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अफोर्डेबल हाउसिंग को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने पर रियल इस्टेट कारोबारी खुश

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अफोर्डेबल हाउसिंग को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' देने पर रियल इस्टेट कारोबारी खुश
नई दिल्ली: इस बजट में किफायती आवासों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दे दिया गया है, जिसकी लंबे समय से मांग हो रही है. रियल इस्टेट में काम करने वाले लोगों ने वित्त मंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्हें उम्मीद है कि इससे इस क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी और हर किसी के घर का सपना अब आसानी से पूरा होगा. किफायती आवास यानी 60 वर्ग मीटर तक एरिया में बने घरों के अब और सस्ते होने की उम्मीद है, क्योंकि बजट में सरकार ने ऐसी आवासीय योजनाओं को बुनियादी ढांचे के स्टेटस दे दिया है.

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रियल इस्टेट कारोबारी पिछले 10 सालों से इसकी मांग कर रहे थे. बिल्डर इसे रियल इस्टेट क्रांति बता रहे हैं. गर्ग ग्रुप के चेयरमैन राघव गर्ग के मुताबिक, 'हमारी लंबे समय से मांग थी की अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस दिया जाए, जिसे सरकार ने मान किया है. ये रियल इस्टेट की दुनिया में बहुत बड़ा कदम है. इससे जरूरतमंदों के लिए घर का सपना आसानी से और सस्ते दामों में पूरा होगा. मैं प्रधानमंत्री का इस कदम के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.'

प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक इस फैसले से निवेशकों को भी फायदा होगा. रहेजा बिल्डर्स के चेयरमैन नवीन रहेजा के मुताबिक सरकार सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग की कमियां ठीक कर दी हैं. रियल इस्टेट कारोबारी को आसानी से और सस्ता लोन मिलेगा. लोन की अवधि भी लंबी होगी. पहले प्रोजेक्ट 3 साल में पूरा करने पर इनकम टैक्स में राहत मिलती थी, जिसे अब 5 साल कर दिया. इस कदम से हमारे देश में आम आदमी को सस्ते मकान खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुत सहूलियत मिलनी जा रही है. जो लोग घर नहीं खरीद पा रहे थे, उनको अब घर खरीदने में आसानी होगी. जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो करोड़ घरों का सपना इस फैसले से पूरा होने की उम्मीद भी है.


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