 मिनट में ही एक शेर पढ़ा-   

''इस मोड़ पर घबराकर न थम जाइए आप
जो बात नई उसे अपनाइए आप

डरते हैं नई राह पर क्यूं चलने से

हम आगे आगे चलते हैं आइए आप''

वास्‍तव में इस शेर के माध्‍यम से अरुण जेटली सरकार के पिछले एक साल के दौरान लिए गए साहसिक निर्णयों को बता रहे थे. पिछले एक साल में सरकार ने नोटबंदी, स्‍टार्ट अप इंडिया जैसे कुछ बड़े साहसिक और निर्णायक फैसले लिए हैं.

इसके साथ ही अरुण जेटली ने एक फरवरी को बजट पेश करने के दौरान कहा है कि भारत आर्थिक विकास का इंजन बना हुआ है. इस वक्‍त यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा निर्माता देश है. उन्‍होंने कहा कि हमारे यहां विदेशी निवेश बढ़ा है, हमारी वित्‍तीय क्षमता बढ़ी है. महंगाई दर घटी है और यह काबू में रहेगी.

उन्‍होंने कहा कि भारत दुनिया के आर्थिक नक्‍शे पर चमक रहा है. हमारे फोकस में नौजवान होंगे, जो विकास के फायदे ले सकें. देश में विदेशी निवेश बढ़ा है. चालू खाता घाटा भी कम हुआ है. हमारी वित्‍तीय मजबूती भी बढ़ी है. आईएमएफ के अनुसार-हमारी अर्थव्‍यवस्‍था तेजी की तरफ है.

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हमारी सरकार कालेधन से लड़ रही है. पिछले सालों में सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा है. हम असंठित के मुकाबले संगठित अर्थव्‍यवस्‍था की तरफ बढ़े हैं.

उल्‍लेखनीय है कि यह पहली बार है जब बजट 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है. इससे पहले बजट 28 या 29 फरवरी को पेश होता था.यही नहीं अरुण जेटली का भी यह चौथा बजट है. साथ ही 92 साल में पहली बार रेल बजट अलग से पेश नहीं हो रहा है. इस बार रेल बजट आम बजट का ही हिस्सा है. नोटबंदी के बाद इस बजट से काफी उम्मीदें हैं. सो लोगों को राहत देने के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं.