NDTV Khabar
होम | आम बजट 2019

आम बजट 2019

  • बजट 2019 :  ध्यान राहत के बजाय वृद्धि पर केंद्रित, उद्योग जगत की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं
    उद्योग जगत ने बजट 2019 पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं. उद्योगपतियों ने कहा है कि यह बजट राहत देने वाला नहीं बल्कि आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित है. कार्पोरेट जगत को इस बजट में कुछ हासिल नहीं हुआ है.
  • जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटकर पूछ लिया- 1 करोड़ रुपये कैश में निकाल कर कोई क्या करेगा
    बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को सवालों के जवाब दिए. उनसे पूछा गया कि सरकार इतने बड़े बहुमत के साथ आई है लेकिन मीडिल क्लास के उम्मीदों को दरकिनार करते हुए 1 करोड़ रुपये बैंक से निकालने पर 2 फीसदी का टीडीएस लगा दिया साथ ही पेट्रोल-डीजल पर भी एक्साइज ड्यूटी को बढ़ा दिया है. इस पर वित्त मंत्री ने उल्टा सवाल पूछ लिया कि आप 1 करोड़ रुपये कैश निकालकर क्या करोगे मुझे समझ नहीं आ रहा है.
  • Budget 2019 Speech: यहां पढ़ें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पूरा भाषण
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट को ‘देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ’ बनाने वाला करार दिया और कहा कि इस बजट में आर्थिक सुधार, नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ गांव एवं गरीब का कल्याण भी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, ‘इस बजट से गरीब को बल मिलेगा और युवाओं को बेहतर कल मिलेगा. इस बजट के माध्यम से मध्यम वर्ग को प्रगति मिलेगी. विकास की रफ्तार को गति मिलेगी.’ उन्होंने कहा कि यह बजट उद्यमियों और उद्यमों को मजबूत बनाएगा तथा देश में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाएगा.
  • देश के विकास का 'पावरहाउस' बनेगा गरीब... PM मोदी ने बजट पर कही ये 10 खास बातें
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट को देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला करार दिया और कहा कि इस बजट में आर्थिक सुधार, नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ गांव एवं गरीब का कल्याण भी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में आम बजट प्रस्ताव पेश किये जाने के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी.
  • Budget 2019: अमीरों पर लगाम, मध्‍यम वर्ग को थोड़ी राहत और गांव-गरीब-महिला पर मेहरबान
    सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत कर दिया है. पहले इसके 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.3 प्रतिशत किया जा रहा है. सरकार ने फरवरी में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.
  • Budget 2019: दो साल में सरकार बनाएगी 1 करोड़ 95 लाख घर, इन घरों में होंगी ये सुविधाएं
    Budget Highlights: वित्त मंत्री ने ग्रामीण सड़कों को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 1.25 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों का उन्नतिकरण किया जाएगा. इसकी अनुमानित लागत 80,250 करोड़ रुपये है.
  • बजट 2019: टैक्‍स स्‍लैब नहीं बदला, घर-गाड़ी खरीदने पर छूट की घोषणा
    बैंकों से एक साल में एक करोड़ रुपये की अधिक की निकासी पर अब दो फीसदी टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) लगेगा. यानी, बैंकों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी करने पर दो फीसदी कर चुकाना पड़ेगा. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए एक साल में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी पर दो फीसदी टीडीएस लगाने की घोषणा की.
  • Budget 2019: 'न खाता न बही, जो निर्मला कहें वो सही ': बजट पर योगेंद्र यादव ने कसा तंज
    निर्मला सीतारमण ने करीब 2 घंटे 15 मिनट का भाषण दिया. बजट पेश करने से पहले उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था.
  • बजट 2019 :  प्रचंड बहुमत पाने वाली मोदी सरकार ने आपको क्या दिया, 10 प्वाइंट्स में जानें
    'गांव, गरीब और किसान' तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘‘अधिक सरल’’ बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है. बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2019-20 के अपने बजट भाषण में कहा कि हालिया चुनाव में एक आकर्षक और मजबूत भारत की उम्मीदें लहरा रही थीं और लोगों ने एक ऐसी सरकार को चुना जिसने काम कर के दिखाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने पहले कार्यकाल में ‘न्यू इंडिया’ के लिए काम शुरू कर दिया था. अब इन कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी और आगे चलकर लालफीताशाही को और कम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में काम को पूरा कर के दिखाया. आम चुनाव में मतदाताओं ने काम करने वाली सरकार के पक्ष में मत दिया.
  • Budget Highlights 2019: निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को दिया तोहफा, बनेगी नई समिति
    Union Budget 2019 Highlights: वित्त मंत्री ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि यह समिति देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उपाय सुझाएगी. साथ ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहयोग करेगी.
  • बजट 2019: आधार कार्ड से भी भर सकेंगे आयकर रिटर्न, भारतीय पासपोर्ट वाले NRI को मिलेगा तत्काल आधार कार्ड
    ‘गांव, गरीब और किसान’ तथा प्रत्येक नागरिक के जीवन को ‘अधिक सरल’ बनाने के लक्ष्य के साथ पेश किए गये नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मीडिया, विमानन, बीमा और एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को उदार करने का प्रस्ताव किया गया है. बजट में बुनियादी आर्थिक और सामाजिक ढांच के विस्तार, पेंशन और वीमा योजाओं को आम लोगों की पहुंच के दायरे में ले जाने के विभिन्न प्रस्ताव किए गए है.
  • Budget 2019 Highlights: बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- भारत का कर्ज GDP के 5% से भी कम
    बजट में राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि तथा रोजगार सृजन को गति देने पर सरकार का जोर रह सकता है. राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के लिये कर दायरा बढ़ाने और अनुपालन बेहतर करने के इरादे से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर 40 प्रतिशत की एक नई दर से कर लगाया जा सकता है.
  • Budget 2019: मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट में भारतीय रेलवे को क्या मिला? यहां पढ़ें
    उन्होंने यात्री और माल ढुलाई सेवाओं में तेजी से विकास करने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) का प्रस्ताव दिया. सीतारमण ने कहा, 'अनुमान है कि 2018-2030 के बीच रेलवे की आधारभूत संरचना के लिए 50 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत है.'
  • बजट 2019: बैंक, स्वास्थ्य, किसान, शिक्षा से जुड़े हुए बड़े ऐलान, पढ़ें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण की 12 खास बातें
    सरकार के प्रत्येक कार्य एवं योजना के केन्द्र में ‘‘गांव, गरीब और किसान’’ होने का दावा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली का कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी. वित्त मंत्री ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘‘हम जो भी करते हैं, सरकार के प्रत्येक कार्य एवं प्रत्येक योजना के केन्द्र में गांव, गरीब और किसान होता है.’’ उन्होंने कहा कि जो लोग कनेक्शन नहीं लेना चाहते, उन्हें छोड़कर 2022 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार में बिजली कनेक्शन और स्वच्छ ईधन आधारित रसोई सुविधा होगी. सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 80,250 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1,25000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2019-20 से 2021-22 तक पात्रता रखने वाले लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान मुहैया कराये जाएंगे. इनमें रसोई गैस, बिजली एवं शौचालयों जैसी सुविधा होगी.
  • बजट 2019 : अमीरों पर नया सरचार्ज, सोना और पेट्रोल-डीजल पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट भाषण पढ़ रही हैं. अब तक के अपने भाषण में उन्होंने सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए कई बातों का ऐलान किया है. इससे पहले  उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था. इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है.
  • लाल रंग के कपड़े में बजट, मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन ने कहा- यह बही-खाता है
    पुरानी परंपरा को बदलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में रखने के बजाए एक लाल रंग के कपड़े में रखा है जिस पर 'अशोक चिन्ह' बना हुआ है. इस पर  मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है. यह एक भारतीय परंपरा है. यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है. यह बजट नहीं है, 'बही खाता' है. गौरतलब है कि 11 बजे निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है और इस बजट से जनता को काफी उम्मीदें हैं. लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को प्रचंड बहुमत मिला है तो इसमें सबसे बड़ा हाथ कल्याणकारी योजनाओं का भी रहा है. लेकिन इन योजनाओं के लिए पैसा काफी कम है और उम्मीद है कि इसमें फंड बढ़ाने की घोषणा होगी. लेकिन आर्थिक हालात और राजकोषीय घाटा कम करने का भी लक्ष्य रखा है, इसको देखते हुए सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी.
  • बजट से पहले शेयर मार्केट में भारी उछाल, सेंसेक्स ने पार किया 40 हजार का आंकड़ा
    शुक्रवार की सुबह शुरुआत में सेंसेक्स 119.15 अंकों की बढ़त के साथ 40,027.21 पर खुला. गुरुवार को कारोबार के आखिर में प्रमुख संवेदी सूचकांक लगातार चौथे दिन तेजी के साथ बंद हुआ. प्रमुख सूचकांकों में पिछले सत्र के मुकाबले मामूली बढ़त दर्ज की गई.
  • 'भारत को 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यस्था बनने के लिए 8 फीसदी विकास दर की दरकार'
    मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को अगले पांच के दौरान आठ फीसदी आर्थिक विकास दर की दरकार है. उन्होंने कहा कि इसी के मद्देजनर आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में प्रमुख संचालक के रूप में निवेश पर जोर दिया गया है.
  • पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने आर्थिक सर्वेक्षण को बताया निराशाजनक, कहा- मुझे चिंता है कि
    वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा कि नई वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश पहले आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में अध्याय एक के अंक एक का पहला वाक्य खुद को मुबारकवाद देने वाला है. उन्होंने कहा कि  मैंने 2019-20 के आउटलुक को ढूंढा. यह अध्याय-एक के अंक दो में है, लेकिन यह सिर्फ अरोचक बयान है कि 2019-20 में आर्थिक विकास दर सात फीसदी रहने की उम्मीद है. क्षेत्रवार कोई विकास अनुमान नहीं है. 
  • मोदी-2 सरकार के पहले बजट में इन क्षेत्रों को गति देने पर होगा जोर, 10 बड़ी बातें
    वैश्विक स्तर पर नरमी और मानसून की चिंता के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश करेंगी. बजट में राजकोषीय घाटे को काबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि तथा रोजगार सृजन को गति देने पर सरकार का जोर रह सकता है. राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के लिये कर दायरा बढ़ाने और अनुपालन बेहतर करने के इरादे से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर 40 प्रतिशत की एक नई दर से कर लगाया जा सकता है. नौकरीपेशा लोगों के लिये महत्वपूर्ण आयकर के मोर्चे पर कर स्लैब में बदलाव की उम्मीद की जा रही है. 2019-20 के अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देने की घोषणा की गयी थी. फिलहाल 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत, 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से ऊपर आय पर कर की दर 30 प्रतिशत है. 
«123456»

Advertisement

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com